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Summary
जारखंड में छात्रों का स्ट्राइक, सरकारी नौकरियों के लिए अनियमिताओं का विरोध, JSC और JPSC परीक्षा के खिलाफ परदर्शन, छात्रों की मांगें और सरकार की प्रतिक्रिया
“पेपर लीक नहीं होता है, 40-50 लाख में सीट बेच दी जाती है”From the report
आप दिल्ली से आये हो, आपको हमारे जारकंड के धर्ती पे नमन, और मैं आपकी स्वागत करना चाहूँगा कि आप जैसे जो मीडिया है, वो हमारे सम्मिधान के चोथे स्तम है, और इस स्तम को जिन्दा रखियेगा, और खड़ा रखियेगा. जो छात्रकों को अभी अपने घर में पढ़ना चाहिए, लाइबरेरी में पढ़ना चाहिए, कम्पिटिशन का त्यारी करना चाहिए आज यहाँ पर सड़क पर पाने में भीग कर भूके प्यासे हजारों 500 किलोमेटर दूर से यहाँ पर ट्रैवल करके परदर्शन कर रहे क्यों अपने भविस्ति के लिए दिल्ली में भी आवाज उठी थी तो जारकन से भी कुछ बच्चे गए थे और स्टेट से भी गई थे लेकिन यह नहीं है कि वहां की चात्र है लगे वह की चात्र है लगे बस डिमाड चात्र सरकार आपके इस परदर्शन में आपका सब दे रही है इस परदर्शन में साथ थे यह वह अच्छी बात है हमको हुई बहुत अच्छा है उनको मैं धन्यवाद देता हूं लेकिन दिल्ली वाले परदर्शन में वह सरकार कहां थी उन बच्चों पर लाठिया चलुवाई गोलिये बरसाय बिहार में एक के 47 चलाई गए वह कहां एंडीए सरकार किसी सरकार है वह भी है यही का सरकार है वह है प्रोटेस्ट कर रहे हो सीधा सपटक कर रहा है यही को कैसे नाकि है अपने स्टूरों वकाय शहदा चाहता हूं कि गरीब बच्चों का आवाज बनने का काम कर रहे हैं समझेना जनतर मंतर पर छात्रों के परदर्शन के बाद अब देश का सारा ध्यान जारखंड पर केंद्रित हो चुका है हम देख रहे हैं कि देश के अलग-अलग राज्यों में शिक्षा विवस्था में सुधार को लेकर युवा लगातार आक्रोशित हैं हम इस वक्त मौझूद हैं जैपाल सिंग्बुंडा स्टेडियम में जो की जारखंड की राजधानी राची में है और यहाँ पे छात्र बीते 14 दिनों से JSC और JPSC की परिक्षा में अनियमिताओं के खिलाफ लगातार परदर्शन कर रहे हैं कई सारे छात्र भूक हरताल पर भी बैठे हैं जब हमने इस सारे मुद्धों को जाना और समझा तो एक चीज वो हमें यह समझ आई कि जारखंड, बिहार, उत्तर परदेश, मध्य परदेश और हिंदी पट्टी के जो अलग-अलग राज हैं वहाँ जो लूर मिडल क्लास और मिडल क्लास से आने वाली जो लड़के हैं उनमें जो सरकारी नौकरियों को लेकर एक जजबा और जुनून होता है, जो उनका एक सपना होता है, वो ज्जारखन जैसे राज्यम में पूरी तरह से कॉंप्रोमाइज्ड है। देर रात को भी जिस तरीके से लागातार छात्रे यहां पे जमे हुए हैं, आप लोग यह किस चीज की लड़ाई लड़ रहे हैं, और इतना वक्त क्यों लग गया इस लड़ाई को यहां तक पहुंचने में? हमें नैप के खिलाफ अनयाय के खिलाफ में न्याई चाली है क्योंकि हम लोग उस स्ट्राइक पर बैठी हुए जो बहुत प्रशंति हो रही है उसे नया क्या करते हैं उसको प्राइज मिलना चाहिए लेकिन यह कैसा स्टेट जिसे हिरासत में डाल दिया गया जैसे कि हमारे एक सर है संतोष मस्ताना सर आपके डिमांड चैटर में इसका भी जिक्र है कि उनसे वापस लिया जाए और जिन्होंने उसको गलत तरीके से आरेस्ट करवाया था उसको पब्लिक डॉमिनेंट लाया जाए और उसे सजा सुनाया जाए कि उसे जिसने उजागर के उसे प्राइज देना चाहिए आप उसे हरासत में क्यों लिए इतनी बड़ी बिड़ामना पर रहते हुए भी उन्होंने अपने जान अपनी नौकरी पर खेलते हुए भी यह सरकार को बताने कोशिश की कि आपके सिस्टम में यह थोड़ा सा छेद नहीं है बड़ा सा होल हो गया है आप लोग यहां बैठे हुए लेकिन फिर समझ में आता assistant professor का मामला है