
Summary
जेपीएसी के स्टूडेंट्स का दिन, जो घर से दूर रहते हैं, उनकी आदतें बदल जाती हैं, वे खुद से खाना बनाते हैं, लाइब्री में पढ़ते हैं, कोचिंग जॉइन करते हैं, घर से दूर रहने की आदत मना लेते हैं, सरकार की सुनिश्चित नहीं कर सकती है कि उनकी मेहनत का सम्मान हो
“सरकार को समझ में नहीं आ रहा है कि क्या कर रही है”From the report
You've all seen students protesting in Jharkhand. But let me show you how these government job aspirants live, the conditions in which they live far away from their homes. I'm right outside their hostel. And look at the kind of water logging that there is here. An extremely dingy hostel. And I have with me Saurabh. Saurabh is a JPSC aspirant himself. The exam which is in question, the exam because of which these protests are happening. and Saurabh has got us to his hostel here. Saurabh, today you are showing us your hostel. First of all, we will talk to you more. First of all, tell me where you are going to live. Basically, I am going to live in Jamshedpur. You are going to live in Jamshedpur, leaving your house and living in Ranchi. Yes, I am going to live in Ranchi. Okay, then show us your hostel. Let's go upstairs. How many people live here approximately? Around 20-25 people. How long have you been living here? It must have been 4 years since I came here and you cannot, it's very dangerous actually particularly during the monsoon and look at this garbage lying around here probably no proper garbage disposal system but we are going to Saurabh's room now so Saurabh, you were telling me this too let's go this is Saurabh's room okay so we have entered Saurabh's room Saurabh, do you live alone in your room? Yes, I am alone right now. Earlier you were telling me that you had a roommate, two people. Yes, earlier there were two people but now I am alone. Okay. I can see your study table here, you have put a calendar here. But you have also put a photo of B.R. Ambedkar here. Yes. Tell me about it. I was reading his books. Yes. And I found his personality very interesting. He is an idol. Because I... You consider him an idol. Yes. Because I am like that. I feel that I should keep myself a little. And you have a lot of books with you. If you show me. Yes, I mean I have a lot of interest in reading books. Yes. I mean, something like this. You have a book by Sigmund Freud. What a thing! Devdutt Patnaik. So you have a lot of books. Yes, yes. A lot of books. I have a lot of books. Well, the books are done. But I want to see here that you have a lot of notes. These are all JPSE notes. Yes. Okay Notes are very important UPSC JPSC etc Yes UPSC JPSC science and tech notes We will make more notes like this How long have you been preparing for JPSC अपना ग्राइड मास्टर ग्रेजुएशन भी फिलाल मास्टर्स कर रहा हूं और कितने पेपर लिख चुके हैं जब यह पिसीज पर इस बार आप इस बार इसी बार इतना बड़ा ही हो गया करप्शन भी उसमें स्कैम भी सामने आया इरेग्लारिटीज भी है कररप्शन तो इस बाद सामने आया कि तैक्वर कर यह तरफ करव कर शुभार पोलेट कर लिया रहा है ऐसा बात कि कोई नया चीज नहीं है और यह गवर्नमेंट का वाफट अबीजय बिवार में चलता पर फॉर्स डेपोंटर होते होते तो जब आप