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Summary
सौरभ ने बताया कि उन्होंने दो साल से तैयारी कर रहे थे और उन्हें लगता है कि सरकार को सिस्टम सुधारना चाहिए।
“संघर्षों के साये में इतिहास हमारा पलता है, जिस और जवानी चलती है उस और जमाना चलता है।”From the report
You've all seen the protesting students of Jharkhand but let me show you where these government job aspirants live what conditions they prepare in because all these protestors have a story and I have with me Saurabh who gave the JPSC exam the very exam because of which these protest broke out and I am in his room here, in his hostel this is where he studies, this is where he cooks this is where he sleeps, this is where he spends you know, the most part of his day सौरब आप सबसे पहले मुझे यह बताइए कि आपने इसी बार का जेपीएससी दिया था जो लीक हुआ लेकिन आप कितने साल से प्रेपेर कर रहे थे? मैं लगभग दो ढास से प्रेपेर कर रहा हूँ. जॉक सक्षक घृणि संबंधी और आत्माध उपयोग राज स्ंपरधे जाता है, आंचित कर नए गीरेंशन और वापस वर्पडूप विश्स्व जरूरने चुका जाता है। लैकान, ज्जारखण में आपका बस कुछ मांगता है, जिसका हुआ है। मुझे यहां काल करता है, उस प्रवेशण के लिए, जब आप ज्ञाद में आकर होते हैं, चलते हैं खनिसी को स्कूल बाद जो करते हैं, आनिस्टु प्रसदार रहता है, बहुत सारे लोग ऐसे रहते हैं कि पापा आधे है कि चलिए कुछ कर रहे हैं, मजदूरी कर रहे हैं, किसान है, tuition tuition tuition ज्यादा मांगना ना पड़े यह रिजन है मुश्किल होती है रीजन है कि रूम पर मैं नहीं रहता हूं देखता टाइम में लाइबिटरी चले जाता हूं वहीं पर जाकर पढ़ता हूं अब इस कमरे में रहकर कभी-कभी दो लोग भी आ रहते में रहकर आप रेपेर कर रहे हैं तो सरकार के खिलाफ गुस्सा भी आता होगा कि हम इतनी मेहनत कर रहे हैं हम घर छोड़कर यहां पर समय मैंने चक्कर असम कुछ मनेंस करने में ट्रॉपिप मेंझार ली हो जाती है यह सरकार खिलाफ गुस्सा थोड़ा आता है लेकिन सरकार को सिस्टम सुधारना चाहिए और इसीलिए सारे लोग प्रोटेस्ट करने आज की दिन में कि आप यहां पर 22 लड़के रहते हैं एक फ्लोर पर और एक ही वाश्चुम आप बता रहे हैं कि फंक्शनल ही और यहां पर चेक टॉइलेट स्टूडेंट का काम करना नहीं लिखा है चल रही है लेकिन तो सब्सक्राइब जा रहे हैं क्यों नहीं जाएं। नहीं जाएं बहुत सारे लोग ऐसे होंगे जो सोच रहे कि प्रोटेस्ट अपना चलता रहे हम अपना तैयारी कर लेंगे लेकिन भाई साहब यह आपके साथ कर लोग फिर से हो जाएगा आखिरी में जैसे कि आपको मैं देखना हूं साहित का बहुत शौक है तो कः लाइन याद आ रही है या कुई कविता याद आ रही हो या कुई लाइन याद आ रही हो आप काफी साहित्त पढ़ते हैं लिकिन एक मुझे पंते द्यान में आ रही है संघर्सों के साये में इतिहास हमारा पलता है जिस और जवानी चलती है उस और जमाना चलता है