
Summary
अब स्कूलों की कैंटीन में बच्चों को मिलने वाले खाने को लेकर एक जादा साफ और तैस सिस्टम बनाने की कोशिश शुरू हो गई है
From the report
स्कूल की कैंटिन में अगर बच्चा रोज समोसा, चिप्स, बिस्किट या कोई कोल रिंग खरीता है तो एक सवाल उठना लाजमी है कि आखिर इन में से कितना जंक फूड बच्चों के लिए जादा नुकसान देह माना जाए अभी तक हम किसी चीज को देख कर बस इतना कह देते हैं कि ये unhealthy है लेकिन अब इस बात को सिफ अंदाजे से नहीं बलकि एक standard और number के आधार पर तै करने की तयारी हो रही है दरसल FSSAI यानि Food Safety and Standard Authority of India ने स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले खाने को लेकर एक proposal रखा है इसमें खास तोर पर high fat, high sugar और high salt यानि जादा fat, जादा चीनी और जादा नमक वाले जो products हैं उनकी पहचान के लिए limit तै करने की बात कही गई है अब सवाल है कि आखिर high sugar, high fat और high salt तै कैसे होगा draft के मताबिक अगर कोई solid food जैसे biscuit, namkeen या कोई snack है तो उसके 100 ग्राम में 3 ग्राम से जादा added sugar होने पर उसे high sugar category में रखा जाएगा 100 4 added fat high fat 0 to 5 salt high salt category drinks limit drink 100 ml 2 added sugar तो उसे high sugar माना जाएगा वहीं 1.5 ग्राम से जादा fat होने पर high fat और 0.175 ग्राम से ज़्यादा नमक होने पर हाई सॉल्ट कैटेगरी में रखा जाएगा यानि अब सिर्फ ये देखकर फैसला नहीं होगा कि कोई चीज हेल्दी है या अनहेल्दी बलकि उसके अंदर मौझूद एडड सुगर, फैट और सॉल्ट की मात्रा को तै किये गए नमबरों से कमपेर किया जाएगा लेकिन यहाँ एक बात समझना बहुत ज़रूरी है अभी समोसा, चिप्स या दूसरी चीजों पर कोई बैन नहीं लगा है क्यूंकि FSSAI का यह अभी प्रपोजल है लागू हो चुका नियम नहीं है FSSI ने इस draft पर लोगों से सुझाओ और अपत्तिया मांगी है और इसके लिए 60 दिनों का समय दिया गया है यानि आगे चलकर इसमें बदलाव भी हो सकता है और उसके बाद ही final नियम सामने आएंगे फिलाल इतना जरूर है कि स्कूलों की कैंटीन में बच्चों को मिलने वाले खाने को लेकर एक जादा साफ और तैस सिस्टम बनाने की कोशिश शुरू हो गई है अब देखना होगा कि इस ड्राफ्ट के बाद स्कूलों की कैंटिन में बच्चों के खाने को लेकर तस्वीर कितनी बढलती है आपके इस पर क्या राय है आप हमें बता सकते हैं कमेंट बॉक्स में शुक्रिया