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Summary
नालसर के 2026 बैच के छात्रों का एडवोकेट के तौर पर नामांकन रोक दिया गया है। बार काउंसिल आफ इंडिया ने सभी स्टेट बार काउंसिल को निर्देश दिया था कि नालसर से 2026 में कानून की डिग्री लेने वाले किसी छात्र का पिलहाल एडवोकेट के तौर पर नामांकन ना किया जाए।
From the report
सोशल मीडिया का दबाव कैसे काम करता है या आज फिर सामने आया जब हम ये खबर रिकॉर्ड कर रहे हैं उसके कुछ घंटे पहले खबर आये कि देश के टॉप लॉ स्कूल्स में शामिल नालसर के 2026 बैच के छात्रों का एडवोकेट के तौर पर नामांकन रोग दिया किया है. बार काउंसिल आफ इंडिया ने सभी स्टेट बार काउंसिल को निर्देश दिया था कि नालसर से 2026 में कानून की डिग्री लेने वाले किसी छात्र का पिलहाल एडवोकेट को तोर पर नामांकन ना किया जाए यानि डिगरी हाथ में लेकिन वकालत का रास्ता बन वजए थी 4.5 से ज़्यादा छात्रों का एक विरोध इन छात्रों ने चीफ जस्टिस ओफ इंडिया सूरीकांत को नाल सर की कर्मोकेशन में चीफ केस्ट बनाय जाने का विरोध किया था अपत्ती जिताई थी चात्रों ने साफ कहा था कि उनका विरोध CGI के पत्स से नहीं है आपत्ती सूरी कांथ के कुछ हालिया मामलों में अपनायेगे रुक और कथित टिपडीयों को लेकर है उन्होंने जंतर मंतर प्रतरशन से जुड़े एक मामले की सुनवाई का हवारा दिया और पुलिस कारवाय की वीडियो देखने से इंकार किये जाने के सवाल उठाए। यानि छात्रों ने अपनी असहमती दरश कराई और BCI ने पूरे मामले की जाज शुरू करने के साथ ही पूरे 2026 बैश के नामांकन पर रुक लगा दी। BCI اپنی اسہمتی جتاتے ہیں تو کیا جواب ان کے پیشے ور بھوش پر روک لگانا ہونا چاہیے بہانت طرح سے چوتھ رفعہ ویروت ہونے لگا کوکرو جنتہ پارٹی نے بھی بی سی آئی کے دفتر اور چیئرمین کے آواز کے باہر پردرشن کرنے کے چہتاب نہیں دے دی اور پھر کیا ہوا بی سی آئی نے کچھ گھنٹوں میں ہی اپنا پچھلا آدیش بدل لیا نئے آدیش کے مطابق نال سار کے دوزار چھبیس میں پاس ہوئے سبھی چھاتر اپنی پسند کی سٹیٹ بار کانسل و نام…
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नालसर के 2026 बैच के छात्रों का एडवोकेट के तौर पर नामांकन रोक दिया गया है। बार काउंसिल आफ इंडिया ने सभी स्टेट बार काउंसिल को निर्देश दिया था कि नालसर से 2026 में कानून की डिग्री लेने वाले किसी छात्र का पिलहाल एडवोकेट के तौर पर नामांकन ना किया जाए।
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सोशल मीडिया का दबाव कैसे काम करता है या आज फिर सामने आया जब हम ये खबर रिकॉर्ड कर रहे हैं उसके कुछ घंटे पहले खबर आये कि देश के टॉप लॉ स्कूल्स में शामिल नालसर के 2026 बैच के छात्रों का एडवोकेट के तौर पर नामांकन रोग दिया किया है. बार काउंसिल आफ इंडिया ने सभी स्टेट बार काउंसिल को निर्देश दिया था कि नालसर से 2026 में कानून की डिग्री लेने वाले किसी छात्र का पिलहाल एडवोकेट को तोर पर नामांकन ना किया जाए यानि डिगरी हाथ में लेकिन वकालत का रास्ता बन वजए थी 4.5 से ज़्यादा छात्रों का एक विरोध इन छात्रों ने चीफ जस्टिस ओफ इंडिया सूरीकांत को नाल सर की कर्मोकेशन में चीफ केस्ट बनाय जाने का विरोध किया था अपत्ती जिताई थी चात्रों ने साफ कहा था कि उनका विरोध CGI के पत्स से नहीं है आपत्ती सूरी कांथ के कुछ हालिया मामलों में अपनायेगे रुक और कथित टिपडीयों को लेकर है उन्होंने जंतर मंतर प्रतरशन से जुड़े एक मामले की सुनवाई का हवारा दिया और पुलिस कारवाय की वीडियो देखने से इंकार किये जाने के सवाल उठाए। यानि छात्रों ने अपनी असहमती दरश कराई और BCI ने पूरे मामले की जाज शुरू करने के साथ ही पूरे 2026 बैश के नामांकन पर रुक लगा दी। BCI اپنی اسہمتی جتاتے ہیں تو کیا جواب ان کے پیشے ور بھوش پر روک لگانا ہونا چاہیے بہانت طرح سے چوتھ رفعہ ویروت ہونے لگا کوکرو جنتہ پارٹی نے بھی بی سی آئی کے دفتر اور چیئرمین کے آواز کے باہر پردرشن کرنے کے چہتاب نہیں دے دی اور پھر کیا ہوا بی سی آئی نے کچھ گھنٹوں میں ہی اپنا پچھلا آدیش بدل لیا نئے آدیش کے مطابق نال سار کے دوزار چھبیس میں پاس ہوئے سبھی چھاتر اپنی پسند کی سٹیٹ بار کانسل و نام…
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