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Summary
नक्सलवाद खतम होने के बाद भी आदिवासियों के मन में आशंका है कि जंगलों पर बड़े उद्योगपतियों का कब्जा होगा और उनकी जमीन कट जाएगी।
“नक्सलवाद खतम होने के बाद भी आदिवासियों के मन में आशंका है कि जंगलों पर बड़े उद्योगपतियों का कब्जा होगा और उनकी जमीन कट जाएगी।”From the report
नकसल वाद आप पहली बार बस्तर कब गए थे? तबके बस्तर और अपके बस्तर में क्या अंतर दिखे आप? सुर्यास के बाद में उच्छेतर में निकलना मुश्किल होता था, इतना भय रहता था हमारे चहतर के नेता सीर में कफ़न बांध के नेतागरी करते थे बट हिरमा के इनकाउंटर पर के बाद बहुत सारे सवाल आपकी सरकार को रुपते बहुत सारे लोगों नारो पर आए उसे पकड़ के मारा किया इनकाउंटर में देखिए हिडमा को तो जबरदस्ती हिरो बनाने का प्रयास हुआ जबकि उसके लोगों को उसने मारा है हत्या किया है तो वो तो बहुत बड़ा ख्या बलना चाहिए हत्यारा था वो एक जो आदिवासियों के मन की आशंका है उनके मन में आशंका है कि यार ये नकसलवाद खतम हो जाएगा न तो ये जर जंगल जमीन बड़े उद्योगपती ले जाएगे यहाँ खदाने खुल जाएगे और हमको कुछ नहीं मिले हमारा जंगल कट जाएगा ये तो जो विरोधी लोग हैं उनका ये सडियंतर है वो ये निरेटी फिलाने का प्रयास कर रहे हैं आप ये कैसे एंशॉर करेंगे कि नकसलवाद दोबारा न पल जाएगा हम लोग को मालूम है मैं यह जानना चाहूं कि अगर आपका इंटरव्यू कोई देख रहा करनाटक का कोई लेती उत्तर प्रदेश का कोई लेती बिहार का कोई लेती तो यह एशूरेंस है कि आएगा तो वो सुरक्षी चला जाएगा नहीं देखिए वहने तो यह था