
Summary
उत्तरप्रदेश के करिब 4200 करोर रुपए की लागत से बने लखनव कानफूर एक्सप्रेसवे की खराब सडक की चर्चा खूब चल रही है।
“सड़क निर्मान से जुड़े विशेशग्यों का कहना है कि सड़क की मजबूती सिर्फ पंकों से नहीं बलकि अच्छी गुनवत्ता की सामगरी सही निर्मान, तकनीक और बहतर जल निकासे व्यवस्था पर निर्भर करती है”From the report
उत्तरप्रदेश के करिब 4200 करोर रुपए की लागत से बने लखनव कानफूर एक्सप्रेसवे की खराब सडक की चर्चा खूब चल रही है। हाली में इसी एक्सप्रेसवे का एक वीडियो वैरल हुआ है। वीडियो में बारिस के बीच सडक पर नई डामर की परत को सुखाने के लिए पंखे और ब्लोवर लगाए गए हैं। यह देखकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि नई बनी सडक को सुखाने के लिए पंखों की जरूरत क्यों पढ़ रही है। और क्या आपने कभी किसी कारीगर को पंखा लगाकर डामर या सिमिंट सुखाते देखा हैं? ये एक्सप्रेसवे इसी साल 13 जुलाई को शुरू हुआ था, लेकिन कुछी हफतों में सड़क कई जगा खराब होने लगी. राष्टिय राजमार्प प्राधी करन के अनुसार सिर्फ 22 दिनों में सडग पर 84 जगों पर खराबी मिली इनमें कई जगह गड़े भरने पड़े सडग धसने की भी खबर आये और कई हिस्सों को दुबारा बनाना पड़ा पारिश की वज़े से मरम्मत में दिक्कत आ रही थी इसलिए सडक की सता से नमी हटाने और डामर को जल्दी जमाने के लिए पंखो और ब्लोवर का इस्तमाल किया गया हाला कि सड़क निर्मान से जुड़े विशेशग्यों का कहना है कि सड़क की मजबूती सिर्फ पंकों से नहीं बलकि अच्छी गुनवत्ता की सामगरी सही निर्मान, तकनीक और बहतर जल निकासे व्यवस्था पर निर्भर करती है हिंदूस्तन टाइम्स के ख़बर के अनुसार राष्टिराजमाग प्राधीकरन के निर्वान कमपणी PNC InfraTrek पर कारवाई शुरू कर दी है कमपणी को सडग अपनी लागत पर ठीक करने के निर्देश दिये गया है साथ ही कई अधिकारियों को हटाया गया है तोल वसूली अस्थाय रूप से रोग दी गई है और कमपणी को भविश्य की परियोजनाओं से बाहर करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है