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Summary
शिक्षा समिति में हमारे फाउंडर दोरा यह टारगेट लिया गया है कि स्टिव बच्चों को जिनको पढ़ाई से लगाव नहीं है या फिर पढ़ाई तो उन तक पहुंच नहीं पाती है और उन बच्चों को पढ़ाई से जागरूक कराना और उनको पढ़ाना फ्री सुविधा देना कोचिंग की और उन्हें को स्कूल जाने के लिए प्रेड़ित करना
From the report
शिक्षा समिति में हमारे फाउंडर दोरा यह टारगेट लिया गया है कि स्टिव बच्चों को जिनको पढ़ाई से लगाव नहीं है या फिर पढ़ाई तो उन तक पहुंच नहीं पाती है और उन बच्चों को पढ़ाई से जागरूक कराना और उनको पढ़ाना फ्री सुविधा देना कोचिंग की और उन्हें को स्कूल जाने के लिए प्रेड़ित करना तो कब से यह आपका चल रहा है लगभग 11 साल से यह प्रयागराज में नयने में और संकरगड़ में तीन जगह चल रहा है यह सपेरा बस्ति के देखकर यहां पर सब्सक्राइब करें और कुछ सालों से हमोय कोई नहीं वर्णा यह गुवन्तु झालाइज हो ना मुढ़ाकराउस का दिस्के की यह सब्सक्राइब इस शुरू में जादा अच्छी पढ़ाई नहीं होती थी, यहां अच्छी पढ़ाई होती है। वहां बस कवीता ही पढ़ा देते थे, आंसर दे देते थे, लिख लेते थे, यहां अच्छे पढ़ाई जाता है।
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शिक्षा समिति में हमारे फाउंडर दोरा यह टारगेट लिया गया है कि स्टिव बच्चों को जिनको पढ़ाई से लगाव नहीं है या फिर पढ़ाई तो उन तक पहुंच नहीं पाती है और उन बच्चों को पढ़ाई से जागरूक कराना और उनको पढ़ाना फ्री सुविधा देना कोचिंग की और उन्हें को स्कूल जाने के लिए प्रेड़ित करना
“यहां अच्छी पढ़ाई होती है।”From the report
शिक्षा समिति में हमारे फाउंडर दोरा यह टारगेट लिया गया है कि स्टिव बच्चों को जिनको पढ़ाई से लगाव नहीं है या फिर पढ़ाई तो उन तक पहुंच नहीं पाती है और उन बच्चों को पढ़ाई से जागरूक कराना और उनको पढ़ाना फ्री सुविधा देना कोचिंग की और उन्हें को स्कूल जाने के लिए प्रेड़ित करना तो कब से यह आपका चल रहा है लगभग 11 साल से यह प्रयागराज में नयने में और संकरगड़ में तीन जगह चल रहा है यह सपेरा बस्ति के देखकर यहां पर सब्सक्राइब करें और कुछ सालों से हमोय कोई नहीं वर्णा यह गुवन्तु झालाइज हो ना मुढ़ाकराउस का दिस्के की यह सब्सक्राइब इस शुरू में जादा अच्छी पढ़ाई नहीं होती थी, यहां अच्छी पढ़ाई होती है। वहां बस कवीता ही पढ़ा देते थे, आंसर दे देते थे, लिख लेते थे, यहां अच्छे पढ़ाई जाता है।
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