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Summary
टाइगर जयराम महतो ने कहा कि जंतरमंतर और रांची में अंतर नहीं है, देवेंदर महत्व और अन्य छात्रों ने अपनी मांगें रखी हैं जिनमें परीक्षाओं की रद्दी और अभ्यर्थियों की जांच शामिल है।
“जंतरमंतर और रांची में अंतर नहीं है।”From the report
एजेंडा चल रहा है बाईफ्रिकेट करने का दिल्ली वाले छात्र अलग थी यहां वाले अलग है अभिनौ जी कोई अलग नहीं मेरे भाई क्यों अलग रहेंगे वह भी छात्र थे वह भी आंदोलन कर रहे थे वह भी अपनी अपने आख अधिकार की लड़ाई लड़ रहें तो यह बर्ग आप देख रहे होगे न जो जंतरमंतर पर नहीं आ रहा था दिखाने के लिए आप हमें लगता है कि एक आप और कुछ चैनल ऐसे हैं जो स्वतंत्र है जिनको हम नेटरल बोल भी सकते हैं एक बड़ा बर्ग है जो दिल्ली के जंतरमंत्रम जब बच्चे थे तो उनको चाइनी तो पाकिस्तानी एजेंड का टगमा दगमा दे देते हैं आज वहीं लोग फिर हमारे बच्चों के प्रति सानुभूति दिखा रहे हैं आप लोग यह एजेंडा समझ में आता है आप लोग क्या क्या बोलते हो अगर ऐसा कोई करता तो क्या परिछाओं से कोई मतलब नहीं है उन लोगों का बच्चों पर इससे कोई मतलब नहीं है उनका अपने पार्टी के इमेज से मतलब नमस्ते अब नो पांडी नाम है मेरा और मैं देश को इसी बात से बताकर शुरुआत करूंगा कि यह देवंदर महत्व है इनको सोनम मांगचुक ना मत बोलिए इनकी अपनी पहचान है यह बीते कई दिनों से भोख अर्थाल पर थे अंशन पर थे अब इन्होंने जल ग्राहन करना शुलू कर दिया सुनमांचुक से बातचीत की बात लेकिन यह बहुत जुझारू नेता है इनकी अपनी आइडेंटिटी है अपनी पहचान है इन्होंने पात्रों के लिए मैंने जब से जारखंड को फॉलो करता हूं बहुत लाठियां खाई है पुलिस पर कई बार घिरे कई बार आंधोलन किया कई बार लाठियां खाई तो मैं बस इतना ही चाहता हूं कि देश यह जाने कि यह देवंदर महत्व बात करें और उनके प्रतिनिधी प्रतिनिधी हो वह आपकी बात रखें और उनके प्रतिनिधी तो पर टाइगर जयराम महत्व कितने दिन हो गए इनकी तबियत कैसी है तब तो खराफ है मुँ में छाले भी आने लगे हैं और चेस्ट में जलन भी होने लगा है और मुझे लगता है कि स्थिति थोड़ी सी पहले के अपेक्षा में लेकिन आत्मवल मजबूत है आंदोलन से पुराना नाता रहा है हमने इनसे पूछा कि आपकी अंतरात्मा क्या कह रही मैंने सभी से पूछा देवेंदर जी हो मेहंदर जी हो प्रेम जी हो कुछ जी हो यहां जितने भी लोग बैठे मैंने उनसे सब्सक्राइब करता है कि सब्सक्राइब भी बताओ आपने दर आप लोक दस तारीख को बहुत का टॉल थांक क्या लगा सरकार मान रही है सरकार का प्रोज कैसा लग रहा आपको मार्च होगा क्या होगा क्या दिख रहा है यूचर आप जो पोलिटिशर देखिए सरकार का यह है वरोज जाएगी तीन चार डिमांड से छात्रों का जो दल बना होगा अब बेसी बात है आपसे भी राय मशोरा लिया गया होगा क्या डिमांड लेकर के जाएंगे यहां जो छात्र