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Summary
कि अ आज हम पैलानी कस्मे के अंदर है जहां पर आप देख रहे हैं कि नाली का कचड़ा नाली की बगल में लगा दिया गया है और इस समय बारिश भी हो रही है बारिश से या कचड़ा पूरी रस्तों में फैलता है गंधगी मचती है, जिससे लोग इसी रस्ते से निकलते हैं और यह बद्बू आती है जिससे लोग बीमार होते हैं इसलिए लोगों की मांग है कि यह कचड़ा उठाया जाए जिससे बद्बू ना आवे ना लोग बीमार हो।
From the report
कि अ आज हम पैलानी कस्मे के अंदर है जहां पर आप देख रहे हैं कि नाली का कचड़ा नाली की बगल में लगा दिया गया है और इस समय बारिश भी हो रही है बारिश से या कचड़ा पूरी रस्तों में फैलता है गंधगी मचती है, जिससे लोग इसी रस्ते से निकलते हैं और यह बद्बू आती है जिससे लोग बीमार होते हैं इसलिए लोगों की मांग है कि यह कचड़ा उठाया जाए जिससे बद्बू ना आवे ना लोग बीमार हो। के धोल कंदिकी का पानी जो नाली का आया यहां बद्भू मारता है और यहां पर एस इज खुली रहती है तो बड़े लोग यहां कोई सुनाई नहीं करते यहां बेमारियां बहुत ज्यादा हो सकती है और इसका समुधान सरकार से निवेदान है कि जल्द किया जाए कब यह कूड़ा निखा रहा गया था कचड़ा यहां दो तीन महना हो जाता है कोई यह सफाई करने आता गंदगी आती है, तुम पद्भू बहुत आती है कि नहीं आता अब हम कहलाईक नहीं है वह बद्भूत देश है तो खराब लाज़त है कहां करें कर्मचारी नहीं आता है तो सफाई नहीं होती है कहने जाओ तो कोई परदान सुनता ही नहीं है और प्लस वहां पर अगर आते हैं तो वहीं पर कछड़ा लगाकर उसके लोगों में दिक्कत आती आ पास गंधी फैलती चेहर निकलते हैं उससे आप अपना दिखाओ मजबूर हैं तखा करना बद्बू आती है मजबूर हैं हम नहीं आकरे हैं परदान से किया करता? परदान से किया करता? गांव में सफाई कर्मी है कितने है जरूरत थी सफाई करमी की तो मांग नहीं किया मांग की गई है प्रोसाफ कई बार जो है उनसे रिपेस्ट की जा चुकी है यह कमी है और टूलियां लगाई जाती हैं हर गाउं में बरसाद के पहले सफाई अभियान चलता है तो जहां सफाई करमियां कमी है वहां पर साफ सफाई कराई दिया जाता है सिकायत हमने कर जब वहाँ तसेल जाते रहे, कई ओ बार हमन…
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कि अ आज हम पैलानी कस्मे के अंदर है जहां पर आप देख रहे हैं कि नाली का कचड़ा नाली की बगल में लगा दिया गया है और इस समय बारिश भी हो रही है बारिश से या कचड़ा पूरी रस्तों में फैलता है गंधगी मचती है, जिससे लोग इसी रस्ते से निकलते हैं और यह बद्बू आती है जिससे लोग बीमार होते हैं इसलिए लोगों की मांग है कि यह कचड़ा उठाया जाए जिससे बद्बू ना आवे ना लोग बीमार हो।
“बारिश से या कचड़ा पूरी रस्तों में फैलता है गंधगी मचती है, जिससे लोग इसी रस्ते से निकलते हैं और यह बद्बू आती है जिससे लोग बीमार होते हैं।”From the report
कि अ आज हम पैलानी कस्मे के अंदर है जहां पर आप देख रहे हैं कि नाली का कचड़ा नाली की बगल में लगा दिया गया है और इस समय बारिश भी हो रही है बारिश से या कचड़ा पूरी रस्तों में फैलता है गंधगी मचती है, जिससे लोग इसी रस्ते से निकलते हैं और यह बद्बू आती है जिससे लोग बीमार होते हैं इसलिए लोगों की मांग है कि यह कचड़ा उठाया जाए जिससे बद्बू ना आवे ना लोग बीमार हो। के धोल कंदिकी का पानी जो नाली का आया यहां बद्भू मारता है और यहां पर एस इज खुली रहती है तो बड़े लोग यहां कोई सुनाई नहीं करते यहां बेमारियां बहुत ज्यादा हो सकती है और इसका समुधान सरकार से निवेदान है कि जल्द किया जाए कब यह कूड़ा निखा रहा गया था कचड़ा यहां दो तीन महना हो जाता है कोई यह सफाई करने आता गंदगी आती है, तुम पद्भू बहुत आती है कि नहीं आता अब हम कहलाईक नहीं है वह बद्भूत देश है तो खराब लाज़त है कहां करें कर्मचारी नहीं आता है तो सफाई नहीं होती है कहने जाओ तो कोई परदान सुनता ही नहीं है और प्लस वहां पर अगर आते हैं तो वहीं पर कछड़ा लगाकर उसके लोगों में दिक्कत आती आ पास गंधी फैलती चेहर निकलते हैं उससे आप अपना दिखाओ मजबूर हैं तखा करना बद्बू आती है मजबूर हैं हम नहीं आकरे हैं परदान से किया करता? परदान से किया करता? गांव में सफाई कर्मी है कितने है जरूरत थी सफाई करमी की तो मांग नहीं किया मांग की गई है प्रोसाफ कई बार जो है उनसे रिपेस्ट की जा चुकी है यह कमी है और टूलियां लगाई जाती हैं हर गाउं में बरसाद के पहले सफाई अभियान चलता है तो जहां सफाई करमियां कमी है वहां पर साफ सफाई कराई दिया जाता है सिकायत हमने कर जब वहाँ तसेल जाते रहे, कई ओ बार हमन…
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