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Summary
जारकण में आंदोलन, डीएसपी का पोस्ट, 14 लाख रुपये का वेतन, छात्रों की मांग, जेपीसी और जेससी परीक्षाओं में भरस्टाचार, सरकार की छलनी, डेलिगेशन टीम की बातचीत, गांधी का सिद्धांत, आहिंसात्मक तरीके से आंदोलन, भरस्टाचार के खिलाफ लड़ाई।
“गरीब घर का बच्चा कैसे इतना पैसा देगा?”From the report
कि जारकण में आंदोलन नहीं होई नहीं सकता कोई भी एकजाम छोटा बड़ा सब एकजाम में आंदोलन चलता है सब में दांदलियां पर दांदलियां चलते पिछले बार सीजियल का जांच स्पीडीश करवाई थी पेपर लिख हुआ था उसका प्रारमिक पोर्ट में आया था सीएडी का पेपर लिख हुआ है लेकिन सरकार उसको छह महीना में लीपापोती करके और निपति बाठने का काम की है एक तो चीजों का रेट भी फिक्स रहता है 14 जब यह है उसमें जो डीएसपी का पोस्ट है एक पर और 20 लाख दिया गया है इस यह वीडियो का पोस्ट है 70 से 80 लाख है ऐसो अजय के साथ जिसको यावेदन लिखने का अकल नहीं है वह लोग आज बीएसो बंड करके हैं रात में ले जाकर रटाया जाता है फिर लाकर एकजाम लेकिन उसको नहीं है अधिकारी लोग इतनी भरष्ट है कि हम लोग डिलीगेशन टीम बुलाकर अंदर में डराधंपाके सबको एम माइंड वास करके और फिर बेज दिया गया तो इसे में हम लोग आंदर खत्म हो गया तो वह समय बहुत बड़ा अंदोलन होता मैं जुबाओं का वाज बनने में मा का सेवा नहीं कर पाया, मेरा मा हमको छोड़के चल गई और आज आंदोलन में मैं अपना मा को खोया हूँ. चेस्ट में दरद है. कितने दिन से भूप आताल पर हैं? आज पाँच दिन हो गया है. यह लड़ाई आरपार की है और चंता से बस कहेंगे कि पूरे देश से लोग आये और इस मोहिम को इस लड़ाई में साथ दे क्योंकि यह भरस्टाचार के खिलाब लड़ाई है ज़रकरन के बच्चे एजुकेशन सिस्टम को लेकर गर्वरी को लेकर जेपीसी और तमाम ऐसे परिक्षाओं के लेकर प्रोटेस्ट कर रहा है पिछले नोव दिन से प्रोटेस्ट चल रहा है और आज ऐसे भी हुआ है कि सरकार उनसे बात करने के लिए त्यार हुई है छात्रों से बात करने के लिए त्यार हुई है और जानेंगे कि अभी तक क्या अपडेट है और किन-किन मांगों के लिए सरकार से बात हो रही है क्या नाम हो दी आपकी? मेरा नाम सवीता कुमारी है और मैं राची से ही हूँ. कितनी दिन संसन पर है? यह तीसरा दिन है. जैसे कि आज बात हुई है सरकार के तरफ से डेलिगेशन का बात कही गई है? वह सरकार हमको छलने का काम कर रहा है आज डेलिगेशन टीम जाने वाला था आज हम डेलिगेशन कमिटी बैठा चुके थे तो उसका time fix नहीं था कहाँ meeting करना वह भी fix नहीं था तो वह छलने का ही काम कर रहे है न हम्मलों के साथ तो कि जपीसी और जेसेसी का मुदा मैं ही उठाता हूं आपके बगल में गाधी की तस्वीर है और आप गाधी की तरह आप अंदोलन को कैसा सांती से और सरकार से बात करने से कितने उमीद रखते हैं देखे हम सांती पुरवक तरीका से ये कार्जकरम करने का मैंने नया भी लिया था और गांधे जी का सिधान्त के अमसार ही हम आहिंसात्मक तरीके से हम इस कार्जकरम को कर रहा हूँ और हमारी जो मांग है कि जपीसी और जेससी में हेमंद वन और हेमंद टू सरकार में जितने भी परिछाएं हुए हैं सब में भरस्टाचार हुआ है वो सबका सीवी आई से जाच की मैंने मांग किया है आप भूख हरताल पर हैं आपकी घरवाले परसान होंगे आप घरवाले से बात हुई है माता जी का नाम लेने से एक और अजीब मेरे अंदर हल्चल हो जाता है क्योंकि इसी तरह का छठी जब पीएसी का प्रोटेस्ट चल रहा था मैं युवाओं का आवाज