है वह कई परीक्षाओं के अभियरति है उसमें महत्वपूर्ण है आपका अभी बरतमान में जो जेपी असी जो चोधवी जपीएसी है इसका प्रेलिम का पेपर है वह पूरी तरह चोपट हो चुका है वह परिक्षा वह रद करने की मांग उस पेपर को दूसरी बात है कि जो अभ्यूक्त सामने आया है अभय तिवारी उनका छह साथ इजाम से एक्शन है जो पास किए अपने परिवार के लोगों को पास कराए हैं खुद सीजियल में सेकंड टॉपर है साइड तो यह मांगे कि उन्होंने जिन परीक्षाओं को बैठा है और पास किया है उन पर भी कारवाई हो उनकी भी जांच हो उनको भी किया जाए चुकी इन में उनमें क्या है खास कुछ चीजिएल की परिक्षात उसमें नेपाल बिहार बंगाल में अभियोर्तियों को ले जाकर पेपर लिखवाए गए थे और उसमें सीएडी जांच कर रही थी और शाडी ने पहले मतलब कह सकते पहले कुछ प्रश्चिक करने दिया था इस टेटमेंट कुछ और था और फिर बाद मुंह का स्टेटमेंट बदल गया इसलिए इस यादी पर जो विश्वसनता है वह भी कम हुई तो यह मांग रही उसके बाद जेटेट के अभियरती हैं जो 2016 है उनका मामला है कि काम नंबर लाने वालों को नोकरी मिल गई है लेकिन जो ज्यादा नंबर लाए आए उसी कटेगरी में उनको नोकरी नहीं मिली क्यों ऐसा भूल हुआ और भूल हुआ तो सुधारा क्यों नहीं गया या फिर अगर वह लोग नोकरी कर रहे नहीं नोकरी से बढ़ा दे जाए उनके वह कम नंबर लाए उनको नोकरी मिला है तो हम ज्यादा नंबर ले अब को मिलना चाहिए तो कुछ यह मांगे है और खासकर फ्रेंड किया जाए फिर से रिफर्म किया जाए नए तरीके से तो जितने भी परीक्षा टाक्ट होंगे एजेंसियों की उनका क्रैक्टर क्या होगा आयोग के सदस्य अध्यक्ष होंगे उनका क्रैक्टर क्या है सारी चीज रिफर्म करें इस पर बात चीत हो विदायक जी एक बात बताओ आपने आप तिवारी का नाम लिया जब मैंने बारे में पढ़ा पहली बार जो मैंने दिल्ली से वीडियो कर तो मेरे आश्चरी हुआ गया कोई ऐसे कैसे कर सकता है कि सरकारी नौकरी कर रहा टीडीपीएल का मार्केटिंग मैनेजर आपको लगता है कि यह एक बंदा यह सब कुछ कर सकता इसके पीछे तंत्र है और लोग भी है तंत्र इसलिए मैं बार-बार कह रहा हूं आगे इस तंत्र की बास्तुइक जांच हो जाए तो कई राजा और मने वजीर सामने आएंगे जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है यह कोई या बनाया छोटी की परिक्षा थोड़ी है यह कोई हवलदार चपपर और के परीक्षा नहीं है द्जामा जार की परीक्षा नहीं है यह उत्से राज की सरवक संसाय अन्यूक्ति की यदि कि यह है इसमें एंटिसर मान लेते हैं तो वहां अगर उसाशर हो रहा है अगर घोटाले हो रहे हैं आपके बल हो तिवारी पर टिक जाएंगे तो संभव ही नहीं यहां बड़े लोग हैं चेयरमन से लेकर सदस्य लेकर और विभाग के प्रदादीकारी से लेकर मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक सवाल के कटगारे में जानकी जा रही कि इसमें बड़े लोग जो है बड़े चेहरे हैं वह भी पकड़े जाए और उसके बाद जाए