
Summary
फरीदाबाद की प्राइवेट स्कूल में एक टीचर संध्या पर हमला, आरोपी ने चाकू से हमला किया, पुलिस ने आरोपी की पहचान किस साल की अमित के रूप में की, जो फरीदाबाद के कोट गाउं का रहने वाला है
From the report
फरीदाबाद की प्राइवेट स्कूल में एक आम सुबह उस वक्त खौफना घटना में बदल गई जब एक मास्क पहने यूवक स्कूल पहुँचा एक टीचर को उनका नाम लेकर बाहर बुलाया और उनके सामने आते ही चाकू से हमला कर दिया पूरी घटना स्कूल के CCTV में रिकॉर्ड हो गई और कुछी घंटों में पूरे देश में चर्चा का विशय बन गई क्या है ये पूरा मामला जानेंगे आज के इस वीडियो में हाई मैं हूँ प्रगती और आप देख रहे हैं जिस्ट घटनब 4 आउगस्थ की सुबह फरीदाबाद के सिकरोना गाउं स्थितिक प्राइवेट स्कूल में हुई रतकी बैचान 30 साल की संध्या के रूप में हुई जो इसी स्कूल में टीचर थी मीडिया रिपोर्ट्स के मताबिक उस सुभा स्कूल में रोज की तरह पढ़ाई शुरू हो चुकी थी बच्चे अपनी-अपनी क्लास में थे और टीचर्स भी अपने काम में बिजी थे तभी सुबह करीब 9.30 बजे एक युवक चहरे पर मास्क लगाकर स्कूल के गेट पर पहुचा स्कूल प्रशार्षन के मुताभिक युवक ने स्टाफ से कहा कि उसे संधिया से मिलना है उसने ये भी बताये कि संधिया के पती विक्की उनसे मिलने आए है स्टाफ को इसमें कुछ भी असामान्य नहीं लगा इसलिए उन्होंने संधिया को इसकी जानकारी दी और वो उससे मिलने के लिए गेट की तरफ चली गई CCTV फुटेज के मताबिक यूवक पहले से स्कूल के परीसर में मौजूद था और संध्या के आने का इंतिजार कर रहा था जैसे वो उसके पास पहुँची उसने उन्हें इशारे से बाहर बुलाया और अगले कुछ सेकिन में उन पर हमला कर दिया पूरी घटना स्कूल में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई CCTV footage के आधार पर कई media reports में दावा किया गया कि R.O.P. ने कुछ ही second के भीतर संध्या पर लगातार कई वार किये NGTV के एक report के मताबिक R.O.P. ने करीब 30 second के अंदर उनके चहरे, गर्दन और सीने पर 30 से जादा वार किये हालंकि पुलिस ने अब तक इस संख्या की आधिकारिक पुष्टी नहीं की है पोस्ट मॉर्टम और जाच की प्रकरिया के बाद ही इस बारे में सपश जानकारी सामने आएगी स्कूल के एडमिनिस्ट्रेटर ने मीडिया को बताया कि वो उस समय अपने ओफिस में मौजूद थे करीब 9.30 बजे उन्हें बाहर से चीखने की आवास सुनाई दी जब वो मौके पर पहुँचे तो उन्होंने देखा कि संध्या कमभीर रूप से घायल थी और आरोपी वहाँ मौजूद था। उन्होंने बीच बचाव करने की कोशिश की लेकिन आरोपी उनकी तरफ भी बढ़ा अपनी सुरक्षा को देखते हुए उन्हें पीछे आठना पड़ा। वादात को अंजाम देने के बाद आरोपी बिना नंबर प्लेट वाली मोटर साइकल पर वहाँ से भाग निकला। CCTV जाच में पुलिस को जल्दी ऐसे सुराग मिले जिनसे ये मामला किसी अचानक हुए हमले का नहीं बलकि कथित तौर पर पहले से तैय योजना का लगने लगा जाच आगे बढ़ी तो पुलिस की टीम एक ऐसे यूवक तक महुची जिसका नाम इससे पहले भी संधिया के साथ जुड़ चुका था कुछी घंटों के अंदर आरोपी की पहचान हुई उसकी गिरफतारी हुई और पूछताच में इस मामने से जुड़े कई एहम पहलू सामने आने लगे पुलिस ने आरोपी की पहचानी किस साल की अमित के रूप में की जो फरीदाबाद के कोट गाउं का रहने वाला है शुरुवाती जाच के मताबिक अमित और संधिया एक दूसरे को पहले से जानते थे पुलिस का कहना है कि करीब दो साल पहले दोनों की पहचान हुई थी इसके बाद अमित कई बार संधिया से बात करने की कोशिश करता रहा लेकिन संधिया ने उसमें कोई दिल्चस्पी नहीं दिखाई इसके बावजूद आरोपी उनका पीछा करता रहा और बार-बार संपर करने की कोशिश करता रहा जाच में सामने आया कि लगतार हो रही इस हरकत से परेशान होकर संधिया ने उसे कई बार मना किया था पुलिस के मताबिक कुछ दिन पहले उन्होंने आरोपी के खिलाफ छेड़ छाड़ की शिकायत भी दर्ज कराई थी इस मामले में पूछताच के दोरान अमित ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी जिसके बाद मामला वहीं खत्म हो गया था लेकिन पुलिस का मानना है कि आरोपी ने इस घटना को अपनी बेस्ती के तौर पर लिया और तबी से बदला लेने की योजना बनाने लगा पुलिस की शुरुवाती जाच के मताबिक वारदात वाले दिन भी अमित पूरी तयारी के साथ स्कूल पहुँचा था जाच अधिकारियों को कहना है कि उसने अपना चेहरा मास्क से धखा हुआ था ताकि आसानी से पहचाना ना जा सके इतना ही नहीं उसने स्कूल स्टाफ का भरोसा जीतने के लिए संध्या के पती विक्की का नाम लिया और