
Few independents covering this yet — worth a closer look.
Summary
ग्रामीण क्षेत्र में मिड-डे मील की व्यवस्था है, लेकिन कभी-कभी टीचर बच्चों को घर से खाना लेकर आने के लिए कहते हैं। सरकार द्वारा दी जाने वाली खाद्य सामग्री का उपयोग किया जाता है, लेकिन कभी-कभी बच्चों को अपना खाना घर से लेकर आना पड़ता है।
From the report
ग्रामीन क्षेत्र में मीडेमील की व्यवस्था है, कभी-कभी होता है कि टीचर दोबरा कहा जाता है कि अपना लंच घर से लेकर आया किजिए. लें कि अ सरकार जो देता है वह बच्चों के लिए देता है या तो जो है जो सिक्षा व्यवस्था इस्कुल चलाते हैं उनके लिए दिया जाता है मैं कहना कभी-कभी ऐसा होता है कि सभी बच्चा बच्चे को लेकर आना पड़ेगा अपना घर से टिफिन मां बाप किसली बेचे को क्या कि दो वक्त भी एक वक्त वहां पर खाना मिले ताकि मैं जो कमाओ और रख सको बाद का इंपुजिशर उसका जरूरत पड़े तो उसका भी पड़ सके लेकिन वहां पर जो टीचर्स बोलने लगे कि खाना घर से लेकर पड़ेगा तो बच्चा क्या करेगा ग्रामिन छेत्र का मां बाप मज़दूरी करके बच्चा को जब कुछ पैसा कमा के आनाज खरीद कर रखेगा जब वह भेज रहा है एक टाइम को सरकार नहीं देने पाया रहा है खाना होना तो गवर्मेंट स्कूल का है खोलकर रखा है उससे अच्छा बंद कर दीजिए गवर्मेंट स्कूल ग्रामिन छेतर का
Lead take from News Pinch · always check the original on YouTube
1 independents covering this
Summary
ग्रामीण क्षेत्र में मिड-डे मील की व्यवस्था है, लेकिन कभी-कभी टीचर बच्चों को घर से खाना लेकर आने के लिए कहते हैं। सरकार द्वारा दी जाने वाली खाद्य सामग्री का उपयोग किया जाता है, लेकिन कभी-कभी बच्चों को अपना खाना घर से लेकर आना पड़ता है।
“ग्रामिन छेत्र का मां बाप मज़दूरी करके बच्चा को जब कुछ पैसा कमा के आनाज खरीद कर रखेगा जब वह भेज रहा है एक टाइम को सरकार नहीं देने पाया रहा है खाना होना तो गवर्मेंट स्कूल का है खोलकर रखा है उससे अच्छा बंद कर दीजिए गवर्मेंट स्कूल ग्रामिन छेतर का”From the report
ग्रामीन क्षेत्र में मीडेमील की व्यवस्था है, कभी-कभी होता है कि टीचर दोबरा कहा जाता है कि अपना लंच घर से लेकर आया किजिए. लें कि अ सरकार जो देता है वह बच्चों के लिए देता है या तो जो है जो सिक्षा व्यवस्था इस्कुल चलाते हैं उनके लिए दिया जाता है मैं कहना कभी-कभी ऐसा होता है कि सभी बच्चा बच्चे को लेकर आना पड़ेगा अपना घर से टिफिन मां बाप किसली बेचे को क्या कि दो वक्त भी एक वक्त वहां पर खाना मिले ताकि मैं जो कमाओ और रख सको बाद का इंपुजिशर उसका जरूरत पड़े तो उसका भी पड़ सके लेकिन वहां पर जो टीचर्स बोलने लगे कि खाना घर से लेकर पड़ेगा तो बच्चा क्या करेगा ग्रामिन छेत्र का मां बाप मज़दूरी करके बच्चा को जब कुछ पैसा कमा के आनाज खरीद कर रखेगा जब वह भेज रहा है एक टाइम को सरकार नहीं देने पाया रहा है खाना होना तो गवर्मेंट स्कूल का है खोलकर रखा है उससे अच्छा बंद कर दीजिए गवर्मेंट स्कूल ग्रामिन छेतर का
Watch the original on YouTube — we don't rehost full video.