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Summary
विरोध प्रदर्शन के बारे में जानकारी दी जा रही है, जिसमें लोगों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने अपने मुद्दों को उठाया और सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की।
“हम नए तरीके लायेंगे अपनी बात सुनाने के”From the report
موسیقی نمشکار یہ دل سے ایک بہت خاص پروگرام ہے خاص کیوں ہے میں ابھی بتاؤں گا آپ کو میں کئے دنوں سے سوچ رہا تھا کہ کیوں نہ ان چھاتروں سے ملا جائے یا ان لوگوں سے ملا جائے جو وہاں جنتر منتر کی پروٹیسٹ سائٹ پہ تھے انہوں نے وہاں کیا دیکھا وہاں وہ کیوں آئے کیا محسوس کیا وہاں پولیس کا رویہ کیا تھا سنا ہے کہ پولیس بیٹن رکھتی ہے اس میں تھوڑا کرنٹ بھی ہوتا ہے کسی کو کرنٹ لگا اور اگر لگا تو کیا چوٹ آئی اس کا نتیجہ کیا ہوا اور کئی ایسے لوگ وہاں آئے تھے جو شروع میں شاید نہ آئے ہوں پر بعد میں جڑے کیوں جڑے کب رہے کیوں رہے کتنی دیر کے لیے رہے اور وہاں جو واطورن تھا وہ کیا تھا تو یہ تو تب ہی پتا چل سکتا ہے کہ اگر جو لوگ وہاں تھے اور وہ بھی یوہ لوگ ان سے ہم بات چیت کریں یا پتا کریں کہ وہ کیوں گئے کہہ کو گئے کتنی دیر کے لیے رہے اور اس انشن کے بعد یا اس پروٹیسٹ کے بعد آج کے دن ان کے من میں کیا بیت رہا ہے ان باتوں پر ہم چرچہ کریں گے اور ہمارے پاس تین ایسے یوہ لوگ ہیں جو وہاں تھے اور وہ اپنی آنکھوں دیکھی بتائیں گے کہ وہ کیوں گئے اور انہوں نے وہاں کیا کیا پہلے تو خاتیانی پنت Thank you very much آپ یہاں اس پروگرام میں آئیں میں تو پہلی بار ان لوگوں سے مل رہا ہوں اور سنایا کہ آپ گاتی پہ ہیں وہاں گئی ہیں آپ نے گانے بھی کئی گائے عشانت کمار شرما صاحب آپ وکیل بھی ہیں تو ہم بھی اسی پیشے سے جڑے ہوئے ہیں لیکن ساتھ ساتھ میں سنایا کہ آپ آرکیٹیکچر میں بڑی دلچسپی لیتے ہیں تو آپ کا بھی دھنیوات کہ آپ یہاں میرے ساتھ جڑے اور اکانگشا گاؤتم جی thank you very much آپ tour guide ہیں دلی میں اور آپ بھی وہاں protest site پہ تھی اور آپ کا تنیواد کہ آپ یہاں آئی ہیں کاتیانی جی آپ سے میں پوچھنا چاہتا ہوں کہ پہلی بار آپ کب گئی وہاں پہلی بار میں پانچوے یا چھتے دن گئی ہوں گی میرے دوست انشن پہ تھی نیہا تو میں اس سے ملنے گئی تھی اور میں دیکھنے بھی گئی تھی देखने गई थी, देखने गई थी, क्या हो रहा है और क्या नहीं हो रहा है। तो शुरुआत में तो ये छोटा-मोटा प्रोग्राम था ना, ज्यादा तो इसमें लोग दिर्चास भी नहीं रहे थे, शुरू में। शुरू में छोटा था, बट आई थिंग जब तक मैं चले गई थी वहां पर लोग आने लग गए थे थोड़े बहुत आने लग गए थे अफ कॉस 20 तारे के आसपास लोग बढ़ गए थे बट कुछ-कुछ छोटे-छोटे जैसे मैं देख रही थी कॉलेज खत्म होकर बच्चे आ रहे हैं अच्छा नौकरी के बाद लोग आ हैं अच्छा क्योंकि वह लोगों में एक क्या चल रहा है कुछ तो हो रहा है सौब कोई हमारे लिए बैठा है या कुछ बातचीत हो रही है लोग घटक हो रहे हैं तो वह इतनी विलोग कहीं और ना जाकर मुझे लगना था लोग हय का हंदा हुआ है करते हैं कि फिर संकोज से आ रहे हैं की चोड़े डर से भी आ रहे हैं पर आ जरूर गये हैं इससे क्या इसलिए आ रहे हैं क्योंकि जो पेपर ली अमुद्धा है यह बहुत एक पैसा मुदभुत से सब लोग से जुड़ रहे से यह पेपर लीग के अलावा भी उनके मन में था कि नहीं यह