
Summary
Summary coming soon.
From the report
काम होता है जैसे कभी रुपा का सीजन चल रहा है, आप देख रहे हैं, तो अपने कारी के लिए भी ले जाते हैं. इसे की धानी रुपाई हो गया, फिर यही सब. तो बना नहीं करते हैं? मना करी नहीं पाते, वो लोग ब्लेकमिल टाइप में कर लेते हैं हमें. चलो तो चलो फिर होता है हम लोग भी थोड़ा डूरा चल जाते हैं याद यहां पर प्रोटेस्ट में आने का मतलब मेरा यह है कि अभी तो हम लोग पड़ रहा गया कि हम लोग भी कंपनीशन का तैयारी करेंगे तो अभी जो इस्तिति वही सीथी उस टाइम ही रहेगा तो हम लोग का जो पीड़ी भी आएगा वह भी हम लोग से पूछेगा सवाल कि आप लोग पास था अप्शुनिटी जो आप लोग बोल सकते थे आप लोग बोलने पाए हमारे गाउं की जो स्कूल व्यवस्था है वह काफी खराब है जीशी केी विलेमिल की जो व्यवस्था है वह भी बहुत धीली कर दी गई है और जो हमारी इसकोड प्रामरी जो है ना वहां की जो टीचर्स है काफी काम है जिन्हें टीचर को हने चाहिए उसमें नहीं है जैसे कि आप टीचर की संख्यान होनी लहाघवा पूछना सीख नहीं हो गल्ल बहुत बहुत जी मिलेनियल के अलावा जन एलफा यानि कि जो स्कूल बच्चे पढ़ रहे हैं वह भी बहुत सवाल पूछने के लगातार वीडियोस भी आ रहे स्कूल से जारकण के प्रोटेस्ट कर रहे हैं या यह जन एलफा यह हुआ सब स्कूल पढ़ने वाले बच्चे देखिए सब्सक्राइब करें तो आप लोग इस टाइप ने आ रहे थे वहां का थोड़ा जो मैनेजमेंट है उसमें थोड़ा दिक्कत क्या नाम कितने कुछ नहीं मिलेगा सब्सक्राइब करता हूं पिता जी फारमर है फारमर है यहां पर लगता है शुक्र जाएगा कैसे बढ़ाया होती है वहां पर यहां तक कि जैसे गए मैं लोहरदागा जीला से आता हूं तो आपके जो प्रामरी सिक्षा है वहां के प्रामरी बच्चा व्यवस्था अच्छी नहीं है मतलब कहना चाहते हूं जो हमारे टीचर्स प्रामरी स्कूल जो टीचर्स है ज्यादा पढ़ने नहीं पढ़े लिखी नहीं है फिर भी मुझे टीचर बना देना बना दिया जाता है अगर वह काम होता है जैसे कभी रिप्ली कर लेते हैं हम यह अगर थे की मतलब चलो तो चलो फिर होता है हम लोग भी थोड़ा डर्डूरेक्ट चल जाते हैं वह बाद नंबर का यह वहीं सब होता है ब्लैक मिल किया जाता है पड़ाई चीज पर आई साही होती है और हर चीज बोला जाता है कि तुम लोग यह नहीं करोगे तो तुम लोगमांुंक्स मार्थल यह इने अख मांसी का ब्लैकमिलक किया जाता है और सक्गोरशिप का देखिए रहे हैं आपकी पिछले बैक को लोगों को मिली नहीं रहते हैं मैं बेस का कहक स्कॉलर्सिप हमें उतना पता नहीं क्योंकि मैं पहला प्राइवेट में पड़ता था तक उसके बाद मैं यह गवर्नमेंट में आओ तो मुझे स्कॉलर्सिप को उतना आईडिया नहीं है बट स्कॉलर्सिप मैं अप्लाई किया हूं बॉनर फाइड वगैरह गया राघ्या अब इतना इसको डिपॉजिशन कर रहे हैं और पोस्ट ग्रीजुएसिशन कर रहे हैं उनका भी बहुत दिनों से इस कोलर्सिप नहीं मिला है रुका हुआ बहुत दिनों से रुका हुआ है बड़ा मसल अरे बात छोटे-छोटे बच्चे कहां से हो आप लो का आयो ही स्कूलास में तो यहां क्यों आए है कि आगे आ देखेंगे तिपने तुम देखा बहुत ही बोल रहे थे निल दूंगरी तोबोह जरूर कम में तो क्या सुना तुरफ टुम्हें क्या अच्छा लगाया प्रोटेस्ट चले पता है कि इस प्रोटेस्ट चलना पता को लाया है चोटे बच्चे और यह थोड़ा सबसे बच्चे यहां जिसे प्रोटेस्ट में आने का मकसद क्या तो अभी जो इस्तिति है वही सीथी उस टाइमी रहेगा तो हम लोग का जो पीड़ी भी आएगा वह भी हम लोगसे पूछेगा सवाल कि आप लोग पास अप्शुनिटी जो आप लोग बोल सकते थे आप लोग बोल नहीं पाए तो आप फिर आपको यही सिस्टम चलना होगा इसलिए अभी मौका है अभी मैं बोलना चाहूंगा झारकेंड के सारे युवकों को आइए एकजुट होईए और यह इसमें सहयोग करिए इससे दिल्ली में प्रोटेस्ट जलरहा था उसके बाद और महानाकपुर ही फिर डालों चल चल रहा है और कहीं पर किसान लोगों का जो जगा-जमीन है उसे लेकर के प्रोटेस्ट चल रहा है लेकिन हमारा जो मुद्दा हो प्रोटेस्ट निति पर है अच्छा सिक्षा