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Summary
उच्च शिक्षा मंत्री सुविधा सोनू ने कहा कि सरकारी स्कूलों की दुर्दशा के लिए राजभवन के अधीन विधाई करतव्य थे, लेकिन अब राजसरकर का डिएस्टी तमाम चीजों को देखेगा और दंडित भी करेगा।
“व्यवस्था परिवर्तन एक दिन में नहीं होता है, किसी भी व्यवस्था की गुन्वत्ता का हरास न तो एक दिन में होता है न उसकी गुन्वत्ता में अचानक परिवर्टन एक दिन में होता है।”From the report
नौकरी का हाल सुनते हो, हतास हो जाते हैं, हमलों तो ग्राजुएशन में हतास हो जा रहे हैं, आगे का इस्तिति और क्या होगा, प्लीज सुधारीये इस इस्तिति को. आराम से, रोभा, रोभा. तुम दिल्ली आ जाओ तुम दिल्ली आ जाओ, अच्छे काम कर सुनो इस सुधानसू का नमबर तुमको दे दूंगा तुम दिल्ली आ जाओ, तुमको पढ़वाईंगे वहाँ पर दिल्ली ठीक है, खुश रहो सरकारी स्कूल है हमारे यहाँ university में बहुत जरजर स्थिति, टॉलेड साप सुत्रा नहीं, पूरा बिल्डिंग साप सुत्रा जी नहीं. मेरा तो सेंजेवियर कोलेज हुआ, तो प्राइवेट है तो ठीक ठाक है, लेकिन जितने सरकारी कोलेज हुए NPU के अंदर, जरजर स्थिति, तूटा फूटा हुआ, एकजाम लिखने जाएंगे डेक्स ही लेगा, पेन चलाएंगे, फट जाएगा पेज। मतलब ऐसे स्थिति है, एक बार जाएंगे देखिये, और यह भी है कि हमारे यहाँ मैं ट्राइबल कम्युनिटी से हूँ, तो हमारे यहाँ बहुत लोग पढ़ नहीं पाते हैं सिक्स क्लास तक है सरकारी स्कूल टीचर नहीं है बुनियादी सवाल है बुनियादी सवालों में एकी बात हम कहना चाहेंगे कि व्यवस्था परिवर्तन एक दिन में नहीं होता है किसी भी व्यवस्था की गुन्वत्ता का हरास न तो एक दिन में होता है न उसकी गुन्वत्ता में अचानक परिवर्टन एक दिन में होता है इसके बुनियादी सवालों से हम साहमत हैं फिर हम दोहरा कर कहना चाहेंगे स्टेट युनिसिटीज की दुर्दशा सिर्फ इसलिए थी कि मैं आरोप नहीं लगा रहा हूँ राजभवन के अधीन था राजभवन के पास अपने और विधाई करतव्य होते हैं वो नहीं देख पाते थे अब स्टेट युनिसिटीज को राज सरकर का डिएस्टी देख रहा है और डिएस्टी तमाम चीजों को देखेगा और तमाम चीजों पर हमारी नजर होगी और हम लागू भी कराएंगे और दंडित भी करेंगे