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Summary
छात्रों ने वाटर कैनन पर मजा किया, आंसू गैस के गोले चले तो भगदड़ मची, कई छात्र घायल हुए, सरकार ने फैसला लेने की बात कही, आदिवासी नेता हेमन सुरय ने कहा कि मुख्यमंत्री को फैसला लेना है, सभी इंप्लीमेंट करें, आदिवासी हितों की बात भी कही गई, धान-रुपाई का सीजन चल रहा है
“मुख्यमंत्री को फैसला लेना है, सभी इंप्लीमेंट करें”From the report
वाटर कैनन पर मज़ा नहीं आया। वाटर कैनन आता था फिर बंद हो जाता था, फिर आता था, फिर बंद हो जाता था। क्या? उसमें परेसर ही नहीं था। वो नाम का वाटर कैनन था। मज़ा नहीं आ रहा था ऐसे में तो फिर। बार बार पानी रोक रहा है फिर बंद हो रहा है फिर फिर चालू देता उतना प्रेसर घर का नल भी देता दोपहर के ढाई बज रहे हैं और जो है हम यह ऐसा सोचते थे कि रोज बारी सोती आज भी बारी सो जाएगी थोड़ ठंड़क रहेगा लेकिन अचन्ड धूप है और इस धूप के बावजूद आप देखेंगे सामने राची की विधानसभा और विधानसभा के बाद आप जो है छात्रों की फील्ड और बढ़ गई है मैंने सुबह से कई सारे वीडियो शूट कर रखे हैं लेकिन अपलोड नहीं कर नहीं चला तो बाहर निकलूंगा तभी वह सारे वीडियो जा पाएंगे बट आप देखेंगे पुलिस ने आखिरी घेरे पर पुलिस रोके हुए हैं यहां जो छात्र है वह भी किसी तरीके का उनमाद नहीं कर रहे हैं यह भी कोई यह दिखा नहीं कि उनको जबरदस्ती विधानसभा के अंदर गुशना है और सरकार की तरफ से भी कोई एग्रेशन नहीं दिखाया जा रहा है यहां पर दोनों के बीच में एक मौन सहमति है स्टूडेंट जुटे हुए और यह बहुत एतिहासिक दिन है राची की परीक में यहां पर इतने सारे बच्चे सरकार की चोहदी पर खड़े होकर के उससे सवाल पूछने आए हैं कि हमारी मांग क्यों नहीं सुन रहा हमारी मांग क्यों नहीं पूरी हो रही बता आप लोग कहां से देवघर से आए हम लोग और बेरिकेटिंग दो लास्ट बचा हुआ है बाकि सब आ रहे हैं खेत तब के झरखंड का यही पहचान है जो बात है कि लोग खेत पार करके आए हैं मैं भी आया ना उसी रास्ते से मज़े बात है कि यहां यह दिल्ली तो है नहीं कि रास्ता जहां बना वहीं जाना है पुलिस बेरिकेट लगा रखे सडकों पर लड़कों के आप अपना बेरिकेट अपने पास रखो हम जा रहे हैं खेत से यह खेताड़ी खेताड़ी जो है आते-ाते उधर-उधर मतलब जैसे सब वे सर्फर का गेम था एक्शुअल में यहां चल रहा था बॉज करके करके सब्सक्राइब उधर जंगल से बतते हुए के एडिच के पेंट देखो सब्सक्राइब कि यह सारे आप इस तरह सा लेकिन हसी मजाक सितर यहां आया क्यों वे लेकिन आए क्यों है सरकार को यह बात मुख्यमंत्री हेमन सुरेंड का बड़े और उनका बड़े मनाने तो आए नहीं है यह अपनी मांग मांगने आए हैं भाई जो है जो इतने देखो मैं आपको बताऊं बार-बार यह होता है मैं बच्चों से बात करूं आप समझना बार-बार कोई से तो सीनिस्ट है तो उसमें कहा जाता है सरकार में जो भी हो यही कहता है कि विपक्ष वाले राजनीत करें तो विपक्ष का हम यह राजनीत करना तो करेगा नहीं दिल्ली में भी विपक्ष राजनीत कर दे यहां भी कर रहा था तो विपक्ष अपना अकाम करेगा विपक्ष का काम सरकार है और कोई भी दल विपक्ष मेरे उसको करना चाहिए नहीं करता तो विपक्ष का भी फेलियर है लेकिन सरकार का काम क्या है काम है इसका मूल समझे मैं जनतरमंतर में भी था तब भी ओर ने जो आज यह जारखंड सरकार की तानाशाई देखी गई है उस तानाशाई के माध्यम से पुलिस के माध्यम से चोट लगे हाथों में लाठी चार्ज कहां हुआ जाएगा उधर चला है कुछ कुछ चला किसी को चोटें आई थोड़ा