
Summary
पत्रकारों का दल आदिवासियों के साथ भोजन के लिए नॉन चावल उबालकर देने का प्रयास करता है, जो उनकी परंपरा है।
“हमारे देश के आदिवासी कितने प्यारे और दरियादिल के हैं”From the report
हम यहाँ पत्रकारों का दल आया हुआ 8-10 लोग हैं और सुबह से आया हुआ हैं उनको लगा कि यह भूखे होंगे आप इनके घड़ की परसिद्धित देखेंगे बहुत सम्रिद नहीं दिखेंगे इतने लोगों के लिए नोने चावल उबाल के दे दिया चाहिए जो अधिवासी परंपरा है सबका मान सम्मान करते हैं और ये बोले भाले हमारे देश के ग्रामियों हैं जो नकसल और सुरक्षावल के जो जवान हैं उनके बीच की जो जंग के बीच में पड़े हैं कर दो