
Summary
बाबुलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड की निर्माण की पृष्ठभूमि को समझना आवश्यक है, जिससे हमें पता चलेगा कि कितनी कदम चलें कि नहीं। उन्होंने कहा कि जब झारखंड बिहार में एक साथ था, तो इधर के लोगों को लगता था कि स्वतंत्रता में उनकी पर्याप्त और आगीदारी नहीं है।
“झारखंड की निर्माण की पृष्ठभूमि को समझना आवश्यक है।”From the report
कि बाबुलाल मरांडी जी अभी फिलहाल आप बहुत चर्चा में है आप सबसे सवाल पूछ रहे हैं सत्ता पक्ष से एहमन सुरेंजी की जो सरकार है उससे और खुद आप आज में सदन में भी आपको सुन रहा था मैं आपसे सवाल जवाब पर करो उससे पहले ना मैं एक आउडियो एक वीडियो सुनाना चाहता हूं आपको प्लीज थोड़ा सा इसको सुनिए तो इस पर आप कमेंट करेंगे तो बड़ा अच्छा रहेगा यहीं से बातचीत को शुरू करेंगे एक बच्चा कल मुझे मिला और उस प्रोटेस्ट में जो भील में था उसकी ऑडियो में आपको सुन लिया आपने अब आप यह सरकार पर तो सवाल होंगे देखिए मेरा सवाल यहां से शुरू होगा कि जिस एस्पिरेशन के साथ झारखंड राज्य की आधारशिला रखी गई थी आप उस राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने आपको लगता है कि झारखंड उस एस्पिरेशन की तरफ बढ़ भी पा रहा मतलब एक दो चार कदम चल पाया है आप इस छात्रों की बात सुनते 2026 में चब्बी साल बाद निश्चित रोच लें मैं बात कहूंगा कि पहली बात तो हमें समझनी चाहिए कि इस राज्य की निर्मान के प्रेष्ट्र भूमि क्या रही है अगर हम इस विष्ट भोमी को समझेंगे तो फिर हमें समझ में आएगा कि कितनी कदम चलें कि नहीं चलें तो ज्जारखंड जब बिहार में एक साथ था तो इधर के लोगों को अपने आपको ठगासा मासूस करते थे उनको लगता था कि स्वत्ता में हमारी प्रयाप्त और आगिदारी नहीं है