Part of a cluster — open full story hub

Summary
जेपीसी परिक्षा धान्दली की जाच कर रही CID के सामने गिरफतार आरोपी अभे तिवारी ने कथित खुलासे किए। उनके मताबिक 5 लाख रुपे प्रिलिम्स के लिए 15 लाख रुपे में इंटरव्यू बोर्ड और 60-70 लाख रुपे में गैरिंटीट सेलेक्शन का रेट तै होता था।
“5 लाख रुपे प्रिलिम्स के लिए 15 लाख रुपे में इंटरव्यू बोर्ड और 60-70 लाख रुपे में गैरिंटीट सेलेक्शन का रेट तै होता था।”From the report
जारकंड में जेपीसी परिक्षा धान्दली की जाच कर रही CID के सामने गिरफतार आरोपी अभे तिवारी के कथित खुलासे ने पूरे एड्मिनिस्ट्रेटिव सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं उनके मताबिक 5 लाख रुपे प्रिलिम्स के लिए 15 लाख रुपे में इंटरव्यू बोर्ड और 60-70 लाख रुपे में गैरिंटीट सेलेक्शन का रेट तै होता था आरोप है कि ये नेटवर्क 11, 12 और 13 जेपीसी परिक्षाओं तक फैला हुआ था तो आखिर सरकारी नौकरीयों का ये सिंडिकेट कैसे काम करता था और अभे तिवारी ने CID को क्या क्या बताया यही जानने की कोशिश करेंगे इस वीडियो में नमस्कार मेरा नाम वरुन है और आप देख रहे हैं जिस्ट अभे तिवारी उर्फ मनोज तिवारी, TDPL का मार्केटिंग मैनेजर है। TDPL वही एजन्सी है जिसने JPSC की परिक्षाएं आयोजित कर आई थी और जिसे JPSC ने गरबणियों के चलते 2025 में ही ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसके बावजूद 14 वी सीविल सर्विसेस परिक्षा में उसे जिम्मेदारी दुबारा सौंप दी गई। CID के सामने अभितिवारी ने कथितोर पर इस पूरे खेल का एक रेट कार्ट बताया है। प्रिलिम्स पास करने के लिए जेनरल के टेगरी के कैंडिडेट से 5,00,000 रुपए और SC और ST कैंडिडेट से 2-3,00,000 रुपए लिए जाते थे. interview board में मनमाने marks fix कराने के लिए 15 लाख रुपे और selection की guarantee के लिए 60-70 लाख रुपे तक की रकम तै होती थी CDPO परिक्षा के लिए भी 10 लाख रुपे per candidate का rate बताया गया है पूछताच में ये भी सामने आया है कि कथित network सिर्फ 14 जेपीसी परिक्षा तक सीमित नहीं था आरोप है कि 11, 12 और 13 जेपीससी परिक्षाओं में भी यही रैकेट काम कर रहा था अभै तिवारी के कथित बयान के मुताबे कि ये नेटवर्क एक तै प्रक्रिया के हिसाब से काम करता था एजिंट कैंडिडेट से संपर्क करके रखम तै करते थे जिसके बाद TDPL के नेटवर्क और ब्रश्ट अधिकारियों की भूमिका शुरू होती थी इंटरव्यू से पहले अभियार्थी के कोड की पहचान की जाती थी और फिर उसी बोर्ड के सामने भेजा जाता था जहांपर पहले से अंक तै किये जाते थे 19 अप्रेल 2026 को 103 वरिष्ट एडमिनिस्ट्रेटिव पोस्ट के लिए 14 वी जेपी असी प्रिलिम्स परिक्षा आयोजित हुई इसके बाद 2204 कैंडिडेट्स को मेंस के लिए चुना गया लेकिन विवाद तब हुआ जब मेंस की तारीख प्रिलिम्स रिजल्ट के महज 17 दिन बाद यानी 18 से 20 जुलाई तै कर दी गई थी सिविल सर्वेसे जैसी परिक्षा के लिए इतना कम समय मिलने पर लोगों ने सवाल उठाए OMR 100 48 करने OMR Sheets में Hair Fair और Cut Off Marks सार्वजनिक नहीं करने जैसे आरोब भी सामने आये। अब CID के सामने अभे तिवारी का बयान आया है जिसने इस पूरी कहानी को सुलझाने की दिशा दिखाई है। जाच में सामने आया आरोपों के मताबिक ये कोई अचानक हुई या छोटी मोटी गडबडी नहीं थी। बलकि एक ऐसा network था जो कई levels पर काम कर रहा था। जिसकी