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Summary
लोगों को AIIMS दिल्ली में लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है, जिससे उन्हें अपने बच्चों का इलाज नहीं मिल पा रहा है। सरकार के ऑनलाइन अपॉइंटमेंट सिस्टम की कमियों के कारण लोगों को लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है।
From the report
भतीजा है मेरा अंदर है उसको अंदर लिटा रखा है, तीन महीने का यहाँ है कहां से आये हुआ? मुरादवस आये दिखाते हैं कि इनके बच्चा खांपे तो यहां पर यह तो आप देखी लेते हैं देख लेते हैं अ कि कौन पर इस साइड में सामने अरे यहां पर भी काफी लोग लेटे यहां अब कि भी कोई बोल रहा था भारते इनको भगा दिया जाता है फिर वापस आगे लेट जाते हैं तो कितनी दिर पहले साइड नात को यह शाम को बगा देती तो यहां पर लोग दिख रहा होगा यहीं पर इनकी फैमिली होगी यहां पर आपके मैं कहां पर है कि मैंने लेटे हुए गोंसों कि देख रहे होगे यह उसके अंदर के प्रदेशर ने पेजरी लेटे हैं शिथी तब पेशेंड यह एक हिस्सा यह चोटा बच्चा भी आप देखो गई यहीं पर लेटने पर मजबूर 4 नंबर नहीं लगता है ना बेल बहुत लग जाती है एक सिस्टम नहीं बना पा रही है सरकार ना कि इनको लाइन में लगना बुक कर लें अपना यह पॉइंटमेंट लगता है कभी आपके कटूआ करने के लिए जैसे आप यह भी दिखता है अगर वे लेते तो फिर उसमें टाइम लगता है फिर ऑनलाइन अपोइंटमेंट सिस्टम का फायदा किया है जो सरकार ने बना रखा है तो वह पता नहीं वह फिर तारीक लंभी मिलते 15 दिन 30 दिन 25 दिन 20 दिन उस तरीके से सरकार का ही काम होना चाहिए लाइक एटलिश बच्चे को यहां सोना पड़े और यह इसलिए आप इतनी जल्दी आए क्योंकि लाइन में लगना है डॉक्टर कितने बदलेंगे डॉक्टर तो पता नहीं है भी फर्स्ट टाइम आया है फर्स्ट टाइम वालों को ज्यादा दिक्कत होती है पर मैंने देखा है क्योंकि सेकंड टाइम के लिए तो ऑनलाइन अपोइंटमेंट मिल जाता है रात के एक बजे से आए भी हम पर टाइम वह लोगों तो बिल्कुल लगना ही पड़ेगा लाइन में और नई पर्ची बनती है क्योंकि फिर उसका दूस…
Lead take from Harsh Yadav · always check the original on YouTube
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Summary
लोगों को AIIMS दिल्ली में लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है, जिससे उन्हें अपने बच्चों का इलाज नहीं मिल पा रहा है। सरकार के ऑनलाइन अपॉइंटमेंट सिस्टम की कमियों के कारण लोगों को लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है।
“यह एक हिस्सा यह चोटा बच्चा भी आप देखो गई यहीं पर लेटने पर मजबूर 4 नंबर नहीं लगता है ना बेल बहुत लग जाती है एक सिस्टम नहीं बना पा रही है सरकार ना कि इनको लाइन में लगना बुक कर लें अपना यह पॉइंटमेंट लगता है कभी आपके कटूआ करने के लिए”From the report
भतीजा है मेरा अंदर है उसको अंदर लिटा रखा है, तीन महीने का यहाँ है कहां से आये हुआ? मुरादवस आये दिखाते हैं कि इनके बच्चा खांपे तो यहां पर यह तो आप देखी लेते हैं देख लेते हैं अ कि कौन पर इस साइड में सामने अरे यहां पर भी काफी लोग लेटे यहां अब कि भी कोई बोल रहा था भारते इनको भगा दिया जाता है फिर वापस आगे लेट जाते हैं तो कितनी दिर पहले साइड नात को यह शाम को बगा देती तो यहां पर लोग दिख रहा होगा यहीं पर इनकी फैमिली होगी यहां पर आपके मैं कहां पर है कि मैंने लेटे हुए गोंसों कि देख रहे होगे यह उसके अंदर के प्रदेशर ने पेजरी लेटे हैं शिथी तब पेशेंड यह एक हिस्सा यह चोटा बच्चा भी आप देखो गई यहीं पर लेटने पर मजबूर 4 नंबर नहीं लगता है ना बेल बहुत लग जाती है एक सिस्टम नहीं बना पा रही है सरकार ना कि इनको लाइन में लगना बुक कर लें अपना यह पॉइंटमेंट लगता है कभी आपके कटूआ करने के लिए जैसे आप यह भी दिखता है अगर वे लेते तो फिर उसमें टाइम लगता है फिर ऑनलाइन अपोइंटमेंट सिस्टम का फायदा किया है जो सरकार ने बना रखा है तो वह पता नहीं वह फिर तारीक लंभी मिलते 15 दिन 30 दिन 25 दिन 20 दिन उस तरीके से सरकार का ही काम होना चाहिए लाइक एटलिश बच्चे को यहां सोना पड़े और यह इसलिए आप इतनी जल्दी आए क्योंकि लाइन में लगना है डॉक्टर कितने बदलेंगे डॉक्टर तो पता नहीं है भी फर्स्ट टाइम आया है फर्स्ट टाइम वालों को ज्यादा दिक्कत होती है पर मैंने देखा है क्योंकि सेकंड टाइम के लिए तो ऑनलाइन अपोइंटमेंट मिल जाता है रात के एक बजे से आए भी हम पर टाइम वह लोगों तो बिल्कुल लगना ही पड़ेगा लाइन में और नई पर्ची बनती है क्योंकि फिर उसका दूस…
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