
Summary
अगर किसी राज को चौपट करना हो तो उसे ऐसा सिख्षा मंतरी दे दो जिसे सिख्षा का शाब भी ना आता हो। ये उतर प्रदेश के सिख्षा मंतरी हैं और सदन के भीतर देखकर हिंदी भी नहीं पढ़ पा रहे हैं।
“अगर किसी राज को चौपट करना हो तो उसे ऐसा सिख्षा मंतरी दे दो जिसे सिख्षा का शाब भी ना आता हो।”From the report
अगर किसी राज को चौपट करना हो तो उसे ऐसा सिख्षा मंतरी दे दो जिसे सिख्षा का शाब भी ना आता हो। ये उतर प्रदेश के सिख्षा मंतरी हैं और सदन के भीतर देखकर हिंदी भी नहीं पढ़ पा रहे हैं। दो तीन लोग और लगे हुए हैं इने हिंदी पढ़ाने के लिए यही हाल उत्तर प्रदेश की सिख्षा व्यवस्था का भी है जहां लगबग लगबग 30,000 से जादा सरकारी स्कूल बंद हुए 10 साल में पूरे देश में 1,00,000 सरकारी स्कूल बंद हुए जिसमें टॉप पर उत्तर प्रदेश है उसकी वज़ा ऐसे ही सिक्षा मंतरी है जिनने पढ़ना तक नहीं आता वो सिक्षा को क्या बहतर करेंगे और ये तो सिर्फ सरकारी स्कूल बंद होने के आकरे है मिड्डे मील में क्या मिलता है इसकी रिपोर्ट आपने दो दिन पहले मेरे द्वारा ही देखी है उससे भी जादा खतरना किया है कि drop out rate इतना जादा बढ़ गया है कि primary school के लगबग 28 लाग student drop out हो चुके हैं जिसमें से 25 लाग तो OBC, SCST, minority समाच से आते हैं और लगबग 15 लाग लड़कियां हैं यह दावा अकिलेश यादव ने सदन में किया था, जिसका स्पस्टी करण आज तक सरकार ने नहीं दिया. उससे ज़ादा खतरनाक बात यह है कि लगबग 62,000 सिक्षकों के पद खाली पड़े हैं. कोई पढ़ाने वाला बच्चों को नहीं है. और education minister का हाल ये है कि वो हिंदी तक सही से नहीं पढ़ पा रही है तो सिर्फ क्या धर्मेंदर प्रधान के स्तीफे से बात बन जाएगी ऐसे सिक्षा मंतरियों का भी स्तीफा मांगना होगा जिनने पढ़ना नहीं आता वो पढ़ने के मंतराले के मुखिया कैसे बन सकते हैं इस सवाल का जवाब मुझे आप दीजिये और योगी अधितनाथ जी तक ये वीडियो पहुचाईए ताकि उन्हें पता चले कि जस आदमी को उन्होंने सिक्षा मंतरी बनाया है उसकी सिक्षा में भी घुटाला है