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Summary
जन्तर मंतर पर छात्रों के परदर्शन के बाद अब देश का सारा ध्यान ज्हारखंड पर केंद्रित हो चुका है
From the report
जन्तर मंतर पर छात्रों के परदर्शन के बाद अब देश का सारा ध्यान ज्हारखंड पर केंद्रित हो चुका है हम देख रहे हैं कि देश के अलग-अलग राज्यों में शिक्षा विवस्था में सुधार को लेकर युवा लगातार आक्रोशित हैं हम इस वक्त मौझूद हैं जैपाल सिंग मुंडा स्टेडियम में जो की जारखंड की राजधानी राची में है और यहाँ पे छात्र बीते 14 दिनों से जेसेसी और जेपीसी की परिक्षा में अनियमिताओं के खिलाफ लगातार परदर्शन कर रहे हैं कई सारे चात्र भूक हरताल पर भी बैठे हैं जब हमने इस सारे मुद्धों को जाना और समझा तो एक चीज वो हमें यह समझ आई कि जारखंड, बिहार, उत्तर परदेश, मध्य परदेश और हिंदी पट्टी के जो अलग-अलग राज्य हैं वहां जो लूर मिडल क्लास और मिडल क्लास से आने वाली जो लड़के हैं उनमें जो सरकारी नौकरियों को लेकर एक जजबा और जुनून होता है जो उनका एक सपना होता है वो जारखंड जैसे राज्यम में पूरी तरह से कॉंप्रोमाइज्ड है हमने देखा कि किस तरीके से CID की जाच में यह सामने आया कि जो मुख्य आरोपी अभै तिवारी है वो यह कह रहा है कि यहां के जो सीट्स हैं वो 40 से 60 लाग तक में पहले से ही तय होते हैं एक तरफ जहां झारखंड सरकार यह कह रही है कि उन्हें CID की जांच पर पूरा भरोसा है वहीं यहां प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग CBI जांच पर अड़ी हुई है उनके demand charter में जितनी भी परिक्षाओं का जिक्र है जिसको वो रद करने की मांग कर रहे है क्योंकि जो लोग इसमें नऊकरी कर रहे हैं कहीं नकहीं अगर उन्हें हटाने की बात होती है तो फिर एक और तरह विरोध देखा जा सकता है तो यहां पर चाथर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और इस वक्त एकबम रात का वक्त और आप देख हैं कि यहां इस वक्त रांची में मांसून का मौसम है लगातार यहां पर भारी बारिश होती रहती है आप पीछे का बैकग्राउंड आप देखकर समझ सकते हैं कि किस तरीके से लबालब पानी भरा हुआ है लेकिन देर रात को भी छात्रों का जो जमावड़ा है वो कम नहीं हुआ है लगातार छात्रिया आ रहे कई सारे छात्र खुले में ही यहां पर रात गुजारने को मजबूर है क्योंकि जो दो टेंट है वह काफी छोटे-छोटे और उसकी तुलना में जो प्रदर्शनकारी बहुत भारी संख्या में जुटे हुए हैं यह प्रदर्शन को आप थोड़ा सा इस तरीके से देखें जैसा कि हमने आपको शुरू में बताया था कि यह लौर मिडल क्लास मिडल क्लास के बच्चे हैं जिनके लिए सरकारी नौकरी एक सपने की तरह होता है और उसके पीछे वो अपना सारा संसाधन लगाते हैं, सारा समय लगाते हैं लेकिन जब जाच में ये बातें निकल कर सामने आएंगी कि पहले से ही ये सारी सीटें तै होती हैं सारा कुछ पहले से ही कॉंप्रोमाइज्ड होता है तो आखिर ये पूरा उनका सपना तोड़ने जैसा है और इसलिए देर रात को भी आप देख सकते हैं कि किस तरीके से इतनी भारी संख्या में चात्र अभी भी परदर्शन के लिए जुटे हुए हैं