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Summary
आदिवासियों का जीवन नक्सली और सुरक्षा बलों की बंदूक के बीच कैसा है? बस्तर के जंगलों में उनकी जिंदगी कैसे कट रही है, यह बताने के लिए काफी है
“बंदूक से नहीं है इस आदिवासी को अपनी बात, जीवन के संकट को दूर करनी की है”From the report
नकसली और सुरक्षा बलों की बंदूग के बीच आम आदिवासी का जीवन कैसा है? ये जिस घर के बाहर बैठा हूँ वो बताने के लिए काफी है ये एक जुपडी है, अंदर पालना है, बच्चा है, बुजूर्ग है, महिला है और ये जंगल के बीच का एक घर है बीजापुर में और इससे मातर 50 मीटर दूर इनकाउंटर चल रहा है हजारों राउन गोलियां यहां चली है 18 नकसली 3 दिसमबर को यहां मारे गए दोनों तरफ से गोलियां चल रही है बीच पिनी अत्ता आदिवासी उसकी जिन्दगी कैसे इस बस्तर के जंगलों में बीत रही है, कट रही है, यह बताने के लिए काफी है इस आदिवासी की लड़ाई, इस आदिवासी की बात, बंदूक से नहीं है इस आदिवासी को अपनी बात, जीवन के संकट को दूर करनी की है