बना सांघ अधिकारी लोग इतनी भराष्ट है कि हम लोग को डेलिगेशन टीम बुलाकर अंदर में डरा धंप आके सब कोई माइंड वास करके और फिर बैस दिया गया तो इससे हम लोग आंधन खतम हो गया ना, तो उस समय वो बहुत बड़ा आंधोलन होता, लेकर जिस तरह डेलिगेशन को हम लोग भड़काया गया, उस तरह से हमलोग मनोबल तूट गया, पीएसी है उसमें जो डीएसपी का पोस्ट है एक कड़ोर 20 लाख दिया गया है सीओ वीडियो का पोस्ट है 70 से 80 लाख है बताइए हम लोग कि गरीब घर का बच्चा किसान घर का बच्चा उसको 70 से 80 लाख कहां से लाखे देंगे कि लेकिन उस पर हमने भूसा नहीं है पिछले बार सीजियल का जाच करवाई थे पेपर लिख था उसका प्रारमिक रिपोर्ट में आया था CID का कि पेपर लिख हुआ है लेकिन सरकार उसको छह महिना में लीपा पोती करके और निपति बातने का काम की है जिसका हमें बहुत अभसौस था जिस तरह से मेधावी छात्रों को ऐसो बाहर रहना पड़ गया और नोट देने वाले छात्र ऐसो अज्योग इसाद जिसको यावेदन लिखने का अकल नहीं है उन लोग आज बीएसो बन करके हैं मैं देख रहा हूँ यहाँ दो तम्बू लग चुके हैं एक छात्र का और एक छात्र नेता का ऐसा क्यों देखिए पॉलिटिक छात्र के याद में कोई पॉलिटिकल वापर सेखने का कोशिश कर रहे थे तब जाकर कि मैंने प्लान किया कि नहीं है हम पॉलिटिकल इशू नहीं बनने देंगे अगर छात्र का लड़ रहा हूं तो उसके लिए मेरे को एक दो दिन क्यों नहीं अस्मान के नीचे रहना पड़ेगा हम सभी छात्र को ले करके और एक तरफ आ गया इसके बाद विभिन समाजिक संगठनों के द्वारा हम लोगों को लगाया भी गया टेंटोग्रा मैं वनली फॉर इसको छात्रों का यांदोलन इसको मैं कोई पॉलिटिकल इस्टू नहीं बनने दे रहा चाहता हूं हाँ जिसको नैतिक समर्थन करना है वो करें भाईया आपका नाम क्या है? प्रेम नायक है कोडर्मा से है कितने दिन से आप यहां पर अंसन पर हैं? अभी तिसरा दिन है आज, यह लड़ाई आरपार की है और जनता से बस कहेंगे कि पूरे देश से लोग आये मैं देख रहा हूं कि यह दो तंबू लगे हुए एक छात्रों का और एक बोला जा रहा है चात्र नेताओं का अच्छा तर लोग जो होते हैं वह बच्चे होते हैं ने दिगभर्मित करने वाली कुछ भेडिया है लेकिन इस बार लड़ाई यारपार के यह अंदोलन बिकने नहीं देंगे और जो दलाल है उन्हें राजनीति नहीं करने देंगे सिर्फ और सिर्फ सीएम का स्थिति पाचा है और अगर स्थिति पाचा नहीं दे उनसे कम एक चीज चाहिए सीबीआई जाच हो और एक नया एक जो मौनसुन सत्र जो चल रहा है उसमें एक बिल बने जिसमें वो बिल में 10 करोड रुपया जुर्माना और 20 साल की सजा तैह हो चेस्ट में दरद है कितने दिन से भूख आटाल पहाई है आज पांच दिनों के लिए क्या लगता है सरकार आपकी बात सुनिएगी कि मेरी बात नहीं है कि लाखों उन युवाओं की बात है जिनका भविष्य प्रतियोगी परिछा पर निर्भार है यह आवाज में कई मांओं का उम्मीद है कोई वह नोट का त्याग है कोई पिता का कठिन परिश्रम का पसिना है और जहां जब पियसी और जेसेसी जब बच्चों का भविष का परवेश दौर है वहां दानों बैठा हुआ है कभी पेपर लीब, कभी पेरवी, तो कभी ओयमार से छेड़ चाव, धांद लीब तो हमने बात की छात्रों से कुछ छात्र नेताओं से भी आप ठीक मेरे पीछे देखेंगे तो एक छात्रों का तम्बु है तिरपाल लगे हुए हैं जहाँ पर ये लोग अपनी बाते रखने के लिए सरकार से बात करने के लिए बैठे हैं हलाकि आज सरकार में डेलिगेशन के लिए कर बात कही है उसकी कमिटी भी बनी है आगे क्या बात होती है इस पर बने रही है देखते रही है गाव करिक्षन मैं अब शिक पाल ले