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Summary
महिलाओं ने धरना प्रदर्शन किया और शराब का ठेका हटाने के लिए लड़े।
From the report
और धर्ना प्रदर्शन वहां पर लगातार 3-4 जिन तक चंत आई था। इतनी कड़ूब धूप थी फिर भी महिलाय डटी रही वहां पर। है यहां से हम लोगों ध्डा गोजी बास ले दॉरियल घल्दे दौरियल घले वहां से सब अधार प्रधान सब जुटल्थ मदद करता बना सब कल आएं तो आ नहीं विकलों पर लोग कमाँ भी के मोहन करते थे बाते पहले से बहुत सांति दी दी बहुत अच्छा बहुत अच्छा खुशी ज्यादा खत्म हो जाएं इससे पहले दूख था क्या ना ही दूख का हम तो कहा था कि सही भयल ठीक याति तो घर पर झगड़ा करते थे लीजिए लड़ते थे वह सब बंद है जहां से जनसाक्या ज्यादा रहती वहाँ पुछा आप सर खूलता है दुशरात लेकर आए फिर अ कमिस्टर आफिस गए थे वहां पर तो कह लें जाइए जो करेंगे तो सोडी हम ही करेंगे और सब नहीं करेंगे हम तो डिएम के नीचे हैं तब लोगों ने डिएम आफिस दुबारा गए तो उसके बाद नेट पर चड़वाए कागत वहां से मालून करें कि अपने बात नहीं वहां से फोन आए सभी प्रशासन यहां से गायव होकर सभी गायव नहीं है लड़के लड़के सब पढ़ने जाते थे, सब पीप का उलटा सीधा बोलते थे, लड़के उसको थोड़ा तकलीब करते हैं. अब क्या इसकी थी? अब इस थादि बढ़िया है, कोई किसी को बार भागा. बढ़िया में क्या है? बढ़ियां में यह है कि फुला नहीं है तो जो टी के आते थे धर पे जगड़ा करते थे बीबी से लड़ते थे वो सब बंद है जीते हैं लेकिन पहले जितना पीटे थे इतना नहीं है आप खुश होगी हम तक खुश हैं
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महिलाओं ने धरना प्रदर्शन किया और शराब का ठेका हटाने के लिए लड़े।
From the report
और धर्ना प्रदर्शन वहां पर लगातार 3-4 जिन तक चंत आई था। इतनी कड़ूब धूप थी फिर भी महिलाय डटी रही वहां पर। है यहां से हम लोगों ध्डा गोजी बास ले दॉरियल घल्दे दौरियल घले वहां से सब अधार प्रधान सब जुटल्थ मदद करता बना सब कल आएं तो आ नहीं विकलों पर लोग कमाँ भी के मोहन करते थे बाते पहले से बहुत सांति दी दी बहुत अच्छा बहुत अच्छा खुशी ज्यादा खत्म हो जाएं इससे पहले दूख था क्या ना ही दूख का हम तो कहा था कि सही भयल ठीक याति तो घर पर झगड़ा करते थे लीजिए लड़ते थे वह सब बंद है जहां से जनसाक्या ज्यादा रहती वहाँ पुछा आप सर खूलता है दुशरात लेकर आए फिर अ कमिस्टर आफिस गए थे वहां पर तो कह लें जाइए जो करेंगे तो सोडी हम ही करेंगे और सब नहीं करेंगे हम तो डिएम के नीचे हैं तब लोगों ने डिएम आफिस दुबारा गए तो उसके बाद नेट पर चड़वाए कागत वहां से मालून करें कि अपने बात नहीं वहां से फोन आए सभी प्रशासन यहां से गायव होकर सभी गायव नहीं है लड़के लड़के सब पढ़ने जाते थे, सब पीप का उलटा सीधा बोलते थे, लड़के उसको थोड़ा तकलीब करते हैं. अब क्या इसकी थी? अब इस थादि बढ़िया है, कोई किसी को बार भागा. बढ़िया में क्या है? बढ़ियां में यह है कि फुला नहीं है तो जो टी के आते थे धर पे जगड़ा करते थे बीबी से लड़ते थे वो सब बंद है जीते हैं लेकिन पहले जितना पीटे थे इतना नहीं है आप खुश होगी हम तक खुश हैं
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