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दिल्ली के सिस्टम ने बच्चों को मार डाला, सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरी नहीं, भ्रष्टाचार ने गिराई है, छात्र मजबूर है आज महंगे-महंगे 20 बीस अजार के रेंट पर रहने के लिए, कोई रेगुलेशन नहीं है, कोई नहीं है, होस्टल नहीं है पर इस तरीके से छात्र मजबूर है, कई छात्र परिशान है, उनके उन्हें यह मजबूरन यह वह महंगी पीजी के कारण अपना एडमिशन कैंसल कराना पड़ा है, कुछ छात्र जान पहचाने बच्चे ने आपको भी मालूं रहते हैं
From the report
हास्य में मौत पहली होती है, मैं बार बार कहता हूँ, उसके बाद सिर्फ अभी मेरे भाई से कॉंटेक्ट नहीं हो पा रहा है। मैं पहली बार यहाँ पर जब चाय पीने आई थी, तो मुझे यही था डर, कि कितनी अजीब सी वाइब्स हैं, यहाँ पर कभी भी कोलाप्स हो जाती है। इसका अचानक से फोन बंद हो गया है उसके बाद इसका कोई खबर नहीं है अभी बीते दिनों सिख्षा पर बात होना शुरू हुई फिर सब आपस में लड़ने लग गए, जाती में, धर्म में, फलाना जाती, ढमाका जाती जाके खोजिये कौन सी जाती का है वो नमस्ते अभिनों पांडे नाम है मेरा और ये शाम का वक्त है और अभी भी 7.15 बजे के करीब आप देखेंगे दिल्ली के सत्यानिकेतन के पाद में जो मलबा जो बिल्डिंग गिरी है उसका मलबा निकाया जा रहा है अभी भी कुछ बच्चों के दबे होने की आशंका है। और और उसमें उस वो जक्ली है और वीडियो बनाकर ये बाहर भेजता तो उससे पता लगता है ये और भी लोग है और NDRF की टीम लगातार जुटी हुई है अब आप समझिये कि यह बिल्डिंग उतनी ही बड़ी थी जितनी बड़ी यह बिल्डिंग है। और आप सुचे इतनी पूरी बड़ी बिल्डिंग कोलाब्स कर गई है बताया गया देढ़ बजे के करीबे बिल्डिंग गिरी बताया गया कि नीचे बेस्मेंट में काम चल रहा था आप समझिए इस बात को एक बिल्डिंग में कम सी कम यहाँ सारे किराये पे बच्चे रहते हैं क्योंकि दियू का South Campus यहाँ पे है और साऊथ केंपस की ज़्यादातर बच्चे इनी इलाकों में रहते हैं इतना दोएम दर्जे का यहाँ का सिस्टम है इतना दोएम दर्जे की यहाँ की सुविधाएं हैं और यहां बच्चे हाईली पेड रेंट अगर कहीं बच्चे देते हैं मुनीर का हो, चाहे कटवारिया सराय हो, चाहे बेर सराय हो जहां पे …
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दिल्ली में पीजी में रहने वाले बच्चों की स्थिति दुखद है। उन्हें मजबूरन पीजी में रहना पड़ता है क्योंकि उनके पास हॉस्टल की सुविधा नहीं है।
From the report
यह हकीकत दिखाने के लिए जा रहा है का दरवाजा है आप समझो यह यह जो इस इलाके की बिल्डिंग है आप मैं आया पहली बार तो मुझे दिख गया कि ये दर्ज के दिवारें ऐसी हैं ये दिवारें हैं इस भरोसे पे आपका बच्चा यहाँ पढ़ रहा है, यह बच्चा जो है वो 6 x 6 के 6 x 2 = 3 इस bed पे अपने पैर और चादर से बहुत बड़े सपने लेकर के सोता है, आप यहां सुख रहे हैं? नहीं है। न पिलर है, न बीम है, ना निकलने का कोई रास्ता है आग लग जाए तो भाग नहीं सकते ये मतलब क्या ही कहा जाये? रात के 8 बज रहे हैं और दिल्ली में जो इमारात गिरी सत्यान के तल में उस इमारत में अभी भी rescue operation चल रहा है मलबा इतना ज्यादा है पांच मंजला चार मंजला इमारात बताई जा रही है और उस मंजल उस मलबे को काटना उसमें से carefully जो भी अगर बच सकता है या फिर जो गुणजाईश होगी उसको कैसे बचा करके लिकाला जाए वो सारा rescue operation चल रहा है ये इस देश की आज की तारीख में सबसे बड़ी खबर है। क्यों? और कई के दबे होने के आशंका है। अभी तक एक की मृत्यु की पुष्टि हुई है हम ये दूआ करेंगे कि इससे ज्यादा पुष्टी ना हो जबकि वो बच्चे होते हैं, वो किसी परिवार के, किसी परिवार का सदस्य होता है। उनके भी दबे होने की आशंका है यह रेश्यू आप बत बत बत यह सारा ऑपरेशन चल रहा है अब इसके बाद क्या होगा कुछ एलान किये जाएंगे और यह मेन चौक है सत्या चौक बोलते हैं इसको सत्ता इसको है यह एक बच्चा है, आपको मैं चल के दिखाता हूँ कि जो बच्चे अभी इसमें फसे हैं जिनके फसे होने का शंका है। या जिनको rescue किया जा चुका है अभी तक मेरे देश एक बात बताओ कि कैसी स्थिति है यहाँ …
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