PGT का मामला है लगभग हर सरकारी नौकरी जो झारकंड सरकार की है उसमें यह निमित्ताएं हैं यहां ही नहीं सर कुछ भी नहीं है कोई भी रेगुलर इसना कलेंडर है नहीं एक्जाम का कोई सिस्टम है कुछ भी इसका डिसाइड है ही नहीं कब आएगा कब चला जाएगा कब किसको नोकरी बेच दी जाएगी कोई गारंटी नहीं है आज हम लोग इतना तरस्थ होकर के यह स्ट्राइक कर रहे हैं क्योंकि हम लोग इस मजबूरी है हम पढ़ने वाले कलम कॉपी के साथ अभी दोस्ती है हमारी लेकिन यहां आकर करके स्ट्राइक करना पड़ रहा है मजबूरी है कि अच्छा एक चीज मैं उस पर भी आपकी सारे इन बातों को सुनने के बाद में उस पर भी टिपनी लेना चाहूंगा कि च्छात्र छात्र छात्र छात्र छात्र छात्र छात्र छात्र छात्र छात्र के परदर्शन हो रहा था था पापर 20 बांच मिगरित राजणीति हो रही है आप कैसे देखते हैं कि जनतरमंत्र पर और उनके लिए भी के साथ था चात्र चात्र धो चाहिए कि हो भी कोई और भी सबस्क्राइब नियुक्ति सबस्क्राइब करो जाए सिस्टम को सुधाराता है वह दिल्ली और जांचन के बच्चों में डिफरेंस है नहीं हम कोई पार्टिका नहीं है नहीं कोई स्टेट प्रोफेक्टिक हमें बस हमें यह नहीं चाहिए कि सिच्छा सिर्फ जारखण में शुद्धि दिल्ली में भी उठी थी तो जारखण से भी कुछ बच्चे गए थे और स्टेट से भी गए थे लेकिन यह नहीं है कि वहां की छात्र अलग और यहां की छात्र अलग बस डिमांड एक है सिस्टम की सुधार अभी जिस स्टेट में बीजेपी का साशन वहां कह जाता है कि आप दूसरे पार्टी के द्वारा युक्त साया गए तिश बच्चे करें तो करें क्या आप हमारी अभी मांग सेवियाई की तो जेमकी पार्टी ने कह रहा है कि बीजापी की सासन थी उस टाइम भी वह चेल लेकर दूसरे जपस में धानदली थी जान सकरी क्या करीगी तो भाई मैं पूछना चाहता हूं आप भी सत्ता में हो ना आप उसको प्रेस करो आप उसकी उजागर करो हमारे विधानसमा में उसके वाद उठाया जाए कि जिन्होंने वन और दो में धानली की थी उस पर कारवाई क्यों नहीं हुई कि कई डिफरेंट है बट दोनों का मुद्ध का रिलेशन पूरा पूरा स्टूडेंट्स से रिलेटेड है एक स्टूडेंट के भविष्य से रिलेटेड है आप जो मेरी टोलीट से स्टूडेंट है ठीक है आप उनका कोशिशन या उनका जो मिरिट है आपकी नहीं और को दे दे रहा था बेसिस ऑफ मनी ओके और जो मिरिट ओरियस स्टूडेंट है वह पीछे रह जा रहा है क्वेश्चन में न्यूज़ में पता चल रहा है कि एक जो क्वेश्चन पेपर है उसमें बस तीसी कोशिशर लगा और वह बच्चा सायद 300 समथिंग रैंक लेकर आया है मेरी एक friend है उन्होंने exam दिया JPSC का उन्होंने cut off mark पार कर दिया but उसके बावजूद भी उनका नहीं हुआ क्यों? क्योंकि seats वो ले गए जिनके पास पैसे थे and not the person who are the domicile of the Jharkhand state but who are beyond the domicile of the state यहां और है और अगर यह यह हमारा श्टेट है तो यह होना चाहिए कि हम लोग अपने स्टेटकों कैसे ड्रेबलप करें ना कि दूसरे से पैसा खाकर अपने जो मैं रिस्टों है स्टूडेंट है उन लोगों का भविष्य बरबात कर दें कि चात्रा होने के नादे चात्र समर्थन करती हूं और पूरा मेनथ होता है और जब कोई भी बच्चा पढ़ाई करता है रिधर में होता है हम लोग प्राइक अधिक्ष बूसर चुनाती आती है कि घर से परमिशन मिलता है तब हम लोगों को राजिकर घरवाले को त्यार करके ना पड़ते कि नहीं आपको हम लोग इस पर कर लेंगे तो हर बार एक्जाम देते तो रिधर मोड मोड है फिर लगते के लिए चलो प्रिलीम्स हुआ अच्छी तरीके से हो गया फिर में उसमें भी अच्छी तरीके से हो गया फिर इंटरव्यू लेकिन जब लास्ट के रिजल्ट देखते हैं तो हर पर गड़बड़ी कुछ ना कुछ नहीं कलती है अभी हम