
Summary
इंद्रावती के पानी में इस्थानी आदिवासी भाईयों को मौविजम के कांफ्लिक्ट में बहुत नुकसान है तितने आसू घुल गए समरिधी नाम की तो चीज नहीं दिखती पुरे गाउं में कि कोई व्यक्ता है नल है नहिं बिजनी ना पानी है कुल भी नहीं उनके पास मतलबों नक्षल में जाकर भी बंदुक पकड़े अपना हिय आदेवसियों को मारे मांगकर से जाकर अपने यहां अवस्यत को मारे हैं
“हम क्यों बाहर से रह गए? करते हैं”From the report
इंद्रावती के पानी में इस्थानी आदिवासी भाईयों को मौविजम के कांफ्लिक्ट में बहुत नुकसान है तितने आसू घुल गए समरिधी नाम की तो चीज नहीं दिखती पुरे गाउं में कि कोई व्यक्ता है नल है नहिं बिजनी ना पानी है कुल भी नहीं उनके पास मतलबों नक्षल में जाकर भी बंदुक पकड़े अपना हिय आदेवसियों को मारे मांगकर से जाकर अपने यहां अवस्यत को मारे हैं तो दिक्कत यह है कि ना पुलिस को मना कर सकते हैं ना सिलिक मना कर सकते हैं उस दाशी आपको भी कभी लेके गए? लेके गए हाँ मार पीठ किया अपनी ही धरती पर हम क्यों बे घर से रह गए? करते हैं