जाए जाए 20 20 प्रदादीकारी ऐसे बने जिनका संबंध नेताओं से सीधा है या तो आयोग की अध्यक्षियों या आयोग की सदस्यों से सेव सीधा उनका संबंध भाई भतीजा बेटा इस तरह का संबंध था तो बहुत बड़ा घोटाला था रहूं लेकिन अभी तक का आज सबक नहीं ले पाई राज्य सरकार और वह परंपरा वह परिपार्टी अभी चल रही है इसलिए अब यह जो आकरोष है ना यह पिछले दस सालों का पांच सालों का अकरोष एक दिन का अकरोष नहीं है अरे मुझे जार जब हम मैं आप आये जारखंड से वहां पर दंतर मंतर पर और यहां पर भी आए थे तो वहां पर भी मुझे जारखंड के बच्चे मिल रहे थे ना वह सिर्फ नीट के अभ्यारती थोड़ी न रह गए थे तो तो पूरे देश में जो इस तरीके का सिस्टम हिला हुआ है दर्ज नहीं मिला था इस थे कोड़ों बच्चे वहां जाधर कंटेंट बिल्कुल मिले उन्होंने भी कहा कि दादा ज्राज के भी जो परिक्षाएं गड़ड़ी हैं उनका भी आवाज उठाएगा तो हमने दिल्ली में भी उस बात को रखा सम्मोधान में भी रखा पर मैंने कहा कि जिस दिन राज्यम प्रोटेस्ट होगा हम लोग बड़े चर के साथ रहेंगे एक बात बताओ इसे एक नेरेटिव चल रहा है एजेंडा चल रहा है बाईफ्रिकेट करने का दिल्ली वाले छात्र अलग थी यहां वाले अलग है अब नहीं कुछ आप अभि चात्र फोन कर दो अंतर बन अपने मैं अपने आंतर को अनोदध बार की लड़ाई लड़ रहे हैं आपको चाहिए अब हजार बच्चों का समूह है अगर वह 10 बच्चे कुछ ऐसा सब्दों का प्रयोग कर गए होंगे जो अनेतिक हो तो निशंदे वह उनका समर्थन हम नहीं करते हैं लेकिन आप बाकी जो विशाल बड़े बिशाल समूह उसको कटगरे में नहीं ला सकते हैं वर्ग आप देख रहे होगे न जो जंतरमंत्र पर नहीं आ रहा था दिखाने के लिए आप हमें लगता है कि आप और कुछ चैनल ऐसे हैं जो स्वतंत्र है जिनको नेटरल बोल भी सकते यह आप देश के मुद्दों में भी उसको कब्रेज करते हो राज के मुद्दों को भी कब्रेज करते हैं लेकिन एक बहुत बड़ा बर्ग है जो दिल्ली के जंतरमंत्रम बच्चे थे तुमको चायनी तो पाकिस्तानी अजंड का तगमा देदे थे आज वही लोग पर हमारे बच्चों के परिछा अनुभुति दिखार चीज़ा आते उस आनुभुति दिखाने चाहिए दिल्ली में जो आसमान से नहीं छोड़कर नहीं गए इसको कहते हूं उनका उनका परीक्षा से कोई मतलब नहीं है उन लोगों का बच्चों की भविश्चा कोई मतलब नहीं है उनका अपने पार्टी के इमेज से मतलब है यह पास वहां सेंबा जहां लगती है पाटी एवेस में दाग उनके लिए सुविदाएं और उनके लिए लेकर आते हैं का यहां भी हमने आरसीना छौक कर प्रशिक्षान दोलन की सुरुआत देवेंद्र जी नहीं की थी जब पहली बार मामला प्रकास में आया तो यह प्रेस कॉन्फरेंस किए अगले दिन राजपाल से मिले फिर जब मैं आया दिल्ली से तो मेरे साथ मुख्यमंत्री से मिले राजपाल से और उसके पाद यह बापु बाटिका में सबसे पहले बैठे 15 साथियों के साथ उसके पाद डाख साथियों जो अपने आपको अभी जेल में सरंडर कर सके हैं हेलों का जेल में सरंडर