में यह है कि नोटिफिकेशन आया कभी और मतलब उसके बाद फिर in हमके नामें अपनी सोच रार्ने, सत्या और उपजालिब दिनितों रहे हैं। आप आपको यहाना ही जरूरी है, नोज़ान लोग की ज़रूरी से आपको नहीं ताता करती हैं। सपोर्ट करें उनके साथ खड़ा होने के लिए हम अपने हमारे जैसे जितने भी युवा है उनको यह करना चाहिए कि आप लोग भी आइए अपूरा इनका होसला बढ़ाई या पूरा फूट सपोर्ट कीजिए कि आगे जाकर हम लोग कोई दिक्कत ना हो जैसा पिता पुरे में बिजनेसमैन में आपको हो तरह तुम पाएगा को जलाता है कि भी पेसेंजर और पिता पाई पेसेंजर और यह आएंगे तो शायद कुछ जो आने वाला भविष्य उसमें बदलाव आएगा शर्म ही कहना चाहता हूं कि हमारे गांव की जो स्कूल व्यवस्था है वह काफी खराब है जैसे कि मीडेमिल की जो व्यवस्था है वह भी बहुत धीली कर दी गई है और तो हमारे इस्कुल प्रामरी जो है ना वहां की जो टीचर्स है काफी कम है जितने टीचर्स होने चाहिए उसमें नहीं है जैसे जहां टीचर्स की संख्य 8 होनी चाहिए उसमें अगर दो कर जाए तो बच्चे पढ़ पाएंगे मैं तो सेट में पर जो है वहां पर जो है वहां पर जो है वहां की सिख्षा बेवस्ता काफी खराब है मैं कहना चाहता हूं सरकार से आपके ओल अपने मतलब जारखण राज्जी है तो जो मैंने उसको मैं सुधारी हर जगह जाए का देखने कोशिश कीजिए अपने चाहते हैं कि अगर आप एक जगह सुधारने चाहिएगा तो हमारा जारखण राज्जी कभी आगे नहीं बढ़ेगा अगर आप जाते हैं कि जारखंड आगे बढ़े तो हर जगह जाकर जांच कीजिए आपके सरकार हर जगह जांच करना चाहिए इनकी बात इधर ठीक है कि पहले तो एडुकेशन सिस्टम वैसे भी चौपट है और जो थोड़ा बहुत एडुकेशन सिस्टम है भी वह सिर्फ चीज पर केंद्रित क्यों है राजधानी के निर्द्रित क्यों है क्यों दूर तरह के और जिले सार्खंड के वहां वह सिस्टम क्यों नहीं पहुंच पा रहा यह नज़वानी बात पूछ रहा है अच्छा आप लोग मतलब अपने स्कूलों में जाते हो मोबाइल वहां के बच्चों को देखते होगे कि वह कैसी पढ़ाई करते हैं तो उनको देखकर आप लोगे भी आधे हम को सब्सक्राइब आप लोगों को ऐसा लगता लेकिन झार्केण में यह सक्षम नहीं है यहां का जो स्थिति है जो यहां पर स्कूल लोग है नाम लोग ही जो दीदी वह लोग पढ़ लिख रही है पापा मेहनत उन्हें कर रहे हैं हर बार एग्जाम देती है लेकिन फिर ओबीसी के तरह प्रेसेंटेज आता है लेकिन नहीं हो पाता क्योंकि झारकेंड का बहुत खराब रूल है यह बोलना चाहिए पूरा भारत का सबसे खराब रूल झारकण में अब जी एडिकेशन सिस्टम को लेकर के मतलब सिफ पढ़ाई को लेकर के बहुत खराब यहां का यहां पर जैसे हम लोग जैसे स्टूडिंग को सपोर्ट करने के यहां बहुत लोग आए हैं हमें कहें कि और भी जितने लोग इस वीडियो के चैनल के माध्यम से आएए और यहां पर जितने भाईया लोग बैठे हुए भूख कर रहे आप अपना आवाज उठा रहे अपना गर्मी में बैठे हुए हैं आइए और इनका सपोर्ट कीजिए यह लोग बात हाथ ही ह्राडि-वार कर दिया है जो बातों बोल रहे ने उसको सुनकर क्या समझ में आया है लगभग रॉप्स तरफ यहां पर क्या है है जान ली जब बच्चों बात कर रहा हूं ऐसा इसको नहीं है सरकार का इसको उसमें एक चीज समाल रहा है ठीक है और यहां पर यहां पर यहां पर पर क्या हुआ था जिसको सब्जेक्ट कोई नोलेज नहीं है कुछ आता जाता नहीं है और वह पैसे देखे का आप कर लिया नूकरी ले लिया है लोग यह बात सुनते हैं जो भाईया लोग बोल रहे हैं कि पैसा देकर नौकरी मिलती है आप लोग बात मैंने कर दी बच्चों से बात कर रहा हूं यह आप लोगों से अभी दिल घंटा बात की है सारे मुद्दे जो आप पताने सब आ गए हैं उसमें आप देखिए वीडियो तो जैसे भागिया लोग बोल रहे हैं कि पैसा देकर नौकरी मिलती है सुना आप रोकेगा आपको पचास रुपए देना है बस पचास रुपए कोई भी नोट आप तुरंच छूट जाइएगा वह यह बहुत करिएगा तो आपका इसबाद रुघा में गुश लिया सकता है, इतना हमें पता कि कुछ चीज बंद लिया जाता है। चीज बंद लिया उत्तपूर्ण नहीं है, या फिर आप तो एक बात करेंगे।