
Summary
कि एमन सुरेन नहीं आ रहा है कोई आया भी तक बात करने कोई प्रतिनिति अगर शिवु सुरेन जी होती तो साथ में आंदुलन का हिस्सा भी बनते हैं अगर विपच में रहते तो और सत्ता में रहते तो अभी तक मां पूरी हो जाती क्योंकि यह अभी दिशूंग गुरूशी बुश्वरेने जारखन के सर्वमान्य नेता है इनका जगा को जुग जुग कोई ने ले सकता है
“गुरुजी से वुश्वरण नहीं है तो किसी को लड़ना पड़ रहा है”From the report
कि एमन सुरेन नहीं आ रहा है कोई आया भी तक बात करने कोई प्रतिनिति अगर शिवु सुरेन जी होती तो साथ में आंदुलन का हिस्सा भी बनते हैं अगर विपच में रहते तो और सत्ता में रहते तो अभी तक मां पूरी हो जाती क्योंकि यह अभी दिशूंग गुरूशी बुश्वरेने जारखन के सर्वमान्य नेता है इनका जगा को जुग जुग कोई ने ले सकता है अभी तक हम रहा दबाव आ रहा है सरकार के तरफ से कि आप अपना भोखरताल छोड़ दिजिए आप एक आंदोलन का बर्तमान समय का बड़ा सवरूफ है क्यूंकि हमको कै बार विर्षा मुंडा के रूप में भी जोड़ा जाता है क्यूंकि अभी तो शरीर में भगवान विर्षा मुंडा नहीं है, निर्मल मातो नहीं है विंओध बिहारी मातो नहीं है गुरुजी से वुश्वरण नहीं है तो किसी को लड़ना पड़ रहा है वह वह हम लड़ाई का ज्विवारी आज से नहीं यह सरीर जो सुखा हुआ देख रहा है मेरा मां का जाना मेरा बाल बढ़ना मेरा यह स्थिति और कई आंदरण को सफल भी पर जो कि राजनीतिक पार्टी है जैराम महतोगी पार्टी है उससे भी आपका जोड़ा हो रहा है अब बहुत लोग इसको राजनीति जोड़कर देख रहे हैं लोग कई रूप में महात्मा गांधी भी किसी पार्टी से जुड़े थे लेकिन उसको पार्टी के प्रधादिकारी के तरच पर नहीं देखा जाता है देश में वह बापु के रूप में सर्वमाणिन एक आइंसा और सक्यों के रास्तिय के रूप में उनको याद करते हैं और सभी राजनीतिक दल उनको आदर्श मानते हैं भारती पूरा दुनिया मानती है उसी परकार हम भगत सिंह की बात करें सुबाश चंद्र बोस की बात करें कि विर्षामुंडा की बात करें सब कोई कुछ ना कुछ संगठन में होते हैं