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Summary
बिहार मेडल लाओ नौकरी पाओ योजना में बिना परीक्षा DSP-SDM की नौकरी कैसे मिलेगी? मूल निवासी होना चाहिए, सैच्डिक योगता पद के अनुसार सैच्डिक प्रमाण पत्र, बारवी पास, ग्रेजुएशन की डिग्री, आयोसी मा प्रमाण पत्र, मैट्रिक दस्वी का सर्टिफिकेट, जन प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, समान नोकरी और इसमें क्या अंतर है, समान विकेंशी जैसे बीपी एससी सिपाही भरती में कोई भी योग उमीदवार फार्म भर सकता है।
From the report
यहां भी काम करने का मौका मिला है बिहार में ता आप समझ लीजिये 2012 में बिहार में भी उतक्रिस्ट प्रदर्शन करने वाले खिलारियों को सरकारी नोकरी दी जा रही है और अब तक 235 खिलारियों को सरकारी नोकरी दी गई है कि आज हम बात करेंगे भारत की योजना मेडल लाव नौकरी पाव के बारे में मेडल लाव नौकरी पाव योजना की सुरुआत की नियुक्त भारत के पूर्व मुखमंत्री मितीष कुमार के द्वारा रखी गई थी साल संधुजारदस में प्रदेशन करने वाले 33 खिलाडियों को पहली बार सीधे सरकारी नौकरी देकर इस प्रक्रिया की सुरुवात की गई इसके बार साल 2023 के राष्ट्री जुनियर एथलेटिक्स मीट NID JM के दोरान नितीश कुमार के अधिकारिक तोर पर मेडल और नोकरी पाव का नारा और संकल्प दिया। जिसके तहट निविक्तियों का जो इस्तर उसको बढ़ा कर SDM या DSP जैसे उच्छ पदों को समिल कर दिया गया। इस महत्वकांचा योजना को सुरू करने के कई कारण थे। पहला कारण भविष्य की सुरच्छा और सम्मान पहले बिहार के कई खिलाडी पदक जीतने कबाद भी वित्तिय तंगी और अनिश्चित भविष्य से जूजते थे उन्हें समाज में सम्मान और आर्थिक सुरच्छा देने के लिए क्लास वन और क्लास टू की नोकरी दी जाने लगी दूसरा कारण है पलायन को रोकना बिहार के अच्छे खिलाडी नोकरी और बहतर सुविधाओं की तलास में दूसरे राज्यों जैसे रेलवे, सेना या अन्ज राज्यों के कोटों का रुख कर लेते थे। उन्हें बिहार में ही रोकर राज्य का नाम रोसन करने का अवसर देना बिहार का लच्छ था। तीसरा कारण है परमपरारिक सोज को बदलना। इसमें मिलने वाले वेतन 35,000 से 1,10,000 तक होता है इसमें होने वाले पद डियम, सब इंस्पेक्टर, दरोगा, कलर्क, खेल प्रसिच्चर ये सारे पद होते हैं इस खेल के अंतरकत बिहार राज खेल प्रादीकरण बीएसेस ए दोरा मानता प्राप्त लगबख सभी प्रमुक ओलंपिक, एसीआई खेल और राष्ट्री खेल स्रेडियो में सामिल किया गया है। पलवार बाजी यह सारे होते हैं और सटीकता वाले खेल तीरम बाजी और निशाने बाजी रैकेट स्पोर्ट्स बैडमिंटन टेनिस और टेबर टेनिस अन्न खेल भारत तोलन जिमनास्टिक तैराकी और साइकलिंग मेडल का प्रकार राष्ट्री अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड पदक, सिल्वर पदक या ब्रांज पदक मेडल होना जरूरी है खिलाडी का बिहार का इस्थाई निवास प्रमाण पत्र होना जरूरी है विज्ञाबनों पर नजर रखें क्यूंकि बिहार सरकार का खेल विभाग और बिहार राजखेल प्रादी करन बिसेसे समय समय पर उतकरस्ट खिलाडिओं की भरती के लिए अधिकारित