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Summary
FSSAI ने Old Monk, McDowell's और अन्य ब्रांड्स पर कारवाई की है, जिसमें energy drink और 100% प्यूर/नेचुरल जैसे दावों पर सवाल उठाए गए हैं।
From the report
पिछले कुछ दिनों में ऐसी हेडलाइन्स हर जगा दिखाई दे रही है ये हेडलाइन्स देखकर आपको लगेगा कि भारत में अचानक देश के कुछ सबसे बड़े शराब ब्रांड्स को बैन कर दिया है लेकिन मामला सिर्फ शराब का नहीं है दरसल पिछले कुछ महीनों में Food Safety and Standards Authority of India यानी FSSAI ने एक के बादे कई बड़ी companies और अलग-अलग तरह के products पर कारवाई की है कहीं 100% जैसे दावों पर आपत्ती जताई गई, कहीं नाचरल और औरगानिक जैसे शब्दों पर, कहीं एनरजी ड्रिंक लिखने पर और अब शराब के कुछ फेमस ब्रांड्स की लेबलिंग और प्रोड़क्ट आइडेंटिटी पर कारवाई हुई है तो आखिर FSSAI इन कपनीज पर कारवाई क्यों कर रहा है? क्या सच में Old Monk, McDowell's और Antiquity Blue जैसे ब्रांड्स बैन हो गए हैं? 100% नाचुरल, औरग्यानिक जैसे शब्दों पर आखिर आपत्ती क्यों हो रही है? और क्या भारत में प्रोड़क लेबलिंग और कंजीमर इंफर्मेशन को लेकर FSAI का रुख पहले से कहीं जाधा सक्थ हो गया है इन सभी सवालों के जबाब विस्तार से समझते हैं हाई मैं हूँ प्रगती और आप देख रहे हैं जिस्ट सबसे पहले FSSAI की भूमी का समझना जरूरी हो जाता है आमतोर पर जब भी FSSAI का नाम सामने आता है तो लोगों के दिमाग में मिलावटी खाना, expired products या factories पर छापे मारी जैसे तस्वीर बनती है लेकिन FSSAI की जिम्मेदारी सिर्फ ये देखना नहीं कि कोई प्रोड़क्ट खाने या पीने के लिए सुरक्षित है या नहीं ये भी तै करना उसी का काम है कि किसी प्रोड़क्ट को किस नाम से बेचा जाएगा उसके label पर क्या लिखा जा सकता है, packaging पर कौन से दावे किये जा सकते हैं और कौन से नहीं अगर कोई company ऐ…
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FSSAI ने Old Monk, McDowell's और अन्य ब्रांड्स पर कारवाई की है, जिसमें energy drink और 100% प्यूर/नेचुरल जैसे दावों पर सवाल उठाए गए हैं।
From the report
पिछले कुछ दिनों में ऐसी हेडलाइन्स हर जगा दिखाई दे रही है ये हेडलाइन्स देखकर आपको लगेगा कि भारत में अचानक देश के कुछ सबसे बड़े शराब ब्रांड्स को बैन कर दिया है लेकिन मामला सिर्फ शराब का नहीं है दरसल पिछले कुछ महीनों में Food Safety and Standards Authority of India यानी FSSAI ने एक के बादे कई बड़ी companies और अलग-अलग तरह के products पर कारवाई की है कहीं 100% जैसे दावों पर आपत्ती जताई गई, कहीं नाचरल और औरगानिक जैसे शब्दों पर, कहीं एनरजी ड्रिंक लिखने पर और अब शराब के कुछ फेमस ब्रांड्स की लेबलिंग और प्रोड़क्ट आइडेंटिटी पर कारवाई हुई है तो आखिर FSSAI इन कपनीज पर कारवाई क्यों कर रहा है? क्या सच में Old Monk, McDowell's और Antiquity Blue जैसे ब्रांड्स बैन हो गए हैं? 100% नाचुरल, औरग्यानिक जैसे शब्दों पर आखिर आपत्ती क्यों हो रही है? और क्या भारत में प्रोड़क लेबलिंग और कंजीमर इंफर्मेशन को लेकर FSAI का रुख पहले से कहीं जाधा सक्थ हो गया है इन सभी सवालों के जबाब विस्तार से समझते हैं हाई मैं हूँ प्रगती और आप देख रहे हैं जिस्ट सबसे पहले FSSAI की भूमी का समझना जरूरी हो जाता है आमतोर पर जब भी FSSAI का नाम सामने आता है तो लोगों के दिमाग में मिलावटी खाना, expired products या factories पर छापे मारी जैसे तस्वीर बनती है लेकिन FSSAI की जिम्मेदारी सिर्फ ये देखना नहीं कि कोई प्रोड़क्ट खाने या पीने के लिए सुरक्षित है या नहीं ये भी तै करना उसी का काम है कि किसी प्रोड़क्ट को किस नाम से बेचा जाएगा उसके label पर क्या लिखा जा सकता है, packaging पर कौन से दावे किये जा सकते हैं और कौन से नहीं अगर कोई company ऐ…
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