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Summary
सोनम वांगचुक 4 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, कोई भोजन या पानी नहीं। देवेंद्र नाथ मेहतो उनके कारण का समर्थन कर रहे हैं, सीबीआई को जेपीएससी की जांच के लिए आगे आने तक वे अपनी भूख हड़ताल जारी रखेंगे।
From the report
Meet Jharkhand Sonam Vangchuk, the man who has been on a hunger strike for the past four days and he hadn't even had a drop of water until this morning when Sonam Vangchuk actually video called him and asked him, urged him to have some water and not put himself through such trauma. This is Mr. Devendra Nath Mehto. He has been supporting the cause of the Jharkhand students from day one. And he says that he will not break his fast till the time the CBI takes over the JPSC inquiry. And there is a complete reform in the entire system until the time the JPSC and all the exams held by the current commission are cancelled. Maitho ji, today morning only you spoke to Sonam Mangchuk ji and you have also said that Sonam Mangchuk ji is your inspiration, because of which you are sitting on this stage. Tell us a little about that, how you got inspired to sit on this stage and what did you talk to Sonam Mangchuk ji this morning? My motivational person Sonam Manchuk Ji, a few days ago a student protested in Jantar Mantar and he was in hunger strike. And this protest was so big that the government of the centre had to stand in front of the student. We have been in this movement for 26 years. I am in the 5th or 6th PSA movement. There are always problems. There are no exams where the papers are not written. We have evidence and investigation. People are caught. But the exam is not cancelled. And the children who study, work hard and fight, they lose. So we thought this time we should fight with a little bit of strength. So we came to Amaran Amsan Hangar and Astrike on the same path inspired by Sonam Vangchuk This morning you had a video call with Sonam Vangchuk Did he support this movement Did he also urge you to come जी उनको जब मालुम चला कि हम अन और जल दोनों कात्या किये हैं तो वो चिंता जताते हुए वो संपर किया और क्योंकि चार दिन से आपने पानी नहीं पिया उस विडियो को रहा है, पसंद है ज्यूदियां डा रूम हो सकता हुआ है! मैं आपसे बलग करता हूँ आप अच्छे के लिए अपने लड़ रहे हैं। आपको खान होना नहीं है! आपका करसे कैसे तयार, सरकार की आत्मा मांगोरी की जिगाना है। हुआ था तो इसलिए आप आत्महत्या ना करें जल का त्याग एक प्रकार का आत्महत्या हैं जी तो आपको आत्महत्या नहीं बलकि सरकार की आत्मा को जगाना है और वह आगर रखिए मैं टाल रहा था तो उन्होंने कहा कि तुम सुनने हैं कि तुम जिद्धी हो इसलिए वीडियो में हमको दिखाओ पानी पीते हुए तो उनको मैं एक सर्थ रखा कि मांचुन सर अगर मेरा सर्थ को मानेंगे तभी मैं जलगरहन करूंगा जी और मेरा सर्थ था तो जिस परकार जंतर मंतर के स्टूडेंट प्रोटेस्ट को आप हंगर स्ट्राइक करके सफल बनाए थे उसी परकार आप जारखंड के विश्व रेंड को नियाय को ले करके आप जब तक नियाय नहीं मिलती है तब तक आप हमें वचन दीजिए कि आप आसीरवाद रहेंगे आप हम लोग के साथ खड़े होंगे