जो साशन है यह सही नहीं है गलत रास्ते पर चल रहा है हमारे विविश्य को खतरा है यह था थी बावना पेपर लीग के लिए भी बहुत लोग आए थे बट ऐसे कई लोग आए थे जो अपने मुद्दे लेकर आए थे कैसे किसी ना किसी जैसे मुझे आइटिंग 20 तारीख के दिन मुझे कुछ और तेरी चल राजस्थान के कहीं गांव से आई थी कोई साउथ से आया था और वह आए थे वह कह रहे थे कि हम इसको मतलब हम उनको हटाकर ही रहेंगे। और उनका कोई नीट से उनको। वह उनको कुछ महसूस हुआ था कि कुछ गलत हो रहा है। या उनका कोई मुद्धा शायद उनकी बच्चे के साथ या उनके साथ। या सिर्फ एक समस्या नहीं है यह सारा इंटरकनेक्टेड़ है। तो वह इंटर कनेक्टेड नेस वह सिस्टम की जो मार सहर है हर तरीके से वह सब लोग समझ रहे थे कि पेपर लीक भी है जो और तो के साथ जो केसेस बढ़ रहे हैं वह भी है जो बहुत सारी लोग अपने अपने इन फैट 20 तारिक तक आप देखेंगे कि बहुत लोग अपने एक मुव्वमेंट ने और कई लोगों को एक प्रेड़नादी बोलने की वह बहुत लोग आ रहे थे तो इस आन आप वह काई को बांग लेवर कब गए जंतरमंतर या जो टॉलस्टॉय रोड है अक्सर आप मुझे वहीं पाएंगे प्रोटेस्ट के पहले भी बात परमनेंट साइट है मतलब हां परमनेंट साइट वहां पर तो जब यह शुरुआत हुई इसकी चीज बहुत सी बात जो कात्याईनी ने बोली उससे पहले साल जब आप चीप जस्ट पहले वह विजिटर थे हमारी यूनिवर्सिटी में प्रोटेस्ट हुए उस तमें वह हमारे विजिटर दिग्री ली डिसेंबर में और फिर एक बतौर लॉयर मैंने जब उनके जुडीशरी से आते हुए एक बयान सुना इस तरीके से अब वो कहती हैं कि मेरा बयान का एक्सलिनेशन अब वो दे सकते हैं वो आपके लिए तोड़ मरोड के मैंने यह मेरा मकसब नहीं था वह ठीक बात है बट जुडीशरी को हम बड़ी होग से देखते हैं कि सरकार है या कोई भी आडमिनिस्ट्रेशन है कि जुडीशरी तो है कोर्ट में तो हम जाए सकते हैं लॉयर इसकी इसको शायद मैं और एक बेहतर से समझता हूं कि पोर्ट कितना कुछ कर सकते हैं जनता के लिए कहीं कुछ नहीं है और करते आए हैं तो वहां से एक ऐसा बयान आना तो वह एक उम्मीद तोड़ देने वाला किस्सम का बयान था आप इसलिए वहां गए इसे इसकी शुरुआत वहां से यह कहीं भी मुझे भी लगा कि अगर वहीं से इस तरीके के बयान आ रहे हैं तो फिर हम कहां उमीद करें तो वहीं घूमते हुए जब दीरे-दीरे सीजेपी का जैसे उन्होंने वहां पर इकटा होना शुरू हुआ तो इसमें एक और बात है कि अभी सब्सक्राइब करें और बहुत सारे लोग अलग-अलग अपनी मुद्दों से जुड़े हुए थे शायद मेरी पीड़ी के लोग इस चीज को नहीं समझते कि जंतरमंतर सिर्फ चीजेपी के प्रोटेस्ट के लिए सिर्फ प्रोटेस्ट साइट नहीं है वहां अगर शायद कुछ लोग उस तरीके का समर्थनी दिखाए गया ट्रांस बिल को लेकर मैं वहाँ भी गए आप कभी भी जाएं जंतर मंतर वहाँ आपको चार देस लोग अपने अलग-अलग मुद्दे गेक बरकर जहाँ पर कब से खटे हैं तो शायद CJP, तो मैं वो सारे मुद्दे महापर बहुत अच्छी सरदार पटे स्मारिक लाइब्रेरी है, उसमें जाते रहते हैं, तो CJP का चल रहा था, तो आते जाते उनकी जो बात है, सुलना या लोगों से बात करना, जो अलारलग बात करने, आते जाते, तो मैं तो इस त यह हों का कोई अंदोलन यह मेरे जैसे अब मेरे जैसे कि तहसी हियर शासे ठीक है और किकी मेरे दोस्तीर व्यक्ति पर कि एक दोस्त बैंक लॉर्ड से खास इसके लिए आया वो सुभाय और शामकुर भवस चला गया मेरे साथ क्यों आया क्योंकि यही एक भावना कि