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Summary
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का भारत दौरा चर्चा में है। उनका मुंबई और जामनगर जाना व्यापारिक समझौतों के साथ जुड़ा हुआ है।
From the report
उस वक्त तक रागव चढ़धा आम आदि पार्टी में थे, हलाकि बाद में वो बीजेपी में शामिल हो गया। उस वक्त रागव चढ़धा की सुझाओं पर कोई खास तवज्जो नहीं दी गया। लेकिन बाद में सरकार को हो सकता है लगा हो, कि यार बात तो काम की बोली। हमें पता नहीं है कि सरकार ने अमेरिका के साथ इस लेवल की बार्गिनिंग की है या नहीं। मस्का स्टार लिंक इंटरनेट भारत नहीं आ पा रहा है एलन मस्क तड़प रहे हैं वह कभी मुकेशन मानी को प्रधानमंत्री कहते हैं कभी कहते हैं कि भारत के लोगों के साथ अन्याय हो रहा है उनका फ्रस्ट्रेशन साफ तौर पर दिख रहा ये किस्सा इसलिए कि डिप्लुमेसी में कुछ भी सिर्फ ब्लैक या सिर्फ वाइट नहीं होता ये तो बस दो किनारे हैं बीच का सारा हिस्सा ग्रे होता है बहुत कोई चल रहा होता है जो उपर से साप नहीं दिखता है और उस ग्रे एरिया में है मारको रूबियो यानी अमेरिका के विदेश मंतरी का हालिया भारत दौरा पाजनैतिक राजधानी है और मार्को रूबियो के समकक्ष यानि भारत के विदेशमंत्री का दफतर दिल्ली में इसलिए पर वो मुंबई और जामनगर गए और ऐसा जानमुझकर किया। पहला तो ये भारत के साथ अमेरिका के व्यापार घाटा कम हो और भारत ही नहीं दुनिया के और देशों के साथ भी अमेरिका व्यापार घाटा कम करना चाहता है इसलिए कई देशों पर टेरिफ लगाय थे भारत के समान पर 50% टेरिफ लगाय गया था जिसके बाद भारत के कारुबारियों में भी खलबली मज़ गई थी फिर एक फ्रेमबर्क पर सहमती बनी और टेरिफ घटा कर 18% कर दिया गया खरीदेंगे भारत की तरफ से यही कहा गया यह भारत एक संप्रभूत देश है वह अपने फायदे नुकसान के हिसाब से स्वतंत्र रूप से अपने व्यापार और विदेश नेति तै करेगा तो इसीलि…
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भारत के टेलीकॉम मंत्री ने अमेरिकी विदेश मंत्री मारको रूबियो के भारत दौरे के सुझाव से सहमति नहीं दिखाई।
“यह तो बस दो किनारे हैं, बीच का सारा हिस्सा ग्रे होता है”From the report
की सुझाव से टेलीकॉम मंत्री बहुत सहमत नहीं दिखे और कुछ गोल-मोल पॉलिटिकली करेक्ट भाषा में जवाब दिया पर यहां मंत्री का जवाब महत्वपूर्ण नहीं है महत्वपूर्ण सांसद का सुझाव यह सांसद रागवचढ़्ठा 3 अप्रल दूसरे 25 को राजसभा में यह बात कही थी उस वक्त तक रागवचढ़्ठा आम आदि पार्टी में थे अलाकि बाद में वह बीजेपी ये किस्सा इसलिए कि डिप्लुमैसी में कुछ भी सिर्फ ब्लैक या सिर्फ वाइट नहीं होता, ये तो बस दो किनारे हैं, बीच का सारा हिस्सा ग्रे होता है, बहुत को चल रहा होता है जो उपर से साप नहीं दिखता है, और उस ग्रे एरिया में है मारको रूबियो यानी अमेरिका के विदेश मंतरी का हालिया भारत दोरा,
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