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Summary
एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2379 में अचानक ऊंचाई गिरने के बाद जांच की जा रही है। दोनों पायलटों के ब्लड और यूरीन सैंपल्स की जांच की गई, लेकिन परिणाम अभी तक नहीं आये हैं। AAIB ने जांच की है और पायलट की फिटनेस की जांच की जा रही है।
From the report
आपने हाली में एक थाइलेंड से दिल्ली की एक फ्लाइट में हुए टर्बुलेंस की खबरे सुनी होगी 4 आगस 2026 Air India की AI-2379 फ्लाइट में फुकेट से दिल्ली के लिए उडान भरी आमतोर पर फुकेट से दिल्ली की ये फ्लाइट एक रूटीन इंटरनाशनल जर्नी होती है लेकिन इस फ्लाइट में आसमान में जबरदस टर्बुलेंस हुआ जिसने न सिर्फ इसमें सवार पैसेंजर को डरा दिया बलकि लान्डिंग के बाद भी फ्लाइट के पायलेट के मेडिकल और ड्रक्स क्रीनिंग को लेकर कई सवाल खड़े कर दिये अगर पाल कैन कमांड की पाल कैन करने वाले पाल कमण के लिए फिर एक किस काल तक और बाल करने का माच भी प हो रही है आज के इस वीडियो में हाई, मैं हूँ प्रगती और आप देख रहे हैं एजिस्ट दरसल 4 आगस्ट की शाम फुकेट से दिल्ली आ रही है फ्लाइट करीब 30,000 फीट की उचाई पर क्रूज कर रही थी इस flight में कोल 145 लोग सवार थे इन में 137 passengers थे जिनमें 3 छोटे बच्चे भी शामिल थे इसके लावा flight में 2 pirates और 6 cabin crew members थे तबी aircraft ने अचानक लगभग 300 feet की altitude खो दी यानि कुछ ही पलों में विमान अपनी उडान की उचाई से करीब 300 feet नीचे आ गया इस दोरान कैबिन में मौझूद पैसेंजर्स और क्रू अचानक उपर नीचे उचल गए कहीं पैसेंजर्स अपनी सीट से उठकर कैबिन में जा गिरे जबकि कैबिन क्रू के कुछ मेंबर्स भी इस अचानक हुए मूवमेंट की चपेट में आ गए इस पूरे इंसिडेंट में कुल 13 पैसेंजर्स और 4 क्रूव मेंबर्स के इंजर्ड होने की जानकारी सामने आई। हालांकि एरक्राफ्ट में किसी मेजर डामेज की जानकारी नहीं मिली और उसे बाद में दिल्ली में सेफी लैंड कराया गया। लेकिन लैंडिंग के बाद मामला सिर्फ टर्बुलेंस या एरक्राफ्ट के अचानक नीचे आने तक सीमित नहीं रहा। इस घटना के बाद दोनों पाइलेट्स का टेस्ट कराया गया। सबसे वेले उनका breathalyzer test हुआ जिसमें alcohol की जाच की गई और दोनों का result negative आया blood urine samples pilot substance Captain result negative authorities ने इसे not negative बताया इसके बाद उसके sample को दोबारा और जादा पक्की जाच के लिए एक मानियता प्राप्ट लबोरेट्री में भेज दिया गया अब यहां not negative का मतलब समझना बहुत ज़रूरी है क्योंकि शुरुवात में कुछ media reports में इससे पाइलेट के डोप टेस्ट फेल या पॉजिटिव होने के तौर पर बताया गया। लेकिन बाद में सरकार की तरफ से साफ किया गया कि अभी फाइनल रिपोर्ट सामने नहीं आई है। यानि इस वक्त ये कहना सही नहीं होगा कि पालिट ने कोई बैंड ड्रग लिया था या वो फ्लाइट उड़ाते समय नशे के असर में था फिलाल इतना ही सामने आए कि शुरुवाती जांच में कुछ ऐसा संकेत मिला जिसे दुबारा जांच करके पक्का करना जरूरी समझा गया और यही वज़य है कि दूसरी जाच इतनी important है क्योंकि पहले report में सिर्फ यह संकेत मिलता है कि शरीर में कोई ऐसा substance हो सकता है जिसके आगे जाच की जरुवत है लेकिन दूसरी और पक्की report आने पर यह पता चलेगा कि आखिर sample में क्या मिला, वो substance क्या था और क्या वो aviation rules के तहट प्रतिबंदित है क्योंकि कुछ दवाईयो, pain killers या health supplements में भी ऐसे ingredients हो सकते हैं जो शुरुवाती जाच में detect हो जाए इसलिए final report आने से पहले pilot को दोशी मानना सही नहीं होगा लेकिन यहाँ एक बड़ा सवाल