कर चुके हैं तो वहीं हाजारी बाग में जाकर बच्चों को बांड किया चुछ हजारी बाग हमारा कह सकते इजुकेशन राजदानी है बच्चे फिर 29 तारीख वह तो नस्ती तारीख जब भीड़ हो गई और लोगों को लगने लगा कि आंदोलन भी जंतर मंतर के तरच पर पूरे देश में चर्चित होगा तब लोगों को बाहर यह तो आप देवंद्र क्यों यह रहे तो फिर कुछ लोगों के माध्यम से इनका यह लारो लगा नहीं लगा लेकिन ऐसा नहीं है जो व्यक्ति अपना जीवन देने के लिए तैयार है उस व्यक्ति की कोई राजनीतिक महत्वगांचा हो नहीं सकती है और यहां कोई ना पेस का चौल है ना कोई बैनर है ना कुछ भी नहीं है आपकी पात्ती का शटक तरल लगा यहां ना है क्यों लगाएंगे लोकां गलना नहीं बात बताओ यह बाकी कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि जराम तो जो है इसको कमले कोशिश कर रहा है पॉलिटीकल वेलेस्टिट हम चाहिए हम कोई पोलिटीकल नहीं आप्टर्कों मत देना इसलिए मैं तो पहला आपको यही फक्स चले जाइए वह कम से कम तब तक काब नहीं करता तक उसका कार्यकर्ता नहीं बनता है और हम उनको बोलते हैं भाई आप किसी का काम करिए आप हमसे मदद की आवश्या लेकर आए हम जरूर करेंगे और हम अंदी एसपोर्ट चेक काट कर दे देते हैं तो मुझे बिदायक जी कि पाटियों की यह कार्य बदलती रहती है यह सिस्टम एक सा क्यों चलता रहता आप मेरे अभी आप जेविदारन दिए जपीसी टू में जैसा हुआ यह यह सिस्टम कब चेंज होगा आप देखो जंतरमंतर से अलग जग चुकी सिख्षा के प्रति और पूरे देश में होगा जहां भी कोई गडबड करेगा यह नेताओं को मैं बार-बार बोल रहा हूं कि आप वह जमाना लग गया है कि आप अपने बेटा बेटी सेट कर लोगे स्टूडेंट खड़े हो जाएंगे बड़ी सिस्टम कैसे चेंज होगा आप तो ऐज लेजिस्ट्रिटर में आपसे संबध चाहते हैं लिखिए सिस्टम को चेंज करने के लिए सबसे पहली बात है कि उस व्यक्ति का जैसे मान के चले मुख्यमंत्री से सवाल पूछोंगा कि क्या अपने बेटे के लिए परन करेंगे नहीं नकर आप मुख्यमंत्री पेटे-बेटे को पेरवी करने कोई जरूरत नहीं है क्या हम पैरवी कि है नहीं किए हैं तो जब आप पेरवी नहीं कि तो निगरानी ठीक से करें निगरानी ठीक से करें आयोग के जो अद्यक्ष बनाये जाएंगे आयोग के जो सदस्य जाएंगे उनका किसी भी परकास पंचायत अस्तरीय राजितिक दल के नेता से कोई शंबंध ना हो और उनका जो इमेज हो वह बिल्कुल नीटरल इमेज हो और उनमें इतनी सहास हो कि अगर मुख्यमंत्री भी कहे कि भाई इसका काम करना है और गलत है तो बोलें इस्तिफा देंगे लेकिन यह काम नहीं करेंगे लाइक हमें का आयस का नाम यादाता है टीएस सेशन टीएस या टीएस टीएस जिन्होंने हर्याना और तांध्रा के चुनाव कैंसल करवा दिए थे जो नरसीमा पर जिससे टकरा गए थे उनके कैनिडेट का नोमिनेशन रद करवा दिया था चुकी वह ठीक से घोषणा पत्र में अपना व्यवरा नहीं दे पाएंगे तो हमें लगता है इस राजकोर आज के परिश्न हर एक राजकोर ऐसे ऑफिसर