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Summary
आरएसएस ने राम मंदिर 'चंदा चोरी' विवाद से दूरी बनाई है। आरएसएस ने कहा है कि वे इस मामले से दूरी बनाने के लिए तैयार हैं।
“भाजपाई धर्म का अपमान करते हैं जब गेरुआधारी हमारे संकराचारे जी प्रयागराज में लाठियों से और धक्कामुक्की करके उनके उनके बटुकों को पीटा गया सर का पाल नोच-नोच के ऊपर खाड़कर”From the report
जिस तरह आरेसेस जो है अपने आपको डिस्टेंस कर रहा है इसी चीजों से जबकि आरेसेस पूरा आजकल पावर में है बिल्कुल अरेसेस तो इस पार्टनर इन पावर है- पहली बात तो आपको याद होगा कि इस मंदिर के निर्माण के लिए श्री राम के मंदिर के निर्माण के लिए बी जे पी के लोगों ने विदायकों ने सांसदों ने मंतरीयों ने सीना ठोक के चन्दा मांगा बोले चन्दा दीजिए वाहितों तो चन्दा बी जे पी के लोगों ने उसूलाब और अगर चोरी हो रही है तो तो बीजेपी के राज में चोरी हो रही है तो जिम्मेदारी से भारती जनता पार्टी बच सकती है यह कैसे संभव है लेकिन सवाल यह है कि वह एस्टीमेटेड कॉस्ट से अगर तीन गुना कॉस्ट बढ़ाई गई तो क्या-क्या सामान बढ़ाया गया और कितना कितने सामान किन-किन दामों में बार्केट रेट में उस वक्त था और कितने दामों में खरीद आ प्रशिक्ष थे उन्होंने कहा था कि यूपी के अंदर की सीता महिया तो टेस्ट यूप पर भी है तो इस तरह की बातों से धर्म का अपमान नहीं होता क्योंकि भाजपाई धर्म का अपमान करते हैं जब गेरुआधारी हमारे संकराचारे जी प्रयागराज में लाठियों से और धक्कामुक्की करके उनके उनके बटुकों को पीटा गया सर का पाल नोच-नोच के ऊपर खाड़कर तो उस समय धर्म का बिल्कुल अपमान नहीं हुआ था तो यह कैसा सेलेक्टिव धर्म का अपमान है कि जैसे आपको कोई विपक्ष का कोई भी छोटा सा भी कोई मामला मिल जाता है तो उसके ऊपर आप चढ़ाई करने को तैयार हो जाते हैं लेकिन जब भारती जनता पार्टी के लोग मैं तो कहूंगा अपने कदमों से कुचलते हैं राउंदते हैं धर्म को या प्रभु सुरी राम के