
Few independents covering this yet — worth a closer look.
Summary
इस्थानी आदिवाशी समाज सबसे ज्यादा भूवत रहे उसकी जिंदगी तो यही थी रात को नक्षली आके उसको दबाव रालता था सुबह सिस्टम के लोग जाकर उसको कराते थे
From the report
इस्थानी आदिवाशी समाज सबसे ज्यादा भूवत रहे उसकी जिंदगी तो यही थी रात को नक्षली आके उसको दबाव रालता था सुबह सिस्टम के लोग जाकर उसको कराते थे ऐसे आप लोग दुनों तरफ समय नखसलीं का भी मस्तू लगाता है हम दीक्न बहुत सने पास भी बंदुख है नकशलीं का भी बंदुख है अब के बाद हम बेच में हमारे में आप बूटेंगे और सच मूटी है. मैं हम एक बढ़ीकृदी का बिशत्य हूं। ना इधर से सरेखा हो ना इधर से एक मामीा बीचा में, इसी कारण किस्से का मामीा कहती तो जब भी मेरी जिसे खरे रहते हैं तो उनकी व्यवस्तुत को मुखर में करेंगे यंतौर की आत्या करेंगे और यह त्याका बीन नहीं करेंगे यह दाम लेंगे हमारी बहुत कुछ डर है।
Lead take from News Pinch · always check the original on YouTube
1 independents covering this
Summary
इस्थानी आदिवाशी समाज सबसे ज्यादा भूवत रहे उसकी जिंदगी तो यही थी रात को नक्षली आके उसको दबाव रालता था सुबह सिस्टम के लोग जाकर उसको कराते थे
“हम दीक्न बहुत सने पास भी बंदुख है नकशलीं का भी बंदुख है”From the report
इस्थानी आदिवाशी समाज सबसे ज्यादा भूवत रहे उसकी जिंदगी तो यही थी रात को नक्षली आके उसको दबाव रालता था सुबह सिस्टम के लोग जाकर उसको कराते थे ऐसे आप लोग दुनों तरफ समय नखसलीं का भी मस्तू लगाता है हम दीक्न बहुत सने पास भी बंदुख है नकशलीं का भी बंदुख है अब के बाद हम बेच में हमारे में आप बूटेंगे और सच मूटी है. मैं हम एक बढ़ीकृदी का बिशत्य हूं। ना इधर से सरेखा हो ना इधर से एक मामीा बीचा में, इसी कारण किस्से का मामीा कहती तो जब भी मेरी जिसे खरे रहते हैं तो उनकी व्यवस्तुत को मुखर में करेंगे यंतौर की आत्या करेंगे और यह त्याका बीन नहीं करेंगे यह दाम लेंगे हमारी बहुत कुछ डर है।
Watch the original on YouTube — we don't rehost full video.