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Summary
इस देश के बहुत ही बड़े तपके के लिए बहुत मायने रखती है मिड्डे मील की जब इस योजना की सुरुवात हुई, तब देश में कुछ पोशन जैसी समस्या को समाप्त करने के उद्देश्य से इस योजना की सुरुवात हुई थी
From the report
हो सकता है ये ख़बर आपके लिए कुछ भी मायने न रखती हो लेकिन इस देश के बहुत ही बड़े तपके के लिए बहुत मायने रखती है मैं बात कर रहा हूँ मिड्डे मील की जब इस योजना की सुरुवात हुई, तब देश में कुछ पोशन जैसी समस्या को समाप्त करने के उद्देश्य से इस योजना की सुरुवात हुई थी साथ ही बच्चों का स्कूल की और ध्यान बढ़ाने के लिए भी मिड्डे मील की सुरुवात हुई थी जो आज PM पोसन योजना के नाम से जानी जाती है आपने सीतापूर का ये वीडियो देखा होगा जहां बच्चों को थाली में पानी और आलू परोसा गया इस वीडियो को देखने के बाद क्या देश के जिम्मेदार लोगों को थोड़ी बहुत सरमाई होगी बिल्कुल नहीं आई होगी और जिनोंने ये करते क्या है क्या उन्हें सरमाई होगी बिल्कुल नहीं आई होगी क्योंकि इस तरह की गटनाएं यह पहली बार नहीं हुई है इससे पहले भी दो बाल्टी पानी में आपने दो पैकेट दूद मिलता हुआ देखा होगा इससे पहले भी आपने साप, चिपकलिया, खाने में पड़ी हुई देखी होगी जिससे बच्चे बिमार हुए होंगे क्या जिम्मेदाल लोगों पर कोई प्रभाव पड़ा? नहीं पड़ा और पड़ेगा? रुपए की रोटी किसी धाबे से खरीद रहे हो वहां सरकारे सरकारी स्कूलों में बच्चों के कुपोशन को खत्म करने के लिए साथ रुपए और दस रुपए प्रति बच्चा खर्च कर रही है यह बात कहना भी बच्चों के साथ योजना पीएम पोषण जैसी योजना सुधर सकती है मुझे नहीं लगता आपको क्या लगता कमेंट बॉक्स में बताईए देखते रहे हैं देहा दडडा
Lead take from Dehat Adda · always check the original on YouTube
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इस देश के बहुत ही बड़े तपके के लिए बहुत मायने रखती है मिड्डे मील की जब इस योजना की सुरुवात हुई, तब देश में कुछ पोशन जैसी समस्या को समाप्त करने के उद्देश्य से इस योजना की सुरुवात हुई थी
“इस तरह की गटनाएं यह पहली बार नहीं हुई है”From the report
हो सकता है ये ख़बर आपके लिए कुछ भी मायने न रखती हो लेकिन इस देश के बहुत ही बड़े तपके के लिए बहुत मायने रखती है मैं बात कर रहा हूँ मिड्डे मील की जब इस योजना की सुरुवात हुई, तब देश में कुछ पोशन जैसी समस्या को समाप्त करने के उद्देश्य से इस योजना की सुरुवात हुई थी साथ ही बच्चों का स्कूल की और ध्यान बढ़ाने के लिए भी मिड्डे मील की सुरुवात हुई थी जो आज PM पोसन योजना के नाम से जानी जाती है आपने सीतापूर का ये वीडियो देखा होगा जहां बच्चों को थाली में पानी और आलू परोसा गया इस वीडियो को देखने के बाद क्या देश के जिम्मेदार लोगों को थोड़ी बहुत सरमाई होगी बिल्कुल नहीं आई होगी और जिनोंने ये करते क्या है क्या उन्हें सरमाई होगी बिल्कुल नहीं आई होगी क्योंकि इस तरह की गटनाएं यह पहली बार नहीं हुई है इससे पहले भी दो बाल्टी पानी में आपने दो पैकेट दूद मिलता हुआ देखा होगा इससे पहले भी आपने साप, चिपकलिया, खाने में पड़ी हुई देखी होगी जिससे बच्चे बिमार हुए होंगे क्या जिम्मेदाल लोगों पर कोई प्रभाव पड़ा? नहीं पड़ा और पड़ेगा? रुपए की रोटी किसी धाबे से खरीद रहे हो वहां सरकारे सरकारी स्कूलों में बच्चों के कुपोशन को खत्म करने के लिए साथ रुपए और दस रुपए प्रति बच्चा खर्च कर रही है यह बात कहना भी बच्चों के साथ योजना पीएम पोषण जैसी योजना सुधर सकती है मुझे नहीं लगता आपको क्या लगता कमेंट बॉक्स में बताईए देखते रहे हैं देहा दडडा
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