
Summary
झारखंड के पहले सीएम बाबूलाल मरांडी ने झारखंड बनने के संघर्ष का किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि कैसे वे और उनकी पार्टी ने अलग राज बनाने के लिए लंबा समय तक लड़ा।
“हम लोग अलग राज के लिए लंबा समय तक लड़े।”From the report
पिवतु मोली डेश की किसी राज को बनाने के लिए तम लंबा लड़ें उत्तर लंबा समय तक तक वहले जितनी समय तक ज्टूढ अस्त्वैय आजादि के पहले सिईमन कमिशन सभी गरारों के वह चला था था की आजादी के पहले रायार भारत में समय-भारत जयपाल सिंह मुंडा वलकि विहार विधानसभा में अपोजिशन उनकी जारकण पार्टी हुआ करता था आप सोच सकते हो यानि इस शेत्र के ट्राइबल सुरू से चाहते थे कि हमारे अलग राज बने हम सब अपने हाथों से राज को विकास करें सब्सक्राइब कि उस समय किसी भी जुड़ित कि भारतीय जनता पारिटी जब 1988 में अपना अधिवेषण में इस बात को महसूस किया कि नहीं हमें झारकण को अलग राज बना दीनी और अपनी जो पारिटी का यह फॉर्म होता है राष्ट्रीय परिषद उसमें से प्रस्ताव पारित करके ले लिया है वही और उसके बाद फिर भारतीय जनता पाठ से स्थिति के यहां लग से कमिटी बने उस कमिटी के मुगर नंबरों में तक उद्यक्ष रहें और हम लोग अलग राज के वहां भी अलग से हम लोग आंदोलन करते रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी हर चुनाव के चुनाव घोषणा पत्र में भी डाला कि हमारी सरकार जब केंद्र में बनेंगे तो अलग हम जाए अलग राज बनाएंगे उस समय नाम हम लोगों ने बनन चल और वास्तव में संयोग कही कि 1998 में केंद्र में अटल नेतृत्व की गवर्नमेंट बना था