
Summary
जारखंड की सरकार ने बच्चों की तमाम समस्याओं को हल करते हुए एक नई योजना शुरू की, लेकिन अब स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट कर रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि सरकार ने उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया है।
“स्टूडेंट चाहे जारखंड के हो दिल्ली के हो आपको उनके साथ खड़ा होना चाहिए बिना बायस जुए और बिना हिंदु मुस्लिम एंगल दिये भी मीडिया को इसे कवर करना”From the report
जारखंड की सरकार ने बच्चों की तमाम समस्याओं को हल करते हुए एक नई योजना शुरू की, इस योजना के जरिये अब सभी सीटों के रेट फिक्स हो गए, अगर आपको SPDSP बनना है, अधिकारी बनना है, तो 40 लाग, 50 लाग, 60 लाग से लेके 1.5 करूण तक की रेट है है कटॉफ के साथ गडबड़ी हुई है OMR शीट के साथ गडबड़ी हुई है मेरिट लिस्ट पर अधिकारियों के सिगनेचर तक नहीं है और मेरिट लिस्ट जारी कर दी गई है जहारखंड का ये प्रोटेस्ट जो है इसको पर क्यों देश की मींस्ट्रीम मीडिया कवर कर रही है? अब मेरी दो तीन बातें आप समझिये ज्ञारकंड में भी स्टुडेंट्स का प्रोटेस्ट है, लेकर 29 जुलाई से लेकर के तीन दिन के भीतर देश की मींस्ट्रीम मीडिया प्रोटेस्ट को कवर करने लगती. technical TDPL company agencies ban company exam और फिर वही होता है कि यह एक भैंकर धांदली होती है, वह MR sheet गडबड होती है, cut off में अनिमित्ताएं होती हैं और student इस result से खुश नहीं होते हैं. उस प्रोटेस्ट के भीतर देश के तमाम students activists नहीं पहुँच पा रहे हैं सवाल यह भी उठ रहा है कि राहूल गांधी जो दिल्ली के students के साथ खड़े थे वो वहाँ क्यों नहीं पहुँच पा रहे हैं और इसका जवाब राहूल गांधी को देना भी चाहिए क्योंकि students के अधिकारों में selective approach काम नहीं करती है जब आप students के हक के मुद्दों के साथ खड़े होते हैं तो किसी भी state के हो आपको वैसे ही खड़ा होना चाहिए फिलाल जारखंड की सरकार के action के बाद 11 लोगों की गिरफतारी भी हो चुकी है अब वहाँ पर student protest इसलिए कर रहे हैं कि ये एक बार का मसला नहीं है ये चौजवी JPSC परिक्षा थी ये कई बार का मसला है और इसका वो exact हल चाहते हैं जो हल जारखंड की सरकारी निकाल सकती है हेमन सोरेंग तक ये आवाज नहीं पहुच पा रही है जबकि उनके आवाज से कुछ किलोमीटर दूर ये प्रोटेस्ट हो रहा होगा मेरी मांग यह है कि स्टूडेंट चाहे जारखंड के हो दिल्ली के हो आपको उनके साथ खड़ा होना चाहिए बिना बायस जुए और बिना हिंदु मुस्लिम एंगल दिये भी मीडिया को इसे कवर करना