
Summary
शंकराचार्य ने अमन चोपड़ा को अपने भक्तों से पिठवा दिया, जो कि एक वीडियो है जिसमें अमन चोपड़ा ने शंकराचार्य को मुस्लिम बनाने की कोशिश की थी।
From the report
शंकराचार अविमुक्तेश्वरानन जी ने अमन चोपड़ा को अपने भक्तों से पिठवा दिया, यही खबर आपको सब जगए दिखाई देगी और इसी तरह से दिखाई देगी, क्योंकि अमन चोपड़ा ने महौल यह सा बनाया था, अब यह अपना पेज बनाता है उस पर हिट मार के कॉकरेज मारने की वीडियो डालता है और फिर यह अमीद करता है कि स्टूडेंट्स इसको रोस्ट ना करें शंकराचारे के पास जब ये जाता है उसके बाद ये thumbnail क्या बनाता है अविमुक्तेश्वरानुद्दीन यानि इस व्यक्ति के पास शंकराचारे को भी मुस्लिम बनाने की लिबर्टी है क्या ये सनातन का अपमान नहीं है मगर इस आदमी से नहीं पूछा जाएगा जब शंकराचारे पलट केस से पूछते हैं कि आपने वीडियो देखा जिसमें एक पुलिस वाला प्रोटिस्टर छात्राओं के पिछले हिस्से में लाठी देने का कारे कर रहा था तो नहीं नहीं मैंने तो यह वीडियो नहीं देखा छात्र पीटे गए वो वीडियो देखा और जिन्होंने लाठियां खाई वह तमाम फीमेल प्रोटेस्टर जिनको असॉल्ट किया गया उस सब के बारे में इस आदमी ने कुछ भी नहीं बोला और इसी तरीके की सिलेक्टिव पत्रकारिता को गोधी मीडिया कहते हैं और शंकराचारण तो इन्हें दलाल कहा तो फिर ने क्यों समस्या हुई सवाल सिर्फ इतना सा है कि मीडिया का काम जनता के लिए
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Summary
शंकराचार्य ने अमन चोपड़ा को अपने भक्तों से पिठवा दिया, जो कि एक वीडियो है जिसमें अमन चोपड़ा ने शंकराचार्य को मुस्लिम बनाने की कोशिश की थी।
“मीडिया का काम जनता के लिए”From the report
शंकराचार अविमुक्तेश्वरानन जी ने अमन चोपड़ा को अपने भक्तों से पिठवा दिया, यही खबर आपको सब जगए दिखाई देगी और इसी तरह से दिखाई देगी, क्योंकि अमन चोपड़ा ने महौल यह सा बनाया था, अब यह अपना पेज बनाता है उस पर हिट मार के कॉकरेज मारने की वीडियो डालता है और फिर यह अमीद करता है कि स्टूडेंट्स इसको रोस्ट ना करें शंकराचारे के पास जब ये जाता है उसके बाद ये thumbnail क्या बनाता है अविमुक्तेश्वरानुद्दीन यानि इस व्यक्ति के पास शंकराचारे को भी मुस्लिम बनाने की लिबर्टी है क्या ये सनातन का अपमान नहीं है मगर इस आदमी से नहीं पूछा जाएगा जब शंकराचारे पलट केस से पूछते हैं कि आपने वीडियो देखा जिसमें एक पुलिस वाला प्रोटिस्टर छात्राओं के पिछले हिस्से में लाठी देने का कारे कर रहा था तो नहीं नहीं मैंने तो यह वीडियो नहीं देखा छात्र पीटे गए वो वीडियो देखा और जिन्होंने लाठियां खाई वह तमाम फीमेल प्रोटेस्टर जिनको असॉल्ट किया गया उस सब के बारे में इस आदमी ने कुछ भी नहीं बोला और इसी तरीके की सिलेक्टिव पत्रकारिता को गोधी मीडिया कहते हैं और शंकराचारण तो इन्हें दलाल कहा तो फिर ने क्यों समस्या हुई सवाल सिर्फ इतना सा है कि मीडिया का काम जनता के लिए
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