क्या उन्होंने यह भी बोला है कि वह आएंगे यहां पर जारखंड में आपका समर्थन करने आपके साथ बैठने बच्चों को प्रोच्चाहित करने जी उन्होंने वचन दिया है वादा किया है मेरा सर्थ वह माना है और बोले हैं कि जब तक जारकण के स्टूडेंट्स को नियाय नहीं मिलती है तब तक मेरा आशिर्वाद रहेगा नेरा साथ रहेगा और अब मैं उन्हें आने का आग्रह किया तो उन्होंने कहा कि मेरा तभी अभी काफी खराब है मैं अपने तभीयत की सुधार कर रहा हूं और सुधार होने तक अगर आप लोग को नयाय नहीं मिलता है तो मैं जरूर आऊंगा आज के बाद जी उनके वीडियो कॉल में ही मैंने जल्गरंग करते हुए इस हंगर स्ट्राइक को कंटिन्यू रखने का वचन दिया हूँ मैं कोई भी लड़ाई अधुरा नहीं छोड़ता हूं यह सफेट कलर का चादर क्यों न कफन में बदल जाए लेकिन यह लड़ाई को मैं अधुरा नहीं छोड़ूंगा क्योंकि यह दिल्ली का जंतरमंत्र का प्रोटेस्ट में एक पेपर लिख था यहां चार्विश सालों से फिफर लिख हो रही है यहां तो आपकी मांगे क्या है तीन मांगे अगर आप जो तमाम दर्शक पूरे दुनिया आपको देखने हैं पूरे भारत में आप उनको बताई कि तीन मांगे क्या है जारकंड के बच्चों की और आपकी देखिए मेरा मांग मेरा मांग नहीं है यह समस्त जारखंडीय चात्रों का मांग है जो अपना भवीष प्रतियोगी परिचा पर निर्भर रखते हैं जो अपने सपनों की तलास किताबों में करते हैं यह आवाज कई मांओं का उम्मीद है कई रहे हैं मेरा एक लाइन स्पीत इक्लासी गा तुझे था दर्मानीन ने प्रधान है कि मेरा एक लाइन है कि घमंद सोरे और भोनों का इस्तिफा धूंरहार नुष्क प्लॉस के बृत्वों से जिन्दा रहते तो हम लोग के साथ होते हैं वह संपूर्ण जीवन आंदोरण किया है तो उस मांग जो है मेरा रेडी है तो अपनी पिता के राध पर चले पीएस और जैसे पर रिफॉर्म किया जाए और जितना भी विवादित परिछा है सारे परिछाओं को कैंसल किया जाए और जिसका नाम आ रहा है करफ्टन में उनके ऊपर इधि की जांच किया जाए और वहां से चेयरमेंट की रिजाइन नहीं बल्कि चेयरमेंट से कर्रेक्टरी समय जितने भी है चाफरासी की रानी तक सबको चार्चिट भी फाइल किया है लेकिन कोट में ट्रायल नहीं हो रहा है और करफ्ट लोग यहां पदादिकारी बने हुए हैं और बेल पर नौकरी कर रहे हैं तो करफ्ट लोगों का बेल पर नौकरी करने वाला कजारखण जी चौपट हो रहा है जी एक चीज यह बताइए कि जैसे अब बोलने में दिखती है जी एक लास्ट सवाल आखरी सवाल आपसे कर रहा हूं कि जैसे यहां पर बच्चों ने स्टेज अलग कर लिया कुछ बच्चों का यह कहना है कि यहां पर थोड़ी राजनीती बीच में आ गई तो उस पर आप क् उसका चिंगारी दो जुलाई 14th JPSC सिविल सवा रिजल्ट के साथ शुरू हुआ और मैं उस दिन से इस लड़ाई को लड़ रहा हूँ 5 जुलाई से प्रोटेस्ट कर रहा हूँ अलग-अलग सवरूप में 25 जुलाई से सत्यागर्श शुरू किया हूँ 29 जुलाई को मेरा संभिधान मार्च था और उस दिन student को मैंने ये अगवाई के लिए सुपा था लेकिन ये student आपस में थोड़ा टाल मटल जरूर हुआ है क्योंकि ये एक मिनट ये जो दाहिने पर मंच है ये भी student है बाएं में जो मंच है वो भी student है और मैं इस आंगोलन का सुत्रधार हूँ विश्म पितामा के रूप में हूँ तो मैं कभी दोनों को अलग होने नहीं दूँगा दोनों को साथ लेके चलूँगा और सरकार जब तक हमारी मांग नहीं मानेगी तब तक और दिल्ली में आप आगरे करेंगे कि राहुल गांधी चाहे चैनल लीडर जो भी आकर यह बच्चों के मांगे सुने था बातचीत करने के लिए अपना ध्यान रखिए सो देख वह जो नम आंख चुके जीज बुन कॉल्ड और झारकंड जनतर मंतर दो स्लोगन वाज़ धरमेद प्रधान स्तीफा दो यह दोस्तों गनेश हेमन सुरेम बग करो