
Summary
छात्र 16 दिनों से विरोध कर रहे हैं, सरकार उनकी मांगों को टाल रही है, छात्र मजबूर होकर नारे लगा रहे हैं, फोर्सेज छात्रों को रोकने के लिए तैनात हैं, छात्र विधानसभा घिराव करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं, बेरिकेट तोड़ दिए गए हैं
From the report
प्रशान पर प्रशान पर प्रशान हम लोगों फेट में क्या मिलता है गिप्ट में क्या मिलता है, लाठियां, आसुबॉम गोलियां, यह ख़ाने के लिए क्या हम आतकमादी है, क्या अपना हक की बात करना गुना है सत्ता के सामने जब सवाल उठते हैं तो सत्ता क्या करती है और जब उन सवालों से युवा बार-बार दो-चार होता है तो युवा क्या कहता है कि अ कि युवा पर ताकि वह गर्मी लग रहा था अब लुटा था फिर से फिर से पानी की बहुत चाहिए बार कर दो कि देखिए अनुझ अब आप भारतार पानी पेच दीवा वाटर कैनल की बहुत जाराई है हुआ है हम पता नहीं आपको कितना कैमरे पर नजार आ रहे हैं और कितना हम दिखा पा रहे हैं मगर हम प्रयास भुला कर रहे हैं कि हम आपको यहां से दिखा पाएं। इस तरीके से यहां पर छात्र नाच रहे हैं। छात्र 16 दिनों से, 16 दिनों से छात्र है। बैठे हुए जाइपाल सिंगुंडा स्टाइडियम में, इनकी कोई सूर लेने नहीं आ रहा है। इनकी को मांगे हैं, उन्हें सरकार टाल मतोल कर रही है। इसलिए आप मजबूर हुए तक्तिया लेने के लिए, नारे लगाने के लिए। और आप इस युवा को देखिए कैसे नाच रहा है। इसके सामने बद्दूके लेकर क्या आपने अपनी फोर्सेज लगा दी हैं। इसको आप भिगा रहे हैं। लगातार बारिश में युवा अंदोलन में भी भीग रहा है। बीमार पड़ रहा है। लेकिन आप इसे देखिए देखिए कि कैसे सत्ता के सामने जब सवाल उठते है तो सत्ता क्या करती है और जब उन सवालों से युआ बार-बार दो-चार होता है तो युआ क्या कहता है उसकी तस्वीर देखिए ये लोगतंज की तस्वीर है ये तस्वीर है कि जब छात्र असहमत होता है डिसग्रिमेंट रखता है, सवाल पूछता है तो उसकी शकल कैसी होती है, आपको नजर आना चाहिए कि अब आप यह नाच रहा है यह वाटर कैनल पर नाच रहा है यह वाटर पानी ख़ता मुझाएगा आप लोग का जोड़ से कटा होगा हमारे छात्रलों संलातीर से आंदोलन वे थे ना नहीं पाया थे जो कि आज जाकन सरकार दोरा पाड़ी मचायेगा उसमें जहां हमारे आंदोलन करता नाच रहा है अब लोगों नहीं लगा यह हमारी धरखंड की परचान है यह इस तरह से यहां पर बार-बार वॉकर चाहिए जो दिखाई देखिए जूनता हुआ था था वाटर कैनर के सामने मुझे नहीं पता कि यहां को भी कैसी लग रही है बहुत शक्तिशाली तस्वीर है यह तस्वीर है वह कि जब शहर से अधेल सवाल पूंछते हैं क्लॉब शासरी बहा'लमें वह है तो सबका क्या करती है उसका क्या चरित्र होता है और पहलो जाएंगे। नजारा देखिए एक तरफ तो यह फोर्सेज मौजूद हैं जो छात्रों को रोकने के लिए यहां तैनात है और दूसरी तरफ हजारों की तादात में छात्र हैं जो आगे विधानसभा घिराव करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं और बहुत सारे छात्र यह बेरिकेट जो आगे लगाई गई थी उन बेरिकेट को तोड़ भी चुके हैं जो इस तरफ आगे नज़र आ रही थी आप यह देखिए कि वो लोग इस तरफ आगे निकल गए बाकी यहाँ पर पूरी व्यवस्था की गई है यह वाटर कैनल लगातार Accountability की मांग कर रहा है Barricade तोड़ने का प्रयास छात्रों की तरफ से किया जा रहा है आप ये देखे छात्रों ने Barricade