यही बहाना बनाकर संधिया को बाहर बुलवाया पुलिस का मानना है कि यह तरीका अचानक नहीं अपनाया गया बलकि पहले से सोच समझ कर चुना गया था गटना के बाद पुलिस ने इलाके में लगी CCTV कैमरो की फुटेज खंगालनी शुरू की स्कूल के अंदर के अलावा आसपास की सडकों और रास्तों पर लगे कैमरों को भी देखा गया ताकि आरोपी के आने और भागने का पूरा रूट पता लगाया जा सके इसे दोरान पुलिस को कुछ एहम सुराग मिले जिनके आधार पर आरोपी तक महचने में मदद मिली पुलिस का दावा है कि वारदात के करीब दो घंटे के अंदर ही अमित को गिरफतार कर लिया गया पुष्टाच के दोरान उसने हत्या की बात सुखार की है या नहीं इस पर पुलिस की तरफ से आधिकारिक बयान और जाच की प्रकरिया आगे बढ़ रही है। साथी post mortem report, digital सबूत और CCTV footage को भी जाच का एहम हिस्सा बनाया गया है ताकि अदालत में पेश किये जाने वाले सबूत पूरी तरह मजबूत हो इसी माबला में कारवाई करते हैं क्राइन ब्रांच AVTS की जो हमारी टीम है जैसे ग्रोना के लिए ही पॉसिट है आरोपी इसे गिरफ्तार किया गया है उसका नाम अमित है और उठ गाउं का वो रहने वाला है परिणावर्त पर आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी इस मामले से जुड़े कई सवाल अभी बाकी है अगर पीडिता ने पहले शिकायत दरश कर आई थी तो उसके बाद क्या कारवाई हुई? क्या आरोपी लगतार उनकी गतिविदियों पर नजर रख रहा था? उसे स्कूल की दिनचरिया और संध्या के पहुँचने का समय कैसे पता था? और क्या इस वारदात को पहले रोका जा सकता था? इन सबी सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जाच और चार्चीट के बाद ही पूरी तरह साफ हो पाएंगे इस मामले में आरोपी की गिरफतारी के बाद जाच अब सिर्फ हत्या तक सीमित नहीं रह गई पुलिस अब ये समझने की कोशिश कर रही है कि क्या ये अपराद लंबे समय से बनाई गई योजना का हिस्सा था या फिर आरोपी ने अचानक फैसला लिया इसके लिए पुलिस आरोपी के फोन, उसकी कॉल डिटेल, लोकेशन हिस्ट्री और डिजिटल गतिविदियों की भी जाच कर रही है अगर उसने घटना से पहले किसी से बाचीट की थी और स्कूल के आसपास पहले भी आया था तो उसके सबूत भी जुटाए जा रहे हैं आई विटनेसेस से पूछताज की जा रही है ताकि घटना के हर मिनट की टाइम लाइन तैयार की जा सके फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से कई सैंपल जुटाएं जिनकी जांच रिपोर्ट का इंतजार है फोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी इस मामले में एहम रजिस्टर और सीचीटीवी कैमरे होते हैं लेकिन इस मामले में आरोपी स्कूल परिसर तक पहुंच गया और उसने स्टाफ को अपने जहांसे में भी ले लिया ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या विजिटर की पहचान ठीक से जाची थी कि किसी पहचान पत्र की मांग की गई थी और क्या स्कूल में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल और मजबूत किए जाने की जरुरत है यह मामला एक बार फिर महिलाओं के खिलाफ स्टॉकिंग और लगतार होने वाले उत्पीडण लेकर बहस शेड रहा है कई मामलों में शिकायत दर्ज होने के बावजूद आरोपी पीडी तक पीछा करना नहीं छोड़ते हालंकि हर मामले की परिस्थितिया अलग होती है लेकिन विशेषक या लंबे समय से कहते रहे हैं कि ऐसी शिकायतों को शुरुवाती स्तर पर गंभी भारत में जुलाई दो हजार 24 से लागू भारतीय न्याय संहीता यानी बीएनेस 2023 में स्टॉकिंग को एक अलग अपराद के रूप में परिभाषित किया गया है बीएनेस की धारा 78 के मुताबिक अगर कोई पुरुष किसी महिला के स्पष्ट सबसे मना करने के बावजूद उसका पीछा बार-बार करता है उससे व्यक्तिगत संपर्क बनाने की कोशिश करता है उसके ऑनलाइन गतिविधियों जैसे ईमेल या अनएलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर लगतार निगरानी रखता है तो यह कांखिंग की काटेगरी में आ सकता है धलकि कानून में कुछ अफ़ाद भी दिए गए हैं अगर ऐसा किसी अपराध की जांच कानून के पालन या किसी दूसरी जिंग्र कानूने जिम्मदारी के तहत किया जा रहा हो तो से टॉकिंग माना जाएगा. इस अपराद के लिए सजा का भी प्रावधान है. पहली बार दोशी पाये जाने पर तीन साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है. अगर वही वयक्ति दोबारा इसी अपराद में दोशी पाया जाता है, तो सजा पांच साल तक बढ़ सकती है और जुर्माने क पर स्कूल की सुरक्षा वैवस्थ हमें और बदलाव की जरुरत है अपनी राय हमें कॉमेंट करके जरूर बताए देश दुनिया और आपसे चुड़ी हर खबर के लिए देखते रहे जिस्ट