अगर हमारे लिए कोई रिटरेसल का ऑप्शन ही नहीं है, हम अपनी बात कहें किसको, सरकार इतने लंबे समय से नहीं सुन रही, सब्सक्राइब करें इनको मलाइन किया जाए पब्लिक में आइडेंटिटी पर बोला जाए इस तरीके के लोगों नीचे जुड़ा हुआ नहीं था क्योंकि पब्लिक में यह बात इतनी है नहीं कि इस साल जो सुप्रीम कोर्ट में 7-8 हजार लोग हैं और वह ऑनलाइन टेस्ट है MCQ था उसमें बहुत सारी इरेगुलारिटी थी बाद में कोर्ट ने बोला हां इनको वेरिफाई करेंगे उसके बाद तक भी लोग जो फाइनल रिजर्ट बार कांसल डे एजाम में भी दांधलेबाजी होती है मुझे नहीं मानूं बट लोग कहते हैं अभी नीट के बाद इस गुजरात में अभी पीछे ही हुआ फिर उत्तराकंड में हुआ यह तो रोज के रोज सकता रहता है अगर स्प्रीम कोट जैसा संस्थान से एक ऐसा स्टेटमेंट आ रहा है सिजीआई के द्वारा उसके बाद एक एग्जाम जाएगी मैं देखना सुप्रीम कोट कुछ करा रहा है रेजिस्ट्री करा रही है उस एग्जाम को और उसमें भी एक तरीके से भरोसा नहीं रहा है तो तुम पिर कहां भरोसा किस-किस की ओर हम देखें किस हम उम्मीद करें तो मेरे जाने का मोटिवेशन यही था कि कोई उम्मीद इसके अलावा उम्मीद नहीं दिखती है अगर हम अपने लिए खुद नहीं बोलेंगे अपनी वास्तव जी आप आप क्यों गई कैसे गई कब गई तो जो कॉकरोजेस वाला कमेंट आया वह पर पर्सनली था, वह में भी बढ़ा गई था क्योंकि मैं आपको बता रहे थे कि मैं एक तुरक गाइड जाता हूं जैसा आप बता रहे थे पर वह सब मेरी जिंदगी में इसलिए हो रहा है क्योंकि मुझे अपने आपको संभाव करना है और वह फोर बार हुआ है। मैं द्रॉप आउट फॉर दो खॉलेजेजें हूं। एक दिन मैं चार साल एलिमेंटरी एजुकेशन पढ़ रही थी। और उस दिन मैं एक प्रश्निक शुक्रिया शुरू कर रहा हूं। एक प्रश्निक शुक्रिया। एंजियोग वाइव यू ड्रॉप आउट आई ड्रॉप डाउट इन माय लास्ट यह बिकुस आवस ट्रिनिकली डिप्रेस्ट एंड वस विश्वट ऑन एंड एंड एंड एंड एंड यह एक बहुत उस टाइम पर मेरे एक परसनली बहुत बड़ी बात थी क्योंकि जब हम प्लास रूम में जाते हैं तो हम बोलते हैं कि हमें सारे बच्चों के mental states को consider करना है we have to consider the, you know, any illness if our learners are going through पर जब मैं खुद जाके अपने teachers से इस बारे में बात कर रही हूँ तो उस चीज को consider नहीं गिया गया क्योंकि rules require you to be present 75% of the time. So anyway उन चार सालों के time पे when I was going to NDMC का school में अगर आप जाके देखें या पे एक alternative school में जाके देखें जमीन आसमान का फिर आपको मुदाह करेंगे उस साथ मैंने रिलाइज किया कि हमें कितनी साइए चीजें नहीं मिले हैं आई हैफ बीन स्कूल इन केवी एंड सम प्राइवेट स्कूल्स वहां पर भी बहुत डिफरेंस है और हालांकि एक टाइम पर मेरे पापा की पूरी सर्वी जो है वो सिर्फ पढ़ाई पर ही जा रही है उन्होंने बहुत मेहनत करके मैंको एक प्राइवेट स्कूल में डाला पर वहाँ पे भी I am feeling out of the place क्योंकि I am coming from a certain class and also a certain caste आप like imagine करिए कि fifth class में because I am double A अकांशा I am always role number one और वो मेरे लिए वाला के बाद एक सभाव न करता है जिसने मैं मैं वर्ष से बहुत ही हुदी हूँ और इसी प्रदोधार के लिए दोष्ट्रकों के अंदर तो आप प्रहोजान करेंगे