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Summary
शिक्षा लिखना नहीं आता है, लेकिन चलाएंगी पाथशाला, ये हाल इस देश की गोधी मीडिया के बड़े बड़े एंकरस का है।
“शिक्षा लिखना नहीं आता है, लेकिन चलाएंगी पाथशाला”From the report
शिक्षा लिखना नहीं आता है, लेकिन चलाएंगी पाथशाला, ये हाल इस देश की गोधी मीडिया के बड़े बड़े एंकरस का है। जिनसे हिंदी नहीं लिखी जाती, जिनने छोटी, बड़ी की मात्रा का फर्क नहीं पता है, वो वहाँ पर सिर्फ इसलिए बैठे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि सरकार की गुलामी कैसे की जा सकती है. कुछ पार्टी की प्रोटेस्ट का जितना गुस्सा भी जेपि के मन में होगा उससे ज्यादा गुस्सा है कि यह कीता है इसका नाम रूह वका लियाकत इस समय दास झारकण क्यों नहीं जा रहे अपनी आपको नहीं आता देशी लगता है सुधन लेट्स टॉक इन दिस फेक एक्सेंट को जनता पार्टी के तमाम लोग झारकंड क्यों नहीं जा रहे क्या अकाउंटिबिलिटी अब कौकरोज जनता पार्टी की हो गई है यानि रूभ विकाल याकत यह मानती है कि देश में बीजेपी सरकार मोदी सरकार नाकाम और निकम्मी है अब स्टूडेंट्स की जिम्मेदारी सीजेपी और ऐसे ही तमाम प्रोटेस्ट से निकले नेताओं को या युवाओं को लेनी होगी कितना फेक एक्सेंट है किस तरह से यह महिला रोस्ट करने की कोशिश रही है उसके बाद अपनी लिखी गलत सिख्षा को जस्टिफाई करने की भी कोशिश कर रही है कि मैं तो ऐसे लिखती हूं यह मेरी लिखावट है अगर नहीं आता तो सीखिए सिखाने वाले लोग हैं हम आपको मिलकर सिखाएंगे कि पढ़ा लिखा कैसे जाता है शायद उस