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Summary
हिडमा के घर वालों ने कहा कि उनके घर से कोई हिडमा ना निकलेगा, और वे खेती पर जोर दे रहे हैं।
From the report
और आजाधी के सत्तर पचत्तर साल बाद पहली बार इस गाउं में तिरंगा फैराय गया है क्योंकि यहां भारत की सरकार का कानून लागू नहीं होता था इस गाउं में तिरंगा झंडा लगाना ही जो अपने आप में बहुत बड़ी बात है यहां बिल्कुल निश्चित तौर पर क्योंकि यह वह इलाका है इतने आसानी से इस गाउं तक लोग नहीं पहुंच पाते थे मतलब यह दैसत था कि यहां अगर आप चले गए तो आपकी वापसी की गैरंटिये तैय बिल्कुल नहीं कर सकते यह हिडमा के भाई लगते हैं पाटी के लोग इधर आते थे माववादी इधर आते थे गाउं में आपके क्या है कि चीजें इनके लिए ज्यादा कंप्लीकेटेड हो सकती है यह लोग अगर कुछ बोलना भी चाहें तो बोल नहीं यहां पर वार्रूम हुआ करता था जहां बैठकर हम लोग की प्लानिंग करते थे मिटिंग मिटिंग होती थी इदरी जी करते थे लगला बहुत नहीं आया दूसरे वाले करते हैं इस गाँग के लोगो के छेहरी पे जो है एक अलग तरीकी की खामूशी है एक अलग तरीकी की के डर है आगे इस गाँग की आदमी चाहेगा की इस गाँग से कोई हथियार उठाये हथियार नही? हाँ क्या हथियार है? खेती जो ये नारा लगाते हैं हर घर से हिडमा निकलेगा हिडमा के घर के लोग चाहते हैं कि उनके घर से कोई हिडमा ना निकलेगा
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हिडमा के घर वालों ने कहा कि उनके घर से कोई हिडमा ना निकलेगा, और वे खेती पर जोर दे रहे हैं।
“हाँ क्या हथियार है? खेती जो ये नारा लगाते हैं हर घर से हिडमा निकलेगा हिडमा के घर के लोग चाहते हैं कि उनके घर से कोई हिडमा ना निकलेगा”From the report
और आजाधी के सत्तर पचत्तर साल बाद पहली बार इस गाउं में तिरंगा फैराय गया है क्योंकि यहां भारत की सरकार का कानून लागू नहीं होता था इस गाउं में तिरंगा झंडा लगाना ही जो अपने आप में बहुत बड़ी बात है यहां बिल्कुल निश्चित तौर पर क्योंकि यह वह इलाका है इतने आसानी से इस गाउं तक लोग नहीं पहुंच पाते थे मतलब यह दैसत था कि यहां अगर आप चले गए तो आपकी वापसी की गैरंटिये तैय बिल्कुल नहीं कर सकते यह हिडमा के भाई लगते हैं पाटी के लोग इधर आते थे माववादी इधर आते थे गाउं में आपके क्या है कि चीजें इनके लिए ज्यादा कंप्लीकेटेड हो सकती है यह लोग अगर कुछ बोलना भी चाहें तो बोल नहीं यहां पर वार्रूम हुआ करता था जहां बैठकर हम लोग की प्लानिंग करते थे मिटिंग मिटिंग होती थी इदरी जी करते थे लगला बहुत नहीं आया दूसरे वाले करते हैं इस गाँग के लोगो के छेहरी पे जो है एक अलग तरीकी की खामूशी है एक अलग तरीकी की के डर है आगे इस गाँग की आदमी चाहेगा की इस गाँग से कोई हथियार उठाये हथियार नही? हाँ क्या हथियार है? खेती जो ये नारा लगाते हैं हर घर से हिडमा निकलेगा हिडमा के घर के लोग चाहते हैं कि उनके घर से कोई हिडमा ना निकलेगा
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