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इस डॉक्यूमेंटरी में डीआरजी जवानों ने अपने जवाब दिए हैं जो कहते थे कि जो इस तरह की हरकतें करते हैं वे बढ़ेगी और हत्यार उठाएगा तो उतने लोगों को मार देंगे
From the report
तुम्हें खिडमा मारो हरघड से हिर्मा पैदा होगा इस डॉक्यूमेंटरी को देखकर सर खासकर जो मतलब हिर्मा के प्रोटेस हुआ था दिल्ली में उसके लिए सबसे बेस्ट तमाचा है सर यह डॉक्यूमेंटरी क्योंकि यह बेस्ट है सर उनके लिए जवाब जो कहते थे एक तुम्हें खिड़मा मारो हर घर से हिरमा पैदा होगा यह उनके लिए बेस्ट है सर जवाब आप क्या जवाब देते हैं जी हमारे तरफ से तो जवाब सर हम दे दिए हैं आप उस इतने घर से हिरमा निकलेशन जी मतलब आप इस डोक्यूमेंटरी दर्शा के सर आप बता दिए हैं हमारा जवाब हम जो लोगों को देना चाहते थे वह आप इस डॉक्यूमेंटरी से दे चुके हैं जवाब बबिता डी आर्जी की जवाब यह नारे नहीं लगाती यह जवाब देते हैं कि जो इस तरीके की कर हरकत दरुशिकला बढ़ेगा यह हत्यार उठाएगा तो उतने लोगों को मार देंगे या सरकार ने तो सररेंडर करा आया सरकार की पॉलिसी बहुत अच्छी रही यहां पर कि अपने की तरह ट्रीट किया जो नहीं मान रहे थे तो जो गोली जो माने गोली से और जो बोलीजोस बॉलेस है ना काफी लोगों फॉर ऑपरेसउन में तुम रही यह बहुत सारे सरी जर एंड्री के ऑपरेस़न में थी गंगा-लूर के और मद्देड़ और अन्नापूर सर इधर अघुजमाण एरिया बहुत सब्सक्राइब करते हैं मतलब नहीं यहां पर डर नहीं हार ना नहीं है तो कमजोर नहीं होना है ऐसे हमारे भाईया तो लोग भी बहुत मोटिवेट करते थे इस तरह डेट दो हुआ है
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कि बाहर के लोगों के लिए ना लोगों को लगता कि बहुत खुंकार नकसल है यह है वह फलाना अडम का बड़ी परिस्थितियों पर कभी बात नहीं हुई कि यह क्यों उनको जाना पड़ा या क्यों यह महवादी पार्टी में शामिल हुए तो उसके सारी प्रस्थितियां उसको समझने के लिए आपको पूरी डॉक्यूमेंटरी देखनी पड़ेगी
“कि बाहर के लोगों के लिए ना लोगों को लगता कि बहुत खुंकार नकसल है”From the report
कि बाहर के लोगों के लिए ना लोगों को लगता कि बहुत खुंकार नकसल है यह है वह फलाना अडम का बड़ी परिस्थितियों पर कभी बात नहीं हुई कि यह क्यों उनको जाना पड़ा या क्यों यह महवादी पार्टी में शामिल हुए तो उसके सारी प्रस्थितियां उसको समझने के लिए आपको पूरी डॉक्यूमेंटरी देखनी पड़ेगी ब्रीफ में बता देता हूं कि उस समय इस इलाके में बहुत बड़ी संख्या में महवादी थे और बहुत अपने आसपास की चीजों को जो देखता और उसी तरीके से तो सीखता है और बहुत लोग दबाव में भी गये क्यूंकि उनका दबाव होता था हर परिवार से बच्चा लेने की और बहुत लोग स्वयक्षा से भी गये लेकिन स्वयक्षा से भी जो लोग गये उनकी परिस्थिती को आप समझेए कि आपके आसपास उसको यही लग रहा है कि कालीवर्दी वाले ही सरकार होते हैं, उसको आसपास ही लग रहा है कि ये लोग बड़े लोग होते इनका सम्मान होता है तो अपने को भी ऐसा ही बनना है क्योंकि इनके पास एग्जांपल ही नहीं था क्योंकि अंदर सरकार जब पहुची नहीं थी तो ये तो बहुत सारे ऐसे लोग है जो इनको ने जीवन में पहली बार ट्रेन नहीं देखी होगी या बहुत सारे ऐसे लोग हैं तो इसकी मनोदशा को समझने के लिए आपको बहुत डीप डाउन जाना पड़ेगा तब आपको समझ में आएगा कि आदिवासी इलाकिये के लोगों का इस तरीके से इस्तमाल किया गया जबकि इनको नहीं पता माओ की विचारधारा क्या है इन तब से इसको नमस्ते तो कहें। दिल्लीति ना वक्त वर वेडू, मीडिया टीम तरवरू, वेडा खेटू नमस्कार सब्भित वर केनू, वेडमे नमस्ते कीम तू.
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