तोड़ दिया है छात्रों ने Barricade भी तोड़ दिया है और छात्र बरिकेट तोड़ दिया है आपके बढ़ गए हैं अब अब अब इस भारी तादात ने यहां पर छात्रों का हुजूम उम्रा हुआ है तोड़ दिए गए हैं जो लगातार देवेन महत्वजी के बगल में आपको नजार आ रहे थे यह भी भूकरताल पर रहे आप लोग आज जो विधानसभा की तरफ बढ़ रहे हैं, क्या इस्थिती बन रही है? इस्थिती तो यही पता चल रहा है कि सरकार मानने के लिए तयार नहीं है, हम लोगों पर तो लाठियां चला रही है, अभी तो हम तो होस्पिटल चले गए थे, एंबुलेंस उठाकर हॉस्पिटल ले गया लेकिन फिर हम हॉस्पिटल से आया है और जब दुबारा फिर हम पूछने गए हैं आखिर आप क्यों आए आगे आप मंत्रियों को भेजिए और फिर मुखमंत्री को भेजिए कि पूरा छात अपना जवान सड़क पर है तो बात करें तो फिर से लाठी चालू किया हम पर और फिर अभी दुबारा लाठी चलाईए तो आप उस देखिए ये लगातार आंदोलन लग रहा है कि आप संघर्ष कर रहे हैं आप वाटर कैनन जेल रहे हैं टीर गैस लाठी रह रहे हैं भूखे रहे हैं अब रंग ला लाएगा यह भविष्च का बात नहीं कर पाएंगे लेकिन हम इतना जानते हैं कि अगर छात्र नोज़ानों थिस तो कॉर्ड मिलेगा और अधिकार दिलाना है तो किन्हें ना किन्हें को एक दूसरे स्टॉप होना होगा किसी को विर्षा बनना पड़ेगा किसी को भकतीं बनना पड़ेगा किसी को गांधी बनना पड़ेगा हम लोग गांधीवादी तरीके से वह तो मान नहीं रहे हैं हम लोग भी मानने कोई नहीं रहे हैं इसलिए वेट कर रहें थोड़ा से नर्जी लेंगे फिर जाएंगे फिर प्रयास होगा अगला अब अगला का यहां तक आए गए तो आगे करेंगे आप लोग तो वैसे भी बहुत आधे पर चुकी जरी हो गए मैं अबकर एक तरीक की सब्सक्राइब कर दो कि सरकार को तो लिख यहां पर होता रहता है तब लोग यह क्यों नहीं समझ पा रहा है कि स्टूडेंट फिर से अटेंप्ट मारेगा और आ जाएगा उनको पता है कि फिर से चला करें तो चला करें तो चला करें तो नहीं हटाना चीन करके नहीं दिखा सकते हो तो लाठी चलवा रहे हैं तीर गैस चलवा है वाटर चलवा है जिसके अंदर इंदि वर्षणाव चारी को अब क्या आप आपके निशाद करें वह है कि गॉबरमेंट हम लोग सिताचिर की दिखा रहे हैं तिद्धप तुम्हारे अच्छा सहासी है तब यह देखिए कि इस टेकिन हुआ पर की जिनसा यह ग्रीटिंग लग जाती है वैटर चैनल लग जाते हैं रायट कंट्रोल के विहायकर लग जाते हैं और जब छात्र उनके ऊपर बैठा जाता है और बैठ करके जब बात कहता है और सत्ता से सवाल पूछता है तो अपने आप में बहुत पावरफुल दृश्य होता है और पावरफुल बात है आप ये देखी कि किस तरीके से कटीले तार यहाँ पर लगाये गए थे और ये दोनों तरफ लेकिन इन छात्रों को रोकने का प्रयास किया गया था लेकिन सरकार असफल रही और छात्र आगे की तरफ बढ़ते हुए चले गए हैं अब यह देखना है कि यह विधान तक जा पाएंगे कि नहीं जा पाएंगे, अपने आपहा सिर्फ बहुत अहम सवाल है, और छात्रों का पूरा प्रयास है, पूरी ऊर्जा है, यह लगातारे कह रहे है नहीं हम तो बिना जाय नहीं मानेंगे, हम इन को पश्चित गया है, वहाँ जाकर वाली की बार मृत्यों और सवाल करईएंगे, मान्य मुख्य मंत्र्य मृत्य मंत्री से आदमी स्तार्थ ज् correcty आराज करते हैं। सरकार से पूछेंगे कि भाई हमारी जो जवानी है जो हमने आठ साल, छह साल, दस साल एक अधध सरकारी नौकरी के तयारी में बिता दी उसका हिसाब देगा कौन? तो इधर दिखाईया ये नुझ शात्रों का जन सेलाब