शुरुवात उन candidates से होती थी जो किसी agent, बिचौलिय या coaching संचालक के संपर्क में आते थे। Agent candidate को TDPL के network तक पहुचाता था, इसके बाद कथित तोर पर कैंडिडेट की जरूरत और परिक्षा के लेवल के हिसाब से रकम तै की जाती थी प्रिलिम्स पास कराने से लेकर इंटरव्यू में मन चाहे नंबर दिलाने और सेलेक्शन तक के लिए अलग-अलग रकम तै होने का आरोप है लेकिन इस पूरे नेटवर्क का सबसे हेम हिस्सा इंटरव्यू बताया जा रहा है जेपियसी कॉंपिटिटिव इग्जाम्स में कैंडिडेट्स की पहचान को कॉंफिडिंशल रखने के लिए बारकोड का इस्तेमाल किया जाता है आम तोर पर इसका मकसद यही होता है कि बोर्ड कैंडिडेट की पहचान और उसके प्रीवियस रेकॉर्ट से प्रभावित हुए बिना उसका मुल्यांकन करें लेकिन आरोप है कि इसी व्यवस्था को कथित तोर पर भ्रष्टाचार के लिए इस्तमाल किया गया इंटरव्यू से ठीक एक दिन पहले टीडीपियल के डिरेक्टर रामवीर सिंग के जरिये कैंडिडेट के कोड की पहचान कर ली जाती थी यानि जिस उमिदवार की पहचान confidential रहनी चाहिए थी उसका code पहले से ही कथित network के पास पहुँच जाता था इसके बाद का कदम और भी ज्यादा गंभीर था जिस candidate की पहचान पहले से तैह हो चुकी होती थी उसे interview के दिन उसी board के सामने भेजे जाने का आरोप है जिसके सदस्यों तक कथित तौर पर पहले से ही रकम पहुंचाई जा चुकी होती थी। इसके बाद इंटरव्यू में कैंडिडेट को ज्यादा अंख दिये जाते थे। इससे उसका टोटल स्कोर बढ़ जाता था और वो उन कैंडिडेट से आगे निकल जाता था जिन्होंने परीक्षा और इंटरव्यू दोनों में वास्तव में बेहतर परफॉर्म किया था। काम कर रहा था और यही वजह है कि ये मामला सिर्फ एक परिक्षा पेपर लीक या OMR में हेर फेर तक सीमित नहीं रह जाता यहां सवाल पूरे सेलेक्शन प्रोसेस की क्रेडिबिलिटी पर भी उठता है क्योंकि अगर किसी कैंडिडेट को पहले प्रिलिम्स में आगे बढ़ाया जाए फिर इंटरव्यू बोर्ड को प्रभावित किया जाए और आखिर में उसे मेरिट लिस्ट में जगह दिलाई जाए तो मेहनत और योगिता के आधार पर नौकरी पाने वाले हजारों लोगों का पूरा सिस्टम ही सवालों के घेरे में आ जाएगा अब समझते हैं कि CID के जाच और मुखे आरोपी अभितिवारी के कबूल नामे के बाद इस भर्ती घोटाले में किन लोगों के नाम सामने आए हैं सबसे पहले बात जेपीसी के इंटरनल सिस्टम की करेंगे आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांकते गिरफ्तार हो चुके हैं CID के मुताबिक उनके नाम पर रिश्वत की रकम मोक्य सचीव के आवासिय कारियाले में तैनात कंप्यूटर ओपरेटर धर्मेंद्र इकठा करता था जेपीसी सदस्य डॉक्टर अजीता भटाचारय से भी पूछताच हो चुकी है आरोप है कि उनके लिए पैसे वसूलने का काम उनका पी ए ब्रिजराम करता था दूसरे सदस्य डॉक्टर जमाल एहमद और डॉक्टर अनीमा हंसदा भी इस्तीफा दे चुके हैं डॉक्टर जमाल एहमद के लिए हजारीबा के बिचौलिये द्वारा रकम वसूलने का आरोप है जबकी एग्जामिनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ता का नाम भी जाच में सामने आया है दूसरी कड़ी टीडीपियल और कोचिंग संस्थानों के नेटवर्क की है टीडीपियल के डिरेक्टर रामवीर सिंग और पतंजली कोचिंग के ओपरेटर रवी कुमार को इस पूरी धानली का मास्टर माइन बताया जा रहा है वहीं एजेंट और कोचिंग संचालक आदित्य पांडे पर कैंडिडेट्स को इस कथित नेटवर्क तक पहुचाने का आरोप है सबसे गंभीर सवाल उन लोगों