बहुत भकदड़ भी हुआ एक एक अंबुलेंस क्लाउड था कि किसी को भी कुछ भी बेहोस पानी पाए आप देखते हैं अपने कमास विदान तत्व आवभगेराव के लिए घेराव के लिए 950 के बीच में लिख लेङ हम लो बताओ टाइम कि यह इस तो दिरे दिरे लुट खोल की संबध कर रहा है फिर जब एक विरेमेटिंग है आई ना और फिर आगे आए तो लाठियां भी चली है कुछ चपल उपल भी छात्रों की ओर से भी इधर आया और भगदड़ मचा बहुत छात्र को चोड़ भी लगाए रोड पर गिर गए हैं खासकर जो लड़की लोग थी छात्राएं उनके साथ हुआ है वह सब अपने आपको बचा नहीं बहुत सभी को चोट आया है और उस तरह से यहां पहुंचे लास्ट में जो बेरिकेटिंग बचा आप देख देखिए होंगे भी हम लोग सॉटकाट आया तो इधर था तो मैं इधर था तो मैंने यह दिखा जो तुम्हें दोपहर के 12 बजे वह सारे वीडियो आप चैनल में मिलेंगे 12 बजे पहला जठा जो छात्रों का इस पर आया और दोपहर तक हमने जब तक वीडियो बनाया था तब तक जो किसी तरीके लाठी चार्ज तब तक कोई अब उसके बाद जब आधा भी बच गई ना तब फिर वाटर कानोन चलाकर भीड को बंद हो गया फिर बंद करने लगे ऐड आफिर बंद हो जाता था फिर अ उसने पर ऐसा नहीं था उन्हां में सैम्पू लेकर रहे थे कि यह पढ़ें थे यह देखो यह प्रॉब्लम यह था कि हम लोग थोड़ा सा भी भी थे फिर धूप आती थी तो शुक जाते थे फिर भी थे तो मजा ही नहीं आया पानी प्रॉपर चाहिए था उसके बाद हम लोगों को दिखाया गया नहीं हो बिदान सभा में घूश कर रहे हैं कि केनन कहां कहां खराब हुआ उसका भी जवाब सरकार दे नंबर खराब हुआ हमारा पैसा उसमें दो पहला बात दूसरा बात क्या है कि जब हम लोग देखे आंसु गैस का गाड़ी खड़ा था उसके तो परियोगे नहीं हुआ अब हम पूरा प्लाइफ में फर्स्ट हैं सोच जंतरमंत्र नहीं जा पाए तो सोचे गम से गम अपना मुल्क में अपना राज में देखेंगे किसा क्या होता है थोड़ा एक बार देख तो ले उनको मजा आने लग गया इसमें इनकी मांग माननी पड़ेगी नोकरी मिली नहीं बाहर निकल कर दिया 26 साल से सब्सक्राइब और जब अभी तो मैंने कम तो कहते हैं ना कि अगर आपको कहना है सीधा सीधा बात आपके जान से आप चाहते हैं कि सरकार क्या चाहते चाहती है कि अगर हम आपको जॉब नहीं देंगे कलम छोड़ दीजिए हम एक ट्रेन टीचर हुई है मैं एक मैं एक ट्रेन टीचर हूं लेकिन सीटेड क्वालिफाइड एसटेड क्वालिफाइड बेरुजगार पचीस साल 26 साल मेरी आयु है सरकार से कहते हैं अगर चाहते हैं मैं कलम छोड़ दो आप कहो कि जंगलों में चले जाओ चले जाते हैं यह भी बात आ रहा था कौन संभालेगा सर यह अगर जो जनता देख रहे हैं आप आप लोग सुनते जी सोर जवानी चलती है उस ओर जमाना चलता है तो हमको कौन संभालेगा जंगल में जाएंगे खुले हम कह रहे हैं चलो ठीक है अब इनकी बात सुनेते अब बताओ मुझे कहां लाटी चार्ज हुआ क्या हुआ इंसिडेंट आपको लुटा से एक गंटे तो सरकार से बात करने गई है यह लाटी चार्ज हम आराम से खड़े थे वहां पर वाले तो इन्होंने वहीं भाई ने बोला बिल्कुल इसमें भी कर अपने बार-बार उनके पानी जा रहा था बार-बार आ रहा था और कनल का मजा नहीं आ रहा था ऐसे में फिर बार-बार पानी भर है फिर बंद हो रहा है फिर करोडू सब्सक्राइब नहीं करूं नहीं कोई पास नहीं उन और माई कोर्ट की आधा सानिंगठ में कोंटिशन सभी रोक रहा है यह भी ऐसा सबसे ज़रुर करते हैं कैकर ज्यादा प्रशर में होते हैं यह अब क्यों तुम्हारा प्रेसर दब में घुटा कर दो अगर पानी लगता हुआ था, तो हम खेत में गिर नहीं रहा है। आपके दिष्टि बात गई। मुख्यमंत्री हेमन सुरय ने फैसला उनली को लेना है। बाकी तो सभी इंप्लीमेंट करें। आप