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Summary
Summary coming soon.
From the report
कि नमस्कार दोस्तों खबर ले लाइव में एक बार फिर से बहुत-बहुत स्वागत है तो इस समय मैं गाउं में हूं यह हर जन्म बस्ती है यहां लोग साल से बसे हैं अभी तक का सड़क नहीं बनी है लोग खेद के मेड़ से चलते हैं और इतना काफी सालों से यहां के लोग सडक की मांग कर रहे हैं लेकिन अभी तक का सडक नहीं बनी है सबसे ज्यादा इस विजय में बच्चों को दिक्कत होती है क्योंकि बच्चे इस पूर्व का ड्रेस्ट पहने रहते हैं कांपी लिखा लिए रह जाते हैं उनको निकालें बहुत ज्यादा दिक्कत है यदि फिसल के गिर जाएं तो उनका सारा कपड़ा कांपी किताब पूरा खराब हो जाता है तो आप हमारे पीछे अभी भी देख सकते हैं कि बारिश आज नहीं हुई है लेकिन तब पर भी पानी भरा हुआ यह देखिए नीचे पूरा भारा हुआ है इसी से बच्चे और बीमार व्यक्त सारे लोग काफी दूर पाइदल जाकर सड़क जाते हैं तो इस तरह में जो लोग बीमार होते हैं उनको भी बहुत मुश्किल होता कि इतना ज्यादा पाइदल नहीं चल पाते हैं छुटें क्योंकि नहीं आ सकती घाटता जाएगी जो पहिया फ़ंड जाएगी साइकिल फज जाएगी आदमी तो फशी जाता इधर नाचे चल नहीं पाते तो आए चलते हैं लोगों से बात करते हैं कि कब से आखी स्थिति इस तरह से बन या क्यों सढक नहीं रही है आइए दाला पास पकाड़े लें एक सब्सक्राइब नहीं कुछ नहीं इसको पकाड़े लें नीचे पकड़िये यहां कर दो आपका ने हरीलाल बस्ती है यह शरीर बस्ती है यहां की रास्तागली सड़क की अरे यहां की चीज़ा बहुत खराब है सवसाद से ऊपर हो गया वर्कि कम नहीं होगा यहां आने जाने के लिए आने जाने के लिए यहां रास्ते को बहुत दिक्कत है बरसात में पानी भर जाता है बच्चे लोग स्कूल नहीं जा पाते हैं अगर छंटके गिर गए लगभग ख़तम हो गया उसके ऊपर देखिए उसके जो है लीवर खराब था उसको ईलहावाल ले जाना था यहां से वहां सिर Wajib चौराह तक यहां साधन मिलता है वह तक ले जाने में बहुत देर कितना किलोमीटर लगभग डेढ़ किलोमीटर पड़ता है तो उतनी दूर जानने में लेट हो जाता है साधन भी नहीं मिल पाता इलाज समय से नहीं हो पाया वह फायर हो गया और महिलाएं जो हैं उनके डिलीवरी अगर है तो साधन नहीं पाहना आ सकता है यह तब फिर पैदल चलना होता है उनको एक डिएट किलोमीटर लग बढ़ता है पैदल माइड फिर क्या होता है तो अगर समय इलाज तो चलने में तो आश्मार्थ है ना कैसे पाइव पंपला लाइट कर ले आनपड़ता है अब क्या करें मजबूरी है कि बच्चों के लिए मजबूरी है डिलबरी के लिए मजबूरी है विमार लोगों के लिए मजबूरी है इसलिए यहां पर निमेजन यहां सडक नही बन रहा क्यों विकास में हो रहा है ने प्रधान सुनता है ने कोई नेता सुनता है क्या करें हम लोग कैसे किसको बोर दें कितनी आवादी है यहां की यहां की दोनों पुरुवा की उसकी और यह पुरुवा कौन-कौन से पुरुवे हैं हां लगभग 70-80 लोग होंगे बच्ची को लेकर और ज्यादा ही हो जाएगा ज़ंद रंखिया ज्यादा हो आप यह तीन पुरविक के इस रोड से आना जाना है लेकिन रोड बन नहीं पा रहे सब पैदल ही आते जाते हैं पाल वस्ती है मैंने हरजन वस्ती है और पुरुव साइड में यादव वस्ती है सब इधर ऐसे गुजर रहे हैं और साथ एक रोड जाते हैं लोग जब पानी भर जाता है उस समय पानी में से हिल कर जाते हैं रेंग कर जाते हैं यह इसी तरह वहां पहुंचते हैं कि राजपुर चवराह तक बगल हो आइए उन्हें से बात करते हैं आइए तो हम आपको दिखा रहें कि बच्चे किस कि का नाम गो आपका मेरा नाम तेरीफ कि कहां जा रही थी क्या हुआ है आपको अरे चाहला चाहला जाता है यहां दूर गए नहीं आ गिर गया अरे यह नहीं था इंस्टमिक अचाला में कब अचार पाप दिंगे अरे डाक्टर ने क्या बोलें जाते लगे लगे