को लेकर है जो इस धानली के जरिये सरकारी पदो तक पहुचते थे तीन पुलिस अधिकारियों के नाम भी सामने आये हैं इन में रॉबिन कुमार, सेलिश सिंग और राजिश कुमार रजक शामिल है आरोप है कि एक एजन्ट जिसका नाम लालू यादव है उसके जरिये ये तीनों नेटवर्क से जुड़े थे CDPO परीक्षा में भी पैसो के लेन दिन का आरोप सामने आया है कैंडिडेट काजल भारती द्वारा पीए ब्रिजराम को 10 लाख रुपे और कैंडिडेट रजक द्वारा कंप्यूटर ओपरेटर धर्मेंद्र को 15 लाख रुपे देने जाने का आरोप है आरोपी ये भी है कि CDPO भर्ती में दूसरे राजों के जेनरल कैटिगरी के कैंडिडेट्स का चैयन करवाया गया था। हलाकि डॉक्टर जमाल एहमद ने इन आरोपों से खुद को अलग बताया है। उनका कहना है कि उनका अभे तिवारी या किसी बिचौलिय से कोई परिचय नहीं था। 33 33 M B 2 अगस्त से भूख हर्थाल पर थे 2 से 5 अगस्त तक उन्होंने पानी तक नहीं लिया 9 अगस्त की सुबह करीब 3 बजे तबियत बिगडने पर डॉक्टरों ने उन्हें IV ड्रिप लगाई इन शात्रों की 3 प्रमुख मांगे थी चौदवी जेपीसी परिक्षा रद कर पूरे मामले की CBI या ED जैसी इंडिपेंडेंट एजन्सी से जाच करवाई जाए टीडीपियल द्वारा कराई गई सभी परिक्षाएं रद कर एजन्सी को स्थाई रूप से ब्लैकलिस्ट किया जाए और जेपीसी और जेएससी के भ्रष्ट अधिकारियों को हटा कर मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोट्स बनाये जाएं सरकार और छात्रों की बीच बातचीत भी हुई थी लेकिन सहमती नहीं बन पाई सरकार का दावा था कि उसने 98% मांगे मान ली हैं इसमें चौदवी जेपीसी रत करना, तीन सदस्यों का इस्तीफा, CID और ED की जाच और फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन शामिल था लेकिन छात्रों ने इसे स्वीकार नहीं किया क्योंकि उनकी सबसे बड़ी मांग CBI जाच पर सरकार तयार नहीं हुई इसके बाद 10 अगस्त के विधान सभा घिराव और लाठी चार्च के बाद आंदोलन अपने 20 वे दिन और भी तेज हो गया पुलिस ने प्रदर्शन कारियों के खिलाफ F.I.R. दर्ज की है दूसरी तरफ अंशन पर बैठे देवेंदरनात महतो और दूसरे चात्रों की तबियत बिगडने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया हाला कि देवेंद्र ने सदर अस्पताल के सिविल सरजन से पत्र लिखकर वापिस जैपाल सिंग मुंडा स्टेडियम में अंशन स्थल पर लोटने की अनुमती मांगी है उनका कहना है कि उनकी आत्मा आज भी छात्रों के संघर्ष के साथ है विधान सभा घिराव के बाद सरकार पर राजनीतिक दबाब भी बढ़ गया मुख्य सचीव और मुख्य मंतरी हेमन सोरेन लगातार चात्रों से संबाद की अपील कर रहे हैं सरकार 14 जेपीसी परिक्षा रद करने और CID और ED जाच पर कायम है लेकिन चात्रों और युवा संगठनों का कहना है कि जब तक पूरे मामले की CBI जाच पर लिखित फैसला नहीं होता तब तक आंदुलन खत्म नहीं होगा राची की सडकों से शुरू हुई ये लड़ाई अब केवल एक परिक्षा की बात नहीं रह गई बलकि पूरे राज्य के recruitment और administrative transparency का मुद्धा बन चुकी है सवाल अब यही है कि क्या राज्य सरकार छात्रों के सटूट संघर्ष और जनता के गुस्से के आगे जुकते हुए CBI जाच की मांग स्विकार करेगी या फिर ये गतिरोध ज्जारकन के पॉलिटिकल लैंडस्केप में एक नया मोड ले आएगा इस मामले से जुड़ा हर अपडेट हम आप तक लाते रहेंगे आप इस विवाद पर क्या सोचते हैं अपनी राय कॉमेंट्स में जरूर बताएं देश और दुनिया की बड़ी खबरों के लिए देखते रहे हैं जिस्ट शुक्रिया