इस राज्य के हैं स्टूडेंट पॉलिटिक से आये होंगे। आदिवासी हैं आदिवासीयों के हित ऐसी नेता बनने की बात भी कहते हैं आपको यह बात पता होनी चाहिए धान-रुपाई का सीजन चल रहा है और उसमें बहुत सारे बच्चे ऐसे होंगे जो अपने घर पर यह रुपाई का काम छोड़ दो लाइक संघवा नहीं होगा नीनानपर नैंटी परसेंट लोग किसान से मैं तो समझता हूं आप लोगों की बात बारी से भी नहीं हो रही है मोटर सक्षेति हो रही है इनका एक जिला है पलामू आपको इंटरेस्टिंग है चौड़ रहा है पूरा सिस्टम 26 साल में सरकार बदल जाती है पार्टी बदल जाती है रवया वही रहता है जब यह सी 12 से लेकर जब यह चौड़वी तक आ गई बीच में का दो चार अगर कुछ ठीक हो गया हो तो हो गया हो या कुछ ना मिला यह भी बात हो सकती है उसमें न पकड़ाया हो कि जिस तरीके का यह तंत्र बना हुआ है कि सीट बेच देना है रेट फिक्स है पीसीएस का एसएसी का हर चीज का सिपाही दरोगा सब का अभी तक विकेंसी जितना बिलेगा पूरा नहीं हो रहा है देढ़ साल दो साल से एक्साइज कफिकेंट से रुका हुआ जितना भी हो जैसे सीखे जान हुआ हर बार रद हो जा रहा है हर बार लिख हो जाता है पेपर पहले ही से भाईया सबको पता बताना चाहिए भी हम जिस गांव से आते हैं मेरे आगल-बगल गांव में तीन गांव है लगभग 5000 जनसंख्या है आजादी से अब तक एक भी सरकारी चापराशी लेकर जपीएसी यूपीएसी कोई भी एग्जाम का एक भी जॉब सरकारी गवर्नमेंट जॉब उस तीनों गांव से नहीं है 5000 जनसंख्या के बीच और जानते हैं इसका दोस्ती कौन है यही पेपर लिक और धांदली और सरकार है अगर क्योंकि वह गांव में सब गरीब लोग हैं पढ़ने वाले छात्र हैं अगर उस तरह का रहता सही से एकजाम होता निश्पक्ष होता तो कोई ना कोई बने में एग्जाम लिकाल के नौकरी ले लेता भाईया इसका सीधा सीधा यही है कि धांदली और इतना लूट खसोट मता हुआ है कि एक भी नसीव नहीं होता रहा था नाम तुम्हारा मेरा नाम संतोष कुमार हुआ तो जो बात करें आ रहा हूं इसके आज पड़ोस नहीं सरकारी नौकरी में एक मैं जो मेरे दर्शक शहरों में बैठे हैं किसी दूसरे देश में बैठे हुए हैं कहीं से भी देख रहे होंगे मैं आपको बताओ हमारा देश कितना डाइवर्स है अगर आप समझो कभी दुने की कोशिश करो अभी भी हमारे देश में ऐसे लोग बहुत सारे लोग इस पर भीलीव नहीं करेंगे ऐसे लोग हैं जो ना आप अपनी आंख के सामने ट्रेन नहीं दिखिए ऐसे लोग है भारत और हिंदुस्ता जो इंडिया का एक फर्क बताया जाता वह फर्क है गलत नहीं कह रहा हूं आप जो नहीं भी यह हमारे घर की बात है एक बार हमारे यहां परनव मुखर जी पूर्वराष्ट्रपति जो थे वह देवघर में आने वाले थे तो हमारी बड़ी ममी वह पूछ रही थी कि इतना हल्ला हो रहा है यह बड़ा चीज आ रहा है यहां उनको तो बोले कि आदमी है वह सबसे सरवोज पद पर बैठे हैं देश का प्रथम नागरी के उसको यह तक नहीं पता है कि राष्ट्रपति क्या होता है उस घर से हम लोग भी आ और जानते हैं पढ़ाई करने वाला ग्रेडी के शानिय मंत्री जी से उनसे सिधा यह बात पूछे कि कल आदिवासी दिवस्था हमारी भाभी जो है प्रदेश की वह डिजाइनर साड़ी पहन करके घूम रहे हैं उनके बच्चे सिनेमा का मजा ले रहे हैं और अपने परिवार का लगातार promotion कर रहे हैं जब भी आप मिलें उनसे यह पूछे कि जो सत्रा दिन से बच्चे भूखे हैं देवेंद्रनाथ मांतो जैसे लोग जो है और उनके साथ छह साथ विद्यारती हैं जो लगातार मतलब अनजल ग्रहन नहीं किए हैं उनके लिए क्या ऑप्शन है यातार सिर्फ जो है वह दुबाई की घड़ी दुबाई का चस्मार डिजाइनर साड़ी पहनने से जो है वह प्रदेश नहीं