लगे लगा नहीं दवाई दी नहीं लगा लगा है कि देने टांका लगा दादी पूरा फट गया था कहां जा रहा थी कि आप छटकी गिर गई हैं पुरिवा लाइकिंग जा रहें तो रुपा रहा है थाइम फाल लग जाए तो ताका लगा है था पत्थर था जब छटकी गिरी हैं घुटना कुन बहा नुखुद बनी ना कुछ बनी तो कैसे हुआ है कैसे सिर्फ शरग ना बनने को जैसे हाला कि थोड़ा हुआ है तो आप देख सकते हैं कि दाधी अभी हाल में ही फिशल के इसी चाहला में गिर गई हैं तो हाथ इतना फट गया के नौ टांके लगे हैं। ओके। आओ वहाँ तो बात करें। बगवाईद। अजविद। इसके पर आते हैं। इधर आए। आज ये बात रहे हैं। आइसे पका रहे हैं। का नाम भाईया आपका? विनोध कुमार। इस पुरुवा के साथ इस्थिति बहुत बुरी चल रही है आशाव साल से लगभग इतनी दर्शा खराब है कि कोई विकास यहां पर नहीं हो पा रहा है चुनावी मुद्दा आता है तो लोग हर तरह से बोलते हैं कि आपका यह जोर बन जाएगी एक महीना जो महीना 5 साल पीछा तो अगर अपलीकेशन भी दिया जाता है कोई नहीं होती यह साधी संबंध कोसित की स्थितार है अब चले जाते हैं रास्ता के सीजन में तरह नहीं आते हूं अश्लील के देखने का शक्त भी सीलता चार यह बड़ी जाते हैं अब कीचर में कितना इनका सेवा कर सकते हैं? मजदूर हो गई. इनको सबसे बड़ी दिक्कत है, याति इनहीं पढ़ाय लिखा हैं तो कमाई कैसे करें इनका खार्चा कैसे चलाएं? काम क्या करते हैं भाईया? मजदूरी करते हैं. चिपका लीजो. मजदूरी करते हैं और रही बात किया कि सबसे बड़ी दिक्कत है कि रोज न बनने के वजह से हम लोगों को सारे इस तरसील में डाले हैं और किसे किसे सिकायत किया आश्वासन मिला आश्वासन में कुछ आता ही नहीं वापसी ना कोई मैसेज आता है अप्लीकेशन ले लेते हो गया अप्लीकेशन जमा हो जाता है जाइए बन जाएगी रोज ऐसे हम लोगों सबसे बड़ी दिक्कत है कि यह किलोमीटर अगर बन जाए तो हम लोगों को जिन्दगी कम से कम सुधात दूं आ जाए बच्चों भविष्ट सुधा जाए सारे लोगों को आने जाने के तो सवसाल से सड़क नहीं बनी है कितनी घटनाएं हो चुकी है हम अब इसकी कोई ले जाने में बड़ी दिक्कति टाइम से नहीं पहुंच पाएंगे अस्पाताल में तुर्दम तूरी आता है यहां सब कम-कम तीन-चार साल सरुप रामी से उनके इलाज करवा रहे थे अब इसी बारिश के सीजन में खत्म हुआ बारिश से में सर खत्म यहां कोई गारी आती नहीं है सबसे बड़ी यही प्राबलम है हमारा यही निवेदन है कम से कम रोज की विकास हमारी पूर्ण कर दें मनोकामना यही हम आई कुजारी से सबसे बड़ा हमको यही कश्ट हो रही बताइए इस सरकार में भी ऐसा कुछ जना आता है कि घर घर पानी की विकास लाइट की विकास रोड की विकास लेकिन यहां कहां पहुंच रही है आवास के लिए बोल रहे हैं हर जन बस ए हर जन को आवास भी नहीं आती है अच्छा क्या गौर्मिन की तरफ से कोई यह जूठी बात है कि सही बात है कम से कम हम लोगों को संतुष्ट हो जाए सारे लोगों को ऐसा मिलता है अगर यह जो गरीब है उसको विकास की चीज कोई लाभ भी नहीं मिल पा रहा है तो यह किसके पास जाना पड़े हमें आप यही निवेदन कि आपको रास्ता से शाल कि अगर दिल्लो कर रही से सब कोरर लगा है कि आ प्रधान यह नष्ट थी मींट सब्सक्राइब चैनल Yantide फुलाने प्रधान डे और भी त्वाश अंधि और भी नहीं बना पा और नए बने दुरुंत बाई हैं इसलिए अभी तक जमीन की आती की जमीन कीसान डे रहे है वह अब जमीन विकिस में अधिगुरी कमपनी अन्य तरफ से दिया है अब बताइए उसमें कोई दिक्कर नहीं हो भी नहीं बन रही है यह तो हम लोग ऐसे अपना जिंदगी बिता रहा है पीड़ी मारी बीच चुकी है दूसरी पीड़ी भी करीब पहुंच चुके तीसरी पीड़ी है चल हम यहां से बिल्कुल मनोबल चूट गया है कि यहां से बेंजवांके या दूसरे जड़ा चलेगी यही मजबूरी है कि अ कि यहां खाड़े हैं तो उसके लिए