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Summary
कर दो कि सवच से नहीं आ रहा है कैसे हुए बताओ ने इनका ममी जब सामने से बह तरह हो तो इनका बेते दोनों बेते मम्मी को बचाने के लिए मम्मी को पूछ रहे मम्मी मम्मी कि शामनी के जो है तो यह चले गई शामनी से तो कि सो इनका जो है उस समय यह भी बांभरी बहर के चला गया तो इनको भी मतलब आने के लिए उस समय कोई कोई सहायता नहीं मिला
“बेटे लोग उसको चिलाते चिलाते उनको भी भाग के लेकर गया”From the report
कर दो कि सवच से नहीं आ रहा है कैसे हुए बताओ ने इनका ममी जब सामने से बह तरह हो तो इनका बेते दोनों बेते मम्मी को बचाने के लिए मम्मी को पूछ रहे मम्मी मम्मी कि शामनी के जो है तो यह चले गई शामनी से तो कि सो इनका जो है उस समय यह भी बांभरी बहर के चला गया तो इनको भी मतलब आने के लिए उस समय कोई कोई सहायता नहीं मिला उस टाइम पर यह कैसे क्या करेगा समस में कुछ नहीं आया था तो बेटे लोग उसको चिलाते-चिलाते उनको भी बाहा कि लेके गया सिर्फ पतनी का आवाज सिंह न की रुका भेटी का आवाज नहीं सुनपया भेटी को सामने से ही ले के गया कुछ नहीं कर पया तो पहले जो है बच्ची को वहां पर ओ बहगों के उस पर हीला और एक बड़ा बेटा को यहाँ पर मिला यह पेर के पास और एक टालाब में मिला तीन गाय खत्म हुई है एक गाय की यह जो है इसका तक पड़ा हुआ है क्योंकि यहीं पर सड़ गई है जो है एक बैंबू लक्डी के सायदे से इनको भी बचा लिया नहीं तो इनको नहीं बचाते यह भी चले जाते हैं कि एक बाढ़ ने पुरे परिवार को खत्म कर दिया पत्री बेटी दो बेटे और अगर किसी ने इनको बचाया नहीं होता तो यही सायद विश्ति आज यह घर में अपने अकेले बचे हैं उनको आसमी आती है और उससे पहले यह चला गया था ऊपर तक उनको लेके रह जगा था अकेले चली गयी थी नहीं, नहीं, नहीं यह इनके जो मतलब बेटे की जो वाइफ है उनको बच्ची के सहिद वहाँ पर सुरक्षी जगा पर पहले लेके गया तो बेटी और मम्मी जो है तो इनके पीछे पीछे बेटी और मम्मी भी आ रही थी यह बीच में रह गए और दो बेटे जो थे तो अंदर में वह जरूरतमंत सामान है उसको समेटने के लिए रुके हुए थे तो यह कह रहे हैं कि उस दिन जो मतलब बेटे सामां समिच रहे थे साइड जल्ली थोड़ा और जल्ली थोड़ा निकल जाते तो पैनरी बस सकते थे लेकिन फिर भी गला था पानी आ ही गया यह जो बेटी और पतनी की कैसे डिफिनीट और यह कैसे बचे कैसे बच्चों की लाज नहीं लाभ दध्नाक्रम क्या था? वो पहला सौली जी तो ये कह रहे है कि बेटी और इनके पत्नी जो है वो आगे निकल गई थी तो ये बीच में थे तो उसी समय इनके सामने ही जो है पत्नी और बेटी को भाग के लेके गया वह पेर के बीच में बस गया तो यह चिलने लगे तब जो यह लोग सुरक्षी जगह तब तक पहुंच गए थे तो इन्होंने जो है एक बैंबू लक्डी के हिसायते से इनको भी बसा लिया नहीं तो इनको नहीं बसा देते तो यह भी चले जाते इनके बेटी के उमर लगभग 29 जैसा होगा और बेटों का उमर 35-29 ऐसा है यहीं पे तालाब में बच्चों को तैरना नहीं आता था? बच्चों को तैरना नहीं आता था तो पहले बच्ची को वहाँ पे बागान के उस पार मिला और एक बड़ा बेटा को यहाँ पर मिला यह पेड़ के पास और एक टालाब में मिला यह जो आप यह देख रहे हैं चारों तरफ लाइन और उधर तालाव है चोटा सा, दो लाशें यहाँ पर मिली, दो लाशें दूर मिली, वो उस पार भी जब काफी मुश्किल से हम लोग आ रहे थे, हम उस घर को दिखाना चाहते हैं, यह इनका घर है, बिरान पड़ा है, घर काफी अंदर है, चारों सरफ चाय के बागान हैं य गया हूं तो सबस्क्राइब सब्सक्राइब बेहते हुए सब्सक्राइब आ जाने की मैं को पूछ रही है मामी मामी सिलाचिला के जो है यह से बैठी चली गई शामने से तो तो इनका जो है उस समय यह भी बाढ़ में बहकर चला गया तो इनको भी मतलब आने के लिए उस समय कोई कोई साहिता नहीं मिला उस थाइम पर यह कैसे क्या करेगा समझ में कुछ नहीं आया तो बेटे लोग उसको चिलाते चिलाते उनको भी भाग के लेकर गया है पूरा परिवार पर मतलब कहानी ऐसी है कि जो मुखियां हैं वह तो है पुरी यह बताने वाले हैं यहां पर हमारे लोकल गाइड हैं साथी है यह अपने आशु नहीं रोक पाए पूरा परिवार अपने आंखों के सामने इन्होंने बहते वे देखा डूपते लिखा कि बीच में ये थे, एक तरफ पत्नी और बेटी थी, यहाँ पे दो बेटे थे, बेटे माँ चिला करके जा रहे थे, वहाँ पे बेटी है वो माँ आ करके चिला रही थी, चारो लोग एक दूसरे की आवाज सुन रहे थे, उस समय लगा, आवाज सुनाई पड़ी, उस