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Summary
आज इस तरीके से बल प्रयोग हुआ है स्टूडेंट्स पर और अब तक उनकी मांगे भी नहीं मानी गई है तो आगे इस प्रोटेस्ट के इंटेंसिटी काफी ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है
“स्टूडेंट को आज मारा-पीटा गया पूरे दिन भर में”From the report
तो इस मार्च से शुरू होने से पहले सबसे जादा यही सवाल खड़े हो रहे थे कि क्या ये जंतरमंतर 2.0 होगा उतना तो नहीं हुआ लेकिन हम कह सकते हैं कि पुलिस ने कई मौकों पर बल प्रयोग किया और जो नेरेटिव जो बना था जंतर मंतर के प्रोटेस्ट के बाद केंद्र सरकार के प्रती अब कहीं न कहीं उससे बचना चाह रहे थे हमंसोरेन शमन सोरेन लेकिन आज इस तरीके से बल प्रयोग हुआ है स्टूडेंट्स पर और अब तक उनकी मांगे भी नहीं मानी गई है तो आगे इस प्रोटेस्ट के इंटेंसिटी काफी ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है तहां तो एक बार यह लग रहा था कि अगर यह विधानसभा मार्च का जो इनका कॉल है अगर वह उसमें फेल हो जाते हैं या अगर वह सफल भी हो जाता है तो आगे क्या क्योंकि एक बहुत ही निर्णायक दिन था यहां पर प्रोटेस्टर्स के लिए लेकिन आज जो यहां पर लाठी चार्ज हुई और अभी तक इस पूरे प्रोटेस्ट में कभी नहीं सुना था लेकिन पहली बार बीते सत्रह दिन में यह नारे लगने शुरू हुए इसका तो यह इस वक्त की मौजूदा स्थिति है और कई बार होता है कि जो पुरानी मांगे है कौन सी मांगे पूरी हुई नहीं हुई यह सब बहुत पीछे चला जाता है जब सरकार और स्टूडेंट के बीच में क्लैश पूरा इगो का हो जाता है और अगर युगों का क्लैश अब सब्सक्राइब होता है जब आप उन पर पुलिसिया बरबरता करते हैं तो यह जिस तरीके से स्टूडेंट को आज मारा-पीटा गया पूरे दिन भर में और इस वक्त इस स्पेस को खाली कराने के लिए जिस तरीके से यहां भगदड़ प्रभाव नहीं है अभी भी वह खेतों में दोड़ा-दोड़ा कर लोगों को मार रहे हैं