यह है क्याकि पाइलेट्स की जाच कराई किसके निर्देश पर गई और इस पूरे मामले को इतना गंभीर क्यों माना जा रहा है मिडिया रिपोर्ट के मताबिक दिल्ली एयरपोर्ट पर पाइलेट्स के बलड और यूरीन सैंपल्स की जाच Aircraft Accident Investigation Bureau यानी AAIB के निर्देश पर कराई गई AAIB Civil Aviation Ministry के अंडर काम करता है और जब किसी फ्लाइट में ऐसा serious incident होता है जिसमें passenger या crew घायल होते हैं तो उसकी वज़ा पता लगाने के लिए जाच शुरू की जाती है यही वज़े कि इस केस में सिर्फ एरक्राफ्ट को ही नहीं बलकि फ्लाइट ओपरेट करने वाले क्रू को भी जाच के दायरे में रखा गया इंवेस्टिगेशन का मकसद हर possible angle को check करना होता है ताकि किसी भी संभावना को बिना जाचे छोड़ा ना जाए अब पाइलेट को लेकर एक और important update ये है कि उन्हें फिलाल flying duty से हटा दिया गया है यानि confirmatory test और पूरी जाच होने तक पाइलेट aircraft operate नहीं करेंगे इसे सीधे punishment नहीं माना जा सकता बलकि investigation पूरी होने तक उठाया गया precautionary step होता है final action इस बात पर depend करेगा कि confirmatory test में क्या सामने आता है और authorities पूरी जाच के बाद क्या निशकर्स निकालती है लेकिन इस मामले में Federation of India Pilots के President Captain C.S. Randhawa ने इस बताया कि शरीर में किसी भी psychoactive substance के traces हमेशा ये नहीं बताते कि किसी वेक्ति ने उसे हाल ही में लिया है substances traces detect confirmatory test substance यानि कई बार लोग डॉक्टर की सलहा के बिना खुद दिदवाईया ले लेते हैं कुछ पेइन किलर्स में ऐसे कमपाउंट्स हो सकते हैं जो ड्रग स्क्रीनिंग में डिटेक्ट हो जाए इसलिए टेस्ट में कुछ डिडेक्ट होने के बाद सीधे इसे इलेगल ड्रग यूज मान लेना सही नहीं होगा पहले सबस्टांस की पहचान और उसकी वज़ा पता करना जरूरी है Airline Pilot Association of India के President Captain Sam Thomas ने भी इस बात पर जोर दिया उनका कहना है कि आजकल कई यंग लोग फिटनेस और बॉडी बिल्डिंग के लिए अलग-अलग सप्लिमेंट्स लेते हैं और कुछ सप्लिमेंट्स में ऐसे बैंड सब्स्टांस हो सकते हैं, जिनकी जानकारी लेने वाले व्यक्ति को खुद भी नहीं होती. इसलिए उनके मताबिक इस मामले में सबसे पहले पता चलना चाहिए कि पाइलेट के सैंपल में आखिर क्या था? यानि confirmatory report सिर्फ ये नहीं बताएगी कि initial screening सही थी या नहीं बलकि ये भी clear करेगी कि आखिर just substance की वज़े से screening का result not negative आया वो substance था क्या इसके बाद ये तै करना संभव होगा कि aviation rules के तहट pilot के खिलाफ कोई violation बनता है या नहीं अगर confirmatory test में कोई प्रतिबंधित substance confirm होता है तो pilot के खिलाफ regulate free action लिया जा सकता है ऐसे मामलों में pilot को flying से हटाने के साथ medical assessment और rehabilitation जैसे steps भी लिये जा सकते हैं वही अगर मामला दोबारा सामने आता है तो action और सक्थ हो सकता है हालंकि इस particular case में अभी से ये कहना कि pilot पर कौन सी कारवाई होगी सही नहीं होगा क्योंकि final report अभी आई नहीं है दरसल aviation sector में alcohol और drugs को लेकर crew की testing कोई नई वैवस्था नहीं है pilots की fitness को लेकर अलग-अलग तरह की जाच और निगरानी होती रहती है अलकोहल के लिए breathalyzer test जादा routine होता है जब किसाई कोई active substance की जाच random testing के तहट या किसी serious incident के बाद भी की जा सकती है यानि किसी pilot का ऐसा test होना अपने आप