लिख रहे थे उसके लिए तैयारी कर रहे थे तो यह दिमाग में था कि भी हो सकता है तो पेपर ली जाएगा या फिर कुछ और जाएगा एक रॉल टीव है कि करप्शन हो सकता है या फिर हो जाएगा लेकिन इसमें इंसान क्या जाता है कि हंड्रेट पर सुनाव करप्शन नहीं होगा कि 20 30 पर चांसेस रह जाते हैं इंसान का एक वह पर रहता है कि 20 30 पर सेंट हम शायद लकी निकला है ने भी अच्छा खाना भी आप खुद बनाते हैं यहीं पर खाना तो खुद बना लेते अच्छा यह चूला आपका रखा किया कि बना लेते हैं खाने में खाना तो सिंपल म्यूजली वगैरह नक्का पर लेते हैं शौक नहीं खाना में रहेगा मैंने आपने मुझे अभी भी बता रहता है बैकता है कि आप कब काफी दिन का जो समय है वह लाइब्री बीटता है लाइब्री में आप जाते हैं पढ़ने जहां पर और भी तमाम जेपीएसी के स्टूडेंट्स आते होंगे तो पहले हमें बताइए थोड़ा आपका दिन कैसा दिखता है तो उठते हैं फिर क्या करते हैं कोशिश करते हैं कि जल्दी उठ जाए जितना सुबह हो पाए मान कि चलिए मैं जनरली साढ़े से साथ बजे उठता हूं साथ बजे उठने के बाद मैं रात में कुछ मतलब प्रिवेस नाइट कुछ ना कुछ भिंगान ने दे देता हूं जो फूल नहीं किला चाहिए ना हो गया इसमें अपना ब्रेकफास्ट लाइफ लेकर आ जाता हूं तो सुबह बनाता हूं तो पेट करके मैं लंच कि लग चले जाता हूं और मैस करता है है और अभी तो गैस वगैर के इशु के जलते मेस और प्राइस हाइस मेडिकल का मतलब जापके कॉलेज का मेस है नहीं लाइब्री में भी आप में जान कर सकते हैं अच्छा ओके तो खाना उतना अच्छा नहीं रहता है पैसा भी ज्यादा लेता है वह एक रीजन है इसलिए खुद से बना लेते हैं कुछ-कुछ पंप से कम एटलेस नीट इन क्लिन तो खाएंगे तो फिर वह लेकर लेबरी हुए पहुच जाते हैं 8 में आप बजे के करीब नास्ता जाता वहीं फिर मेरा लंच हो जाता की की कारते जो नहीं बनाता हूं क्योंकि उसमें इक की स्विश्व तक ही मानी जिल्बा गंड़ा की जैसा 12 12 12 दूसरे बीपीसी का विमाने शिलू वगर चेक किया जेपीसी का सिलेवस बहुत अलग है बहुत वास्ट है जैसे कि आपको छोटा से एग्जाम्पल देता हूं कि हिस्टी से मान की जले क्वेश्चन कूछा गया जाधर कुछ इससे जाधर के हिस्ट्री बहुत यह होता अपने आपने एंशेंट मिडिएबल मॉडल उसमें से आप को पांच किटेंगे टोटल 15 कोशिश मानकि जले पूछ पंधर कोशिश के आपको क्या पढ़ना पड़ें एंशन इंडिया रिस्ट्री मॉडर इंडिया वह आपका झारकांड को यह प्लस आपका इंडिया कभी तो शिलेबस बहुत वास्ट है। हाँ, शिलेबस तो वास्ट है। कोचिंग भी आपने जॉइन कर ये? हाँ, कोचिंग भी जॉइन कर ये। तो यहाँ पर जैसे आपकी तरहें और भी बहुत बच्चे आपके दोस्त होंगे जो ज्जारखंड के अलग अलग जगहों से आकर यहां राची में रह रहे हैं घर परिवार छोड़कर बहुत बहुत स्ट्रोइंट है आसान नहीं होता है घर परिवार छोड़कर नहीं ना कि अब आदत पड़ गई है शुरू-शुरू में खराब लगता था लेकिन अभी तो फिलहाल आदत मना लेते खुद को कहीं नहीं कहीं आदत तो घर से दूर रहने की जो अच्छा नहीं है तो मना लेते खुद तो एक चीज मुझे बताइए कि कभी आप लोग इतनी मेहनत कर रहे हैं घर से हैं गुसा आता है कभी-कभी की भैग यह इजम फैर क्यों नहीं हो सकता कि वह हमारी सरकार यह सरकारें यह सुनिश्चित नहीं कर सकती है कि हम अपनी तरफ से इतनी मेहनत कर रहे तो इजहार कम से कम फेयर हो उसमें कोई बाद दिना भाग ले बाजी ना हो तो आता है खराब भी लगता है कई बार इसमें क्या कर सकते हो सिस्टम को चेंज करने जाते हैं और यही रीजन है कि सारे लोग प्रोटेस्ट पर जा रहे हैं अभी तो बहुत बड़ा प्रोटेस्ट हो गया कम से कम दिन लेवल पियेश बात तो चल रही स्पोर्टेस्ट का यह हर बार होता है यह पहला बार नहीं है कोई नयी बात नहीं है पाद नई बात प्लीट भी हर बार होता है और हरवार होता है लेकिन अभी