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वीडियो में भुख अर्ताल पर बैठे ये नौजवान डॉक्टर्स हैं वो डॉक्टर जो विदेश से डॉक्टरी के पढ़ाई करके भारत आये हैं मगर देश को अपनी सेवा देने के बजाएं उन्हें धर्ना देना पढ़ रहा है क्यों?
From the report
वीडियो में भुख अर्ताल पर बैठे ये नौजवान डॉक्टर्स हैं वो डॉक्टर जो विदेश से डॉक्टरी के पढ़ाई करके भारत आये हैं मगर देश को अपनी सेवा देने के बजाएं उन्हें धर्ना देना पढ़ रहा है क्यों? क्या है पूरा मामला? बताते हैं दरसल जो भी नौजवान भारत के बाहर से मेडिकल के पढ़ाई पूरी करते हैं उन्हें भारत में रेजिस्ट्रेशन और प्रैक्टिस करने के लिए एक परिक्षा पास करनी होती है इसका नाम है FMGE माने Foreign Medical Graduate Examination ये परिक्षा कुल 300 नंबर की होती है जिसमें कैंडिडेट को पास होने के लिए 50 फीज़ी नंबर लाने होते हैं 28 जुन 2026 को परिक्षा हुई और 7 जुलाई 2026 को इसका नतीजा आया मगर जो नतीजा आया है उसने परिक्षा को जो देने वाले हैं उनको तमाम अभिरतियों को बड़ा जटका दे दिया दरसल करीब 36,300 डॉक्टरों ने परिक्षा दी थी जिसमें से सिर्फ 12.38 फीज यानी 4,635 डॉक्टर ही पास हो पाए बस यही नतीजा इस आंदोलन का प्रमुक कारण बना। छात्रों का आरोप है कि परिक्षा में बिना पहले से क्लियर इंस्ट्रक्शन्स दिये, सवालों के पैटर्न ने बदलाव किये गए। जैसे परिक्षा में वीडियो सवाल पूछे गए, परिक्षा केंद्रों में व्यवस्था सही नहीं थी, उमीदवारों का कहना है कि परिक्षा कराने वाले NBEMS, National Board of Examinations in Medical Sciences response sheet self evaluation 2026 grace marks cut off response sheet medical commission यानि nmc और nbems से जवाब मांगा इसके बाद अभ्यारतियों ने 3 अगस्त को जंतर मंतर पर प्रदर्शन भी किया प्रदर्शन परतदेक nbems ने मुद्दे की जाज के लिए 3 मेंबर कमेटी गठित की 20 अगस्त को उमीदवारों ने दिली के गौतम नगर…
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वीडियो में भुख अर्ताल पर बैठे ये नौजवान डॉक्टर्स हैं वो डॉक्टर जो विदेश से डॉक्टरी के पढ़ाई करके भारत आये हैं मगर देश को अपनी सेवा देने के बजाएं उन्हें धर्ना देना पढ़ रहा है क्यों?
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वीडियो में भुख अर्ताल पर बैठे ये नौजवान डॉक्टर्स हैं वो डॉक्टर जो विदेश से डॉक्टरी के पढ़ाई करके भारत आये हैं मगर देश को अपनी सेवा देने के बजाएं उन्हें धर्ना देना पढ़ रहा है क्यों? क्या है पूरा मामला? बताते हैं दरसल जो भी नौजवान भारत के बाहर से मेडिकल के पढ़ाई पूरी करते हैं उन्हें भारत में रेजिस्ट्रेशन और प्रैक्टिस करने के लिए एक परिक्षा पास करनी होती है इसका नाम है FMGE माने Foreign Medical Graduate Examination ये परिक्षा कुल 300 नंबर की होती है जिसमें कैंडिडेट को पास होने के लिए 50 फीज़ी नंबर लाने होते हैं 28 जुन 2026 को परिक्षा हुई और 7 जुलाई 2026 को इसका नतीजा आया मगर जो नतीजा आया है उसने परिक्षा को जो देने वाले हैं उनको तमाम अभिरतियों को बड़ा जटका दे दिया दरसल करीब 36,300 डॉक्टरों ने परिक्षा दी थी जिसमें से सिर्फ 12.38 फीज यानी 4,635 डॉक्टर ही पास हो पाए बस यही नतीजा इस आंदोलन का प्रमुक कारण बना। छात्रों का आरोप है कि परिक्षा में बिना पहले से क्लियर इंस्ट्रक्शन्स दिये, सवालों के पैटर्न ने बदलाव किये गए। जैसे परिक्षा में वीडियो सवाल पूछे गए, परिक्षा केंद्रों में व्यवस्था सही नहीं थी, उमीदवारों का कहना है कि परिक्षा कराने वाले NBEMS, National Board of Examinations in Medical Sciences response sheet self evaluation 2026 grace marks cut off response sheet medical commission यानि nmc और nbems से जवाब मांगा इसके बाद अभ्यारतियों ने 3 अगस्त को जंतर मंतर पर प्रदर्शन भी किया प्रदर्शन परतदेक nbems ने मुद्दे की जाज के लिए 3 मेंबर कमेटी गठित की 20 अगस्त को उमीदवारों ने दिली के गौतम नगर…
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