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गोबरधन योजना का उद्देश्य भारत में वेस्ट और ऑर्गेनिक रेजिड्यू से बनने वाली CBG के उत्पादन को बढ़ाना है।
From the report
आपके घर, बिल्डिंग, होटेल या रेस्टो से हर दिन निकलने वाला गीला कच्रा आमतौर पर कच्रे के ट्रक के थूँ लांडफिल तक पहुँचता है लेकिन अगर इसी कच्रे को डंप करनी की बजाए उससे गैस बनाई जा सके इसके लिए 6 ओगस 2026 को Union Cabinet ने Ministry of Petroleum and Natural Gas के अंडर Goverdans scheme को मनजूरी दी है एक ऐसी scheme जिसका target है कि इंडिया में waste और organic residue से बनने वाली compressed biogas यानि CBG के production को बढ़ाया जा सके लेकिन सवाल यह है कि CBG बनेगी कैसे, इसे खरीदेगा कौन, इसका रेट क्या होगा और सरकार इसके लिए 23,731 करोड का इतना बड़ा आउटले क्यों कर रही है चलिए समझते हैं भारत अपनी नैचरल गास का एक बड़ा हिस्सा इंपोर्ट करता है दूसरी तरफ जिस रॉ मटीरियल से इसी गैस का डॉमेस्टिक अल्टरनेटिव बन सकता है वही शहरों के बाहर लैंडफिल में पढ़ा है या खेत में जला दिया जाता है दरसल CBG टेकनोलॉजी भारत में नई नहीं है देश में 200 से जादा CBG प्लांट्स आलरेडी ओपरेट कर रहे हैं प्रॉबलम प्लांट लगाने की नहीं थी प्रॉबलम थी कि गैस बनने के बाद उसे खरीदेगा कौन और किस दाम पर और जब बायर और प्राइस क्लियर ना हो तो किसी नए प्लांट को बैंक से फाइलेंस करवाना भी मुश्किल होता है। इसी प्रॉब्लम को गोबर्धन स्कीम एड्रेस करने की कोशिश करती है। अब सिटी गैस कंपनी के लिए अपनी गैस में CBG ब्लेंड करना मेंडेटरी होगा 2026 3 2027 4 2028 5 CBG 2027 प्राइस भी फिक्स है कम से कम 10 साल के लिए 2110 रुपए पर एमएपीटी यह प्राइस प्लांट को इसकी सीवीजी के लिए मिलेगा नगी फार्मर्स को गोबर या क्रॉप रेजिडियो के लिए फीड स्टॉक के लिए अ…
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Summary
गोबरधन योजना का उद्देश्य भारत में वेस्ट और ऑर्गेनिक रेजिड्यू से बनने वाली CBG के उत्पादन को बढ़ाना है।
“गोबरधन योजना से शहर का वेस्ट लैंडफिल से निकलेगा और खेत का रेजिड्यू वेस्ट होने की बजाय फ्यूल बनेगा।”From the report
आपके घर, बिल्डिंग, होटेल या रेस्टो से हर दिन निकलने वाला गीला कच्रा आमतौर पर कच्रे के ट्रक के थूँ लांडफिल तक पहुँचता है लेकिन अगर इसी कच्रे को डंप करनी की बजाए उससे गैस बनाई जा सके इसके लिए 6 ओगस 2026 को Union Cabinet ने Ministry of Petroleum and Natural Gas के अंडर Goverdans scheme को मनजूरी दी है एक ऐसी scheme जिसका target है कि इंडिया में waste और organic residue से बनने वाली compressed biogas यानि CBG के production को बढ़ाया जा सके लेकिन सवाल यह है कि CBG बनेगी कैसे, इसे खरीदेगा कौन, इसका रेट क्या होगा और सरकार इसके लिए 23,731 करोड का इतना बड़ा आउटले क्यों कर रही है चलिए समझते हैं भारत अपनी नैचरल गास का एक बड़ा हिस्सा इंपोर्ट करता है दूसरी तरफ जिस रॉ मटीरियल से इसी गैस का डॉमेस्टिक अल्टरनेटिव बन सकता है वही शहरों के बाहर लैंडफिल में पढ़ा है या खेत में जला दिया जाता है दरसल CBG टेकनोलॉजी भारत में नई नहीं है देश में 200 से जादा CBG प्लांट्स आलरेडी ओपरेट कर रहे हैं प्रॉबलम प्लांट लगाने की नहीं थी प्रॉबलम थी कि गैस बनने के बाद उसे खरीदेगा कौन और किस दाम पर और जब बायर और प्राइस क्लियर ना हो तो किसी नए प्लांट को बैंक से फाइलेंस करवाना भी मुश्किल होता है। इसी प्रॉब्लम को गोबर्धन स्कीम एड्रेस करने की कोशिश करती है। अब सिटी गैस कंपनी के लिए अपनी गैस में CBG ब्लेंड करना मेंडेटरी होगा 2026 3 2027 4 2028 5 CBG 2027 प्राइस भी फिक्स है कम से कम 10 साल के लिए 2110 रुपए पर एमएपीटी यह प्राइस प्लांट को इसकी सीवीजी के लिए मिलेगा नगी फार्मर्स को गोबर या क्रॉप रेजिडियो के लिए फीड स्टॉक के लिए अ…
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