बीसीए प्लेट कर रहे हैं बैचल कंप्यूटर अप्लीकेशन से बट अगर आगे कोई जारखंड में सुधार नहीं हुई तो फिर फिर आईटी फिल्ट के तरफ हमें मूव करना पड़ेगा विकाउज हम लोग बेरोजगार तो रहने सकते हैं घर में प्रेसर होता प्रेसेज कुछ ना कुछ तो करना पड़ेगा अगर जो अगर झारखंड सरकार ने इस मुद्दों को अच्छा से देखा अच्छा से समहाल लिया तो फिर हमको भी सपना है कि वीडियो बने यह बने जपीएसी का एक्जाम दे और अपने मां आपको गर्भित यहां से जाता है वह उस स्टेट को इंडिया का नहीं भी तो टॉप सेकंड यह टॉप फर्स्ट डेबलप्ट स्टेट होना चाहिए पर टिस्टिल नोबडी नोए जाओ जारकंड मैं गई थी आडीसी परेड होता है और लाइक आपका जो करतव पथ है वहां परेड होता है उसमें मैं एज एनसेस कंटिंजेंट गई थी तो वहां पर लोगों ने मुझे पूछा कि आप कहां से आई सेड आई 28 I belong to the state where Mahendra Singh Dhoni comes 28 प्लेस ठीक है तो लोग हमको हम लोगों को कैसे जानते हैं बाय द नेम आफ थाला उनली दोनी और लोगों का पता ही नहीं बाई हमारा हमारे यहां से 40 परसेंट मिनट जा रहा है हमारे यहां पर सारे खनीज है उसके बावजूद भी बच्चों के भविषय के साथ कैसे खेल सकते हैं आप लोगों को हमारे भविषय के बारे में सोचना चाहिए था लाइट नॉट स्पूट एन इवन असिंगल वॉड इन सॉलिडेटी विद इस प्रोटेस्ट आफ में भी ही थिंग लाइटी मस्ट स्टेयर ऑफ द ऑर्ड इस स्टेट के कारण से वह जान जाते हैं गुड पर्सन आई स्ट्रॉंगली बिलिव आई स्ट्रॉंगली फॉलो हिम एक्शनी इज माइडल फ्रॉम माइड वेरी चाइलड हूं इस पेसेंस बट आई थिंग इमसेस समवर्ड से बाउट इस प्रोटेस्ट विद टू सो पाई सिओप राश लुट देखो भी पहले में आपकी बहुत गबरात करना पड़ा होगा आप कहां से � पड़े हो आप दिल्ली से हो आपको हमारे ज्जारखंड वीडियो के धंवन और मैं वोमाले। आपकी स्वागत करना चाहूंगा कि आप जैसे जो मीडिया है वह हमारे सम्मिधान के चौथे स्थम है और इस स्थम को जिंदा रखिएगा और खड़ा रखिएगा मैं बस यह बताना चाहूंगा यह पानी यह बारिश यह यह कुछ नहीं है जो लोग सोच रहे हैं कि यह सिर्फ पानी में हम खड़े हैं कहना चाहता हूं आपका यह स्वागत मेरे लिए बहुत मायनी रखता है क्योंकि जनतरमंतर पर हम लोग प्रदर्शन को लगातार कवर कर रहे थे तो लगातार हम लोगों को पीछे कुछ दिनों को बालियां पढ़ रही थी कि आप जहारखंड क्यों नहीं जाते जहारखंड नहीं जाते लेकिन जहारखंड के छात्र के लिए भी हम सबसे आगे हम चहे किसी भी पार्टी के शाषित राज्य हो वहां पर हम जिसके लिए आवाज उठाएंगे वह इस्ट्रूडेंट कम्यूनिटी होगी हम किसी पार्टी के स्पोक्सपर्सन नहीं है कि हम वहां जाएंगे तो वहां नहीं जाएंगे तो आपका यह स्वागत हमारे लिए मतलब मैं दिल से बहुत आहला देते हूं जी मैं आपका बहुत अभार रहोंगा हमारी गलतिया रही है कि हमारे कुछ छात्रों ने आपको पिंच किया उसके लिए मैं माफी चाहूंगा लेकिन हमारी भी एक आकरोश है आप देखो ये पानी ये मैं आधा भिंगा हूँ क्यों मैं भिंगा हूँ ये आकरोश पै पचीस साल कुछ महिने की आकरोश है जब से ज लिखे सारी पेपरों में धांदली है और कुछ-कुछ पेपरों की धांदली नहीं पकड़ी जाती है स्टूडेंट अपनी आवाज उठाड़े रहते कोई फर्क नहीं बढ़ता है और जैसे कि झारखंड की जो बात है ज्जाहारखंड की प्रोटेस्ट ज्जेपीएसी और जेजेज़ेसेश-ज्जेसेसी पर नहीं हर ज्जाहारखंड की प्रोटेस्ट हमारी एजुकेशन सिस्टम पर यह बहुत लंभी प्रोटेस्ट है और बहुत लंभी संघर्ष से यह माननी हेमन श्वरेन जितनी भी सरकारी आई हैं इन्होंने सिर्फ जहारखंड के लोगों को और सहारखंड के बसिंदों को और जो यहां के ट्राइबल हैं जो यहां के जनजाती उनको सिर्फ लूटा है बरगलाया है