नोटिफिकेशन और अवेदन फार्म जारी करता है. या खेल विभाग द्वारा तैपता पर फर्म भर के जमा करना होता है अवेदन के बाद खेल विभाग की एक विशेष कमिटी खिलाडी के स्पोर्ट सर्टिफिकेट मेडल की सत्यापन और खेल एसिसियोशन की मानता प्राप्त की बारीकी से जाच करती है लिखित परिच्छा से छूट इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है कि योग खिलाडी को किसी भी प्रकार की लिखित परिच्छा और इंटरव्यू नहीं देना होता है सीधी नियुक्ति पातर दस्तावेचों की स्कूर्टिनी पूरी होने के बाद राजसरकार जैसे हाल ही में मुखमंत्री दोराच्चनीत खिलाडियों की फाइनल मेरिट लिस्ट जारी उन्हें सीधा मेडल इस्तर के अनुसार प्रिशासनीक पदर SDM, DSP, SI कलर के निवक्ती पत्र सौप दिये गए हैं खेल, पदग प्रमाण पत्र, राष्ट्री या अंतराष्ट्री इस्थर की प्रतियोगी में जीता गया मेडल सर्टिफिकेट, गोल्ड या सिल्वर या ब्रांज विहार निवास प्रमाण पत्र, यानि किलाडी विहार का मूल निवासी होना चाहिए सैच्डिक योगता पद के अनुसास सैच्डिक प्रमाण पत्र जैसे सिपाही और किलर्क के लिए बारवी पास होना दरोगा डिस्पी के लिए ग्रेजुएशन की डिग्री होना अनिवार है आयोसी मा प्रमाण पत्र मैट्रिक दस्वी का सर्टिफिकेट या फिर जन प्रमाण पत्र पहचान पत्र आधार कार्ड वोटर आईडी कार्ड समान नोकरी और इसमें क्या अंतर है समान विकेंशी जैसे बीपी एससी सिपाही भरती इनमें कोई भी योग उमीदवार फार्म भर सकता है। इसके बाद लिखित परिच्छा, फिजिकल और इंटरव्यू पास करना पड़ता है। इसके बाद ही नोकरी मिलती है। special sports quota notification certificate इनमें आम जन्दा फार्म नहीं भर सकते मेडल जितनी की समय सीमा पर नौकरी इस नवकरी में भले ही उम्र की कोई सीमान नहीं रखी गई लेकिन आपके दोरा जीते गए पदक को लेकर एक निश्चित नियम है खिलाडियों के विज्ञापन या अवेदन की तारीक से अधिक्तम 3-5 वर्ष की भीतर वैराश्ट्री या अंतराश्ट्री मेडल जीता हो यानि यदि किसी खिलाडी ने 15-20 साल पहले मेडल जीता था तो वै आज सीधे अवेदन नहीं कर सकता मेडल हालिया वर्षों का होना अनिवार है नियूक्त हुए खिलाडियों की उम्र के वस्तविक उदाहरण वर्तमान वर्ष संदोहजार 26 को देखने को मिला क्रिकेटर आकास दीप भारती तेज गेंदबाज आकास दीप की उम्र वर्तमान में 29 वर्ष हैं 19 जुलाई सन 2026 में उनके बहतरीन अंतराश्ट्री उपलब्धियों के लिए सीधे बिहार पुलिस में डिस्पी का पच दिया गया। महीं क्रिकेटर मुकेश कुमार, भारती टीम के एक तेज गेनबाज मुकेश कुमार के उम्र वर्तमान में लगबख 32 वर्स है। उन्हें भी इस साल जुलाई संदोजा 26 में नितीश कुमार सरकार द्वारा बिना किसी परिच्छा के डियस पी बनाया गया। अगर आप भी इस योजना के लिए पात्रे थें तो नोटिफिकेशन आते ही समय पर आवेद जरूर करें। रहे हैं ऐसे ही सरकारी योजना और नौकरियों की असान जानकारी के लिए इस वीडियो को लाइक करें शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना न घूलें कि अब जो भी होगा अभी तक तो हम लोग ग्रेड 3 में दे खबर लहरिया आपकी खबर आपकी भाषा