क्योंकि वह यह न्यूज बहुत बड़ा बनी गया है इसीलिए सारे लोग कवर कर रहें सारे लोग देख रहें जाड़कों को पहले इतना अटेंशन आज दक मिला नहीं है जितना इस बार मिला है और प्रोटेस्ट इतना सक्सेसफुल नहीं रहा है कभी कभी भी इस बहुत बहुत मांसड प्रोटेस्ट होता है तो सरकारों को लगता है कि हम धादलबाजी होने देंगे कोई देखेगा नहीं बार आज बढ़ जाएगी बात हां बिल्कुल बिल्कुल एक जैसे इसमें आप बार-बार नाम सुनाएं अभाईति बार अभाईति बार नाम खा रहा है तो इनको अरेस्ट भी किया गया है उनका उससे पहले 2018 में सब 18-19 में दरोगों का पोस्ट निकला था उनमें उसका क्लियर है वह आदमी का जैसे सी में जाधर में सेगंड रैंक पर वह भी क्लियर है जब इसे में क्लियर है तो मतलब उनका भाई का भी नाम सामने है ऐसे करके है शुरू से चलते आ रही है सारी चीज हर साल होता है एक मिनट चीज बताइए जैसे कि यहां पर आप इस कमरे में कहीं ना कहीं एक अभी जैसे हम लाइब्रेरी में भी गए से तो वहां पर ऐसे 12 12 तरीके का एग्जाम निकालना जब पीएस टाइप वह टेस्ट होता गई नहीं लिए एक नहीं होता कि एक होप रहता है कि कास अपना लाइफ में कर लें अच्छी कर लें अब जैसे मैं अपना खुद का बता रहा हूं मेरे कुछ टेक्निकल बैकग्रांड नहीं टेक्निकल बैकग्राउंड की कोई बीटेक कर लिया कर लें उनके पास जॉब ऑप्पॉजिंटी रहती है अपना क्या है कि मैंने पॉलिटिकल साइंस ऑनल्स के अवश्यकतार रहा हूं इससे मेरे पास एक ऑप्शन रहते कि मैं टीचर बन जाओ लक्शनर जाऊं उसके अलाभा हम लोगों को पास एक ही ऑप्शन बजाता है कि वार्मेंट जॉब का प्रेविशन करें वह एक अपना अलग हो गया और दूसरा चीज हो जाता है कि जैसे सार जीतिन लोग प्रोटेस्ट करें सारे मेंडियल क्लास फैमिली से मिडिंग क्लास फैमिली हम लोगों के कंडीशन मैं पर पसंद बता रहा हूं ऐसा रहता है कि ना हम लोग बहुत गरीब भी नहीं है कि हम लोग लेबर करके खा जाएं और इतना भी पैसा नहीं अपने पास कि कुछ ना करें आशी में जीवन चल जाता है लोगों का एक ही लास्ट ऑप्शन पड़ जाता है वह सरकारी मौकरी वह उम्मीद रहती है यह मुझे बहुत लोगों ने यहां पर बोला खासकर बहुत सी महिलाओं ने यह चीज बोली कि हमारे लिए गवर्नमेंट जॉब ही इकलौता या फिर आप लूंग दूसरे जी से राब् Kara लूंगता है, और जो जीति मजा है इसके कारणे में कई कर्कती जो भी भी आपको सफर करना सदस्यति है की लिखके ग्प विल्कुल कोशिश करनी अतिस रहने नहीं कोशिश करनी होगी तो यह गवर्नमेंट तो नहीं पता क्या कर रही है तो यह समझ में नहीं आ रहा जैसे अभी जो जब पिस्सी जो इजाम कंडक्ट करें प्रश्न पर रुपए लिखेट कंपनी लेकिन उसके बावजुद भी वहीं जब इसका नाथ कर रही है तो कहने के गलत तो रहा है पहले से गलत होता है और वार्मण को ध्यान देना चाहिए अभी जो जम सरकार आई है वह स्टूडेंट का मुद्दे से चाहिए कि हां युवा को रोजगार दूंगा लेकिन अभी वही काम कर रहे हैं तो यह नहीं है थोड़ा आपने स्ट्रेस की बात करी तो क्या स्ट्रेस उसके बारे में थोड़ा बताइए कि मानसिक रूप से किस तरीके का स्ट्रेस होता है यह थोड़ा करना चाहते हैं सिंधेशन कि आप इतना तो ऊपर सकते हैं कि कोई इंसान अकेले रहता है आपको इनस्टेंट यूनिएट सोचे नहीं रही था तौकूछ लेने के लिए लेकिन आपको कोई सब्सक्राइब सब्सक्राइब नापड़ता है यह हो जाता इसी कारण से आपको हो सकता फ्रेंड का पार्टी चोड़ना पड़े बॉदरेपार्टी आपको उसका रिलेटिव का शादी चोड़ना पड़े फिर से बहुत सारी जनरा है तो कभी-कभी अकेला पंद बहुत जैसे लेकर लगता है और यह थोड़ी मुझे अपने किताबें दिखाई मुझे आपकी किताबें बड़ी दिल्चस्प लग रही है क्योंकि आपके पास सिगमेंट फ्रॉइड भी है देवदात पत्नायक जैसे हमने देखा रहे हैं पास मुझे किताबें पढ़ने का थोड़ा यारा शौक है चीबी अच्छा