
Summary
जयानज, जी के लिए आखों को सरकार करते हैं हैं, यहां जिसने निदा होते हैं। जी के लिए, आखों को बारे में शुक्र चलें, कैल जाओं। हम अपने पिता के चेहरे पर तो कितनों नहीं में भीत दिया पूरा है कि हम आप अपने आपको सबल के हैं पस्तान दिया एक किसान है उन्होंने अपने जीवन की सारी जमापूंजी मेरे पीछे लगा दी मैं आज उनसे नजर नहीं मिला पाता हूँ उनको जवाब नहीं दे पाता हूँ कि इस जारखंड सरकार ने मेरे साथ क्या किया
“इस जारखंड सरकार ने मेरे साथ क्या किया”From the report
जयानज, जी के लिए आखों को सरकार करते हैं हैं, यहां जिसने निदा होते हैं। जी के लिए, आखों को बारे में शुक्र चलें, कैल जाओं। हम अपने पिता के चेहरे पर तो कितनों नहीं में भीत दिया पूरा है कि हम आप अपने आपको सबल के हैं पस्तान दिया एक किसान है उन्होंने अपने जीवन की सारी जमापूंजी मेरे पीछे लगा दी मैं आज उनसे नजर नहीं मिला पाता हूँ उनको जवाब नहीं दे पाता हूँ कि इस जारखंड सरकार ने मेरे साथ क्या किया