में unusual बात नहीं है लेकिन इस case में बात इसलिए जादा serious हो गई क्योंकि testing एक ऐसे incident के बाद हुई जिसमें एरक्राफ्ट ने अचानक altitude लूस किया और कई passengers घायल हो गए इसलिए अब investigators को ये देखना होगा कि उस वक्त एरक्राफ्ट के साथ exactly हुआ क्या था और क्या crew की fitness का उस situation से कोई संबंध था अब बात करते हैं पिछले कुछ महीनों में Air India से जुड़े कुछ दूसरे incidents चर्चा में रहे दिसमबर 2025 में Vancouver में एक Air India पालिट को फ्लाइट ओपरेट करने से पहले एलकोहल स्क्रीनिंग में फेल होने के बाद ड्यूटी से हटा दिया गया था ये मामला कैनेडा का था और इसे बाद में कैनेडियन ओथोरिटीज की तरफ से भी जाच की मांग की गई थी 2026 DGCA 2026 रिपोर्ट्स के मताबिक सैन फ्रांसिस को पहुँचने पर उसके बैगेज में मेरुवाना मिला था US authorities ने उसे entry देने से मना कर दिया और उसे इंडिया वापस भेज दिया गया Air India ने इस मामले में भी internal investigation शुरू की थी अब इन दोनों घटनाओं को August वाले case के साथ जोड़ कर देखने पर Air India की crew fitness और drug alcohol safety checks को लेकर सवाल जरूर उठते हैं लेकिन तीनों मामले अलग हैं एक में अलकॉल स्क्रीनिंग थी दूसरे में मेरुवाना पजेशन का मामला था और मौजूदा केस में इनीशल साइको अक्टिव सबस्टांच स्क्रीनिंग नॉट नेगेटिव आई है जिसकी फाइनल कंफर्मेशन अभी बाकी है अब इस पूरी जाच में दो चीज़े सबसे जाधा एहम होने वाली है एक एरक्राफ्ट से मिलने वाला डेटा और दूसरा पाइलिट की फाइनल रेबोरेटरी रिपोर्ट और एरक्राफ्ट का ब्लैक बॉक्स दरसल फ्लाइट के दौरान एरक्राफ्ट की कई महतिपूर जानकारी ब्लैक बॉक्स रिकॉर्ड करता है इसमें फ्लाइट की स्पीड आल्टिटूड और दूसरे टेकनिकल पारामीटर्स की जानकारी मिल सकती है जबकि Cockpit Voice Recorder से ये पता लगाने में मदद मिल सकती है कि उस वक्त Cockpit में क्या बाचीत और कमिनिकेशन हुई थी इन रिकॉर्ड से इंवेस्टिकेटर्स को ये समझने में मदद मिलेगी कि 4 आगस्ट को एरक्राफ्ट के अचानक 300 फीट नीचे जाने के वक्त एक्जाक्टली क्या हुआ था इसके साथ ही पाइलेट के सामपल की फाइनल लेबोरेटरी रिपोर्ट भी बेहद एहम है Initial screening में जो test not negative आया है उसके पुष्टे अब इसी जाच से होगी अगर final report में कोई प्रतिबंधित substance confirm होता है तो उसके बाद pilot की medical fitness और aviation rules के तहट आगी की कारवाई तै की जाएगी वही अगर final report initial findings को confirm नहीं करती तो तस्वीर पूरी तरह अलग हो सकती है भारत में पाइलेट के लिए अलकोहल और साइको अक्टिव सबस्टांस को लेकर नियम काफी सक्त है DGCA के नियमों के तहट फ्लाइट क्रू को ड्यूटी से पहले नशे या ऐसे सबस्टांस के इस्तिमाल से दूर रहना होता है क्योंकि थोड़ी सी बिलापरवाई लाखो पैसेंजर्स की सेफ्टी को खत्रे में डाल सकती है नियमों में ऐसे मामलों के लिए अलग-अलग स्थर की कारवाई का प्रावधान भी है जो वॉयलेशन की नेचर और उसके दौराय जाने पर डिपेंड करता है एक तरफ AAIB Aircraft के अचानक Altitude Loss की वज़ा पता कर रहा है तो दूसरी तरफ Pilot की Final Test Report का इंतजार है दोनों जाचों के नतीजे सामने आने के बाद ये साफ होगा कि 4 ओगस्ट की इस फ्लाइट में आखिर गलती कहा हुई थी और क्या Pilot की Medical Screening का उस Incident से कोई सम्बन था फिलाल इस मामले में फाइनल रिपोर्ट और इन्वेस्टिगेशन के नतीजों का इंतजार है जैसे रिपोर्ट सामने आती है तस्फीर और साफ हो जाएगी आपकी इस मुद्दे पर क्या राय है हमें कॉमेंट करके जरूर बताए तेश नुनिया आपसे चुड़ी हर खबर के लिए देखते रहें जस्ट