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Summary
भारत सरकार अंतरिक्ष चेत्र में निजी कमपणियों और सरकारी कमपणियों यानि PSEU की भूमिता बढ़ाने की तयारी कर रही है।
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भारत सरकार अंतरिक्ष चेत्र में निजी कमपणियों और सरकारी कमपणियों यानि PSEU की भूमिता बढ़ाने की तयारी कर रही है। इसी के तहट इसरो के बनाए जाने वाले रोकेट अब आगे चल कर निजी कमपणियों और PSEU बना सकती है। इन स्पेस के चेरमैन पवन गोयनका ने कहा है कि इस्रो अब खुद लॉंच वीकल यानी रोकेट नहीं बनाएगा इसके बाद पूर्व इस्रो चेरमैन माधवन नायर ने सवाल उठाया है कि क्या ये फैसला वास्तों में लागू किया जा सकता है माधवन नायर के मताबिक इसरो के रॉकेट बनाने में निजी उद्धोग पहले से ही करीब 90% काम करता है लेकिन रॉकेट की अंतिम असेंबली अलग-अलग हिस्सों को जोड़ना उसकी जाच और लॉंचिंग जैसे महत्वपूर काम इसरो करता है उनका कहना है कि इन कामों का अनुभव और विशे सग्यता निजी कंपनियों के पास अभी उतनी नहीं है सरकार का कहना है कि इसरो को अब राकेट और दूसरी नियमित चीजों के निर्माण के बजाए नई तकनीक, वैज्ञानिक मिशन और रिसर्च पर ज़्यादा ध्यान देना चाहिए रच्छा विभाग में निजी कमपणियों को 31 सेटेलाइट बनाने का अर्डर दिया है वहीं इसी बड़े कारकरम के तहत इसरों के करीबी कीस और सेटेलाइट बनाने की उम्मीद है
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भारत सरकार अंतरिक्ष चेत्र में निजी कमपणियों और सरकारी कमपणियों यानि PSEU की भूमिता बढ़ाने की तयारी कर रही है।
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भारत सरकार अंतरिक्ष चेत्र में निजी कमपणियों और सरकारी कमपणियों यानि PSEU की भूमिता बढ़ाने की तयारी कर रही है। इसी के तहट इसरो के बनाए जाने वाले रोकेट अब आगे चल कर निजी कमपणियों और PSEU बना सकती है। इन स्पेस के चेरमैन पवन गोयनका ने कहा है कि इस्रो अब खुद लॉंच वीकल यानी रोकेट नहीं बनाएगा इसके बाद पूर्व इस्रो चेरमैन माधवन नायर ने सवाल उठाया है कि क्या ये फैसला वास्तों में लागू किया जा सकता है माधवन नायर के मताबिक इसरो के रॉकेट बनाने में निजी उद्धोग पहले से ही करीब 90% काम करता है लेकिन रॉकेट की अंतिम असेंबली अलग-अलग हिस्सों को जोड़ना उसकी जाच और लॉंचिंग जैसे महत्वपूर काम इसरो करता है उनका कहना है कि इन कामों का अनुभव और विशे सग्यता निजी कंपनियों के पास अभी उतनी नहीं है सरकार का कहना है कि इसरो को अब राकेट और दूसरी नियमित चीजों के निर्माण के बजाए नई तकनीक, वैज्ञानिक मिशन और रिसर्च पर ज़्यादा ध्यान देना चाहिए रच्छा विभाग में निजी कमपणियों को 31 सेटेलाइट बनाने का अर्डर दिया है वहीं इसी बड़े कारकरम के तहत इसरों के करीबी कीस और